कटकमदाग में महुआ शराब बनाने के दौरान दर्दनाक हादसा, सेप्टिक टैंक की जहरीली गैस से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, एक गंभीर
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
कटकमदाग (हजारीबाग)। हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मंगलवार की रात एक अर्द्धनिर्मित सेप्टिक टैंक के भीतर दम घुटने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस सामूहिक मौत की खबर के बाद से पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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| Katkamdag Septic Tank Accident Hazaribagh |
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटकमदाग थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अर्द्धनिर्मित (आधे बने हुए) सेप्टिक टैंक के भीतर गुपचुप तरीके से अवैध महुआ शराब बनाने का काम किया जा रहा था। मंगलवार रात जब शराब बनाने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक गहरे और बंद टैंक के अंदर अत्यधिक जहरीली गैस बन गई और ऑक्सीजन का स्तर पूरी तरह खत्म हो गया।
टैंक के भीतर गए व्यक्ति की स्थिति बिगड़ती देख, उसे बचाने के चक्कर में एक के बाद एक परिवार के अन्य लोग भी टैंक के अंदर प्रवेश कर गए। जहरीली गैस का प्रकोप इतना भयानक था कि जो भी अंदर गया, वह वहीं अचेत हो गया और अंततः तीन लोगों की तड़प-तड़प कर जान चली गई।
मृतकों और घायलों की हुई पहचान
इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले और घायल होने वाले सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार की गई है:
मृतकों के नाम:
चमेली देवी (मां)
रवि साव (पुत्र, चमेली देवी का बेटा)
मदन साव
गंभीर रूप से घायल: आनंद साव (हालत चिंताजनक)
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल आनंद साव को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SBMCH), हजारीबाग के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
प्रशासन की नागरिकों से अपील और सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय प्रबुद्ध जनों और पुलिस प्रशासन की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि महुआ शराब को खमीर (Ferment) करने और पकाने के लिए सेप्टिक टैंक के संकरे व बंद स्थान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। बंद और गहरे गड्ढों में महुआ के सड़ने से अत्यधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी जहरीली गैसें बनती हैं, जो चंद मिनटों में इंसान की जान ले सकती हैं।
इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से कड़ी अपील की है कि वे किसी भी अर्द्धनिर्मित कुएं, सेप्टिक टैंक या पूरी तरह से बंद गहरे स्थानों में बिना किसी पुख्ता सुरक्षा उपायों और ऑक्सीजन मास्क के प्रवेश बिल्कुल न करें। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि बंद स्थानों में काम करते समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना कितना आत्मघाती साबित हो सकता है। फिलहाल स्थानीय पुलिस मामले की छानबीन और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

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