हजारीबाग समाहरणालय से उपायुक्त हेमंत सती ने पांच एलईडी जागरूकता वैन को दिखाई हरी झंडी, नशा मुक्ति के लिए जिला प्रशासन का बड़ा कदम
"15 से 26 जून तक चलने वाले राज्यव्यापी अभियान के तहत हाट-बाजारों, स्कूलों और चौराहों पर दिखाई जाएंगी लघु फिल्में; सदर एसडीओ आदित्य पांडेय ने की युवाओं को सुरक्षित रखने की अपील"— विशेष प्रशासनिक रिपोर्ट
प्रशासनिक ब्यूरो, हजारीबाग:
झारखंड सरकार के निर्देशानुसार निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ पूरे राज्य में एक विशेष अभियान की शुरुआत हो चुकी है। इसी कड़ी में हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा 15 जून से 26 जून 2026 तक चलाए जा रहे राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने समाहरणालय परिसर से संयुक्त रूप से पांच आधुनिक एलईडी (LED) जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया। यह सभी वैन जिले के विभिन्न शहरी, अर्ध-शहरी और सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर आम नागरिकों को मादक पदार्थों के घातक दुष्प्रभावों तथा नशामुक्त जीवन के महत्व के प्रति सीधे तौर पर जागरूक करेंगी।
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| Hazaribagh DC Hemant Sati flags off LED Vans |
लघु फिल्मों और ऑडियो-वीडियो संदेशों से दी जाएगी सामाजिक व आर्थिक नुकसान की जानकारी
सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 371 के अनुसार, इस विशेष अभियान के अंतर्गत सभी पांच एलईडी वैन के माध्यम से जनजागरूकता संबंधी विशेष लघु फिल्में, प्रेरणादायक ऑडियो-वीडियो संदेश एवं अन्य सरकारी प्रचार सामग्रियां प्रदर्शित की जाएंगी। जिला प्रशासन की योजना के अनुसार, ये वाहन जिले के प्रमुख विद्यालयों, महाविद्यालयों (कॉलेजों), व्यस्त हाट-बाजारों, पंचायत क्षेत्रों, मुख्य चौक-चौराहों तथा अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर रुकेंगे। वहाँ उपस्थित लोगों को निषिद्ध मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दुष्परिणामों की विस्तृत व व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
जागरूकता और जनसहभागिता से ही संभव है नशामुक्त समाज का निर्माण: उपायुक्त हेमंत सती
इस गरिमामयी अवसर पर हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती ने उपस्थित अधिकारियों और मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मादक पदार्थों का बढ़ता सेवन किसी भी व्यक्ति, उसके परिवार और पूरे समाज के लिए एक बेहद गंभीर चुनौती है। नई पीढ़ी और युवाओं को नशे की इस आत्मघाती प्रवृत्ति से दूर रखना हम सभी की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल प्रशासनिक कड़ाई से नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता के माध्यम से ही नशामुक्त समाज के निर्माण का सर्वोच्च लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उपायुक्त ने सभी जिलेवासियों से अपील की कि वे स्वयं हर प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने आस-पास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति सजग करें।
स्कूलों और कॉलेजों के बच्चों को सामाजिक बुराइयों से बचाना प्राथमिकता: एसडीओ आदित्य पांडेय
कार्यक्रम में मौजूद सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) आदित्य पांडेय ने युवाओं की सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि युवा वर्ग और स्कूली बच्चों को नशे जैसी भयानक सामाजिक बुराइयों से सुरक्षित रखना आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के निरंतर चलने वाले डिजिटल जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को जीवन में एक सकारात्मक दिशा प्रदान करेंगे तथा उन्हें देश के स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित होने के लिए प्रेरित करेंगे। इस फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम के अवसर पर अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की पूरी टीम और समाहरणालय के अन्य कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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