रांची पुलिस की मानवीय पहल सरहुल की भीड़ में बिछड़े मासूम को परिवार से मिलाया, खाकी का दिखा मददगार चेहरा
रांची पुलिस के जवान सरहुल की भीड़ में बिछड़े बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंपते हुए।

रांची पुलिस के जवान सरहुल की भीड़ में बिछड़े बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंपते हुए।
रांची: राजधानी रांची में प्रकृति पर्व 'सरहुल' के उल्लास के बीच एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई। शोभायात्रा की भारी भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़े एक मासूम बच्चे को रांची पुलिस ने न केवल सुरक्षित संरक्षण दिया, बल्कि तत्परता दिखाते हुए उसे वापस उसके परिवार तक पहुँचाया। पुलिस की इस मानवीय संवेदना ने शहरवासियों का दिल जीत लिया है और सोशल मीडिया पर प्रशासन की जमकर सराहना हो रही है।
भीड़ में बिछड़ गया था मासूम
जानकारी के अनुसार, दिनांक 22 मार्च 2026 को रांची के कचहरी चौक के पास सरहुल की भव्य शोभायात्रा निकाली जा रही थी। हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं और आम जनता की भीड़ के बीच एक छोटा बच्चा अचानक अपने परिवार से अलग हो गया। बच्चा घबराकर रोने लगा, जिसे देख वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों ने सक्रियता दिखाई और तुरंत ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना देते हुए बच्चे को उन्हें सौंप दिया।
कंट्रोल रूम और सोशल मीडिया का सहारा
पुलिस ने बच्चे को तत्काल सुरक्षा घेरे में लेते हुए सीसीआर (CCR) कंट्रोल रूम पहुंचाया। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर बच्चे की तस्वीर और जानकारी जिले के सभी थानों को वायरलेस के माध्यम से प्रसारित की गई। इसके साथ ही रांची पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी सूचना साझा की गई ताकि बच्चे के परिजनों तक संदेश पहुँच सके। हालांकि, देर रात तक परिवार का कोई सुराग नहीं मिल पाया, जिसके बाद बच्चे को पूरी सुरक्षा के साथ रात भर सीसीआर में ही रखा गया।
भावुक कर देने वाली पारिवारिक पृष्ठभूमि
अगली सुबह करीब 10:00 बजे सूचना मिलने पर बच्चे की दादी और मौसी सीसीआर कंट्रोल रूम पहुँचीं। परिजनों ने बताया कि बच्चे की माँ का देहांत हो चुका है और उसके पिता बीमार हैं। पिता की बीमारी के बावजूद वे बच्चे को सरहुल की खुशियां दिखाने के लिए मेन रोड लाए थे, लेकिन कचहरी चौक की भारी भीड़ में हाथ छूट जाने के कारण बच्चा लापता हो गया। परिवार ने रात भर अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन सफलता न मिलने पर वे गहरे सदमे में थे। सुबह जब बस्ती के लोगों ने पुलिस द्वारा बच्चा सुरक्षित होने की जानकारी दी, तब जाकर उनकी जान में जान आई।
एसएसपी रांची के निर्देश पर सुरक्षित घर वापसी
कंट्रोल रूम में एक अजीब स्थिति तब पैदा हुई जब बच्चा अपनी दादी और मौसी के साथ जाने में झिझक रहा था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) रांची ने विशेष निर्देश दिए। इसके बाद कोतवाली और गोंदा थाना की गश्ती दल ने पुलिस वाहन से बच्चे और उसके परिजनों को उनके आवास 'हथिया गोंदा' पहुँचाया। वहां बीमार पिता से मिलाने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चे को सुपुर्द किया गया। अपने पिता और परिवार को पाकर मासूम के चेहरे पर जो मुस्कान आई, उसने पुलिस बल की थकान मिटा दी।
सोशल मीडिया पर सराहना
झारखंड पुलिस की इस तत्परता और संवेदनशीलता की सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा है। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह रूप समाज में विश्वास पैदा करता है। परिवार ने भी नम आंखों से रांची पुलिस और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक (न्यूज़ प्रहरी)।
No comments
Post a Comment