हजारीबाग मीडिया कांड पर मंत्री इरफान अंसारी की सफाई: बोले— "बीजेपी कर रही प्रोपेगेंडा, पीड़ित परिवार के सदमे को समझना जरूरी"
पत्रकारों पर हमले के आरोपों को बताया साजिश; कहा— लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं पत्रकार, लेकिन मृतक के परिजन उस वक्त गहरे सदमे में थे।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
हजारीबाग/रांची। हजारीबाग सदर अस्पताल में पत्रकारों पर हुए हमले और उसके बाद उपजे विवाद के बीच झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए मंत्री ने इस पूरी घटना को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का प्रोपेगेंडा करार दिया और दावा किया कि सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है।
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| Mantri Irfan Ansari social media photo |
"मैं आंसू पोंछने गया था, राजनीति करने नहीं"
मंत्री इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया कि वे हजारीबाग में मृतक के परिवार को सांत्वना देने और उनके आंसू पोंछने गए थे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार उस वक्त गहरे सदमे में था। मृतक के भाई ने स्वयं मीडिया से कहा था कि उनका परिवार पूरी तरह टूट चुका है और वे बार-बार पूछे जा रहे सवालों के जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। मंत्री के अनुसार, इसी दौरान कुछ 'हल्का-फुल्का' विवाद हुआ, जिसके बाद वे तुरंत वहां से निकल गए थे।
बीजेपी पर लगाया ध्यान भटकाने का आरोप
मंत्री ने कड़े शब्दों में बीजेपी की निंदा करते हुए कहा कि उनके नाम को इस विवाद के साथ जानबूझकर जोड़ा जा रहा है ताकि असली मुद्दे से ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हजारीबाग की उस जघन्य घटना को दबाने के लिए कोई बड़ी साजिश रची जा रही है?
पत्रकारों के सम्मान और लोकतंत्र पर राय
पत्रकारों के प्रति अपना रुख स्पष्ट करते हुए इरफान अंसारी ने कहा, "पत्रकार हमारे लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं और हमें उनका सम्मान करना चाहिए।" हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उस समय पीड़ित परिवार की मानसिक स्थिति बेहद खराब थी, जिसे समझना मीडिया के लिए भी जरूरी था।
न्याय का दिलाया भरोसा
अपने वक्तव्य के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि वे सच्चाई को सामने लाकर रहेंगे। उन्होंने वादा किया कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर ही दम लेंगे।

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