नशा मुक्त हजारीबाग: नार्कोटिक्स तस्करों पर 'MANAS' का प्रहार, अब एक गुप्त सूचना से सलाखों के पीछे होंगे 'मौत के सौदागर'
हजारीबाग: जिले के युवाओं के भविष्य को नशे के अंधकार से बचाने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा 'डिजिटल वार' शुरू किया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की पहल पर अब 'MANAS' (National Narcotics Helpline) पोर्टल को सक्रिय कर दिया गया है। इस पोर्टल की ताकत यह है कि अब आम जनता बिना अपनी पहचान बताए, सीधे ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त करने में प्रशासन की 'गुप्त आंख' बन सकती है।
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| Drug Helpline Hazaribagh. |
क्यों खास है 'MANAS' पोर्टल? (प्रमुख विशेषताएं)
प्रशासन ने इस पोर्टल को 'सिटिजन सेंट्रिक' (नागरिक केंद्रित) बनाया है ताकि तस्करों के खिलाफ जन-युद्ध छेड़ा जा सके:
पहचान की पूर्ण गोपनीयता: आपकी जानकारी साझा करने के बाद प्रशासन कभी भी आपकी पहचान उजागर नहीं करेगा। आप निडर होकर सूचना दे सकते हैं।
24/7 निगरानी: यह पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर चौबीसों घंटे सक्रिय है।
सीधी कार्रवाई: प्राप्त सूचनाओं पर नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और स्थानीय पुलिस की टीमें त्वरित छापेमारी करेंगी।
इन 4 तरीकों से करें नशा माफिया का पर्दाफाश:
प्रशासन ने शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा है:
कॉल करें (Toll Free): 1933 पर कॉल कर आप सीधे ऑपरेटर से बात कर सकते हैं।
वेबसाइट लिंक: www.ncbmanas.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरें।
ईमेल रिपोर्ट: info.ncbmanas@gov.in पर साक्ष्य या फोटो भेजें।
QR कोड स्कैन: शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे QR कोड को स्कैन कर सीधे शिकायत पोर्टल पर पहुंचें।
प्रशासन का संकल्प: "निर्णायक युद्ध"
हजारीबाग जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्रग्स की अवैध खेती, बिक्री या इस्तेमाल को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि नशा माफियाओं की जड़ें समाज के बीच होती हैं, और समाज के सहयोग के बिना इस 'कैंसर' को जड़ से नहीं मिटाया जा सकता।
"हजारीबाग की धरती को नशा मुक्त बनाना हमारा साझा लक्ष्य है। आइए, एक जागरूक नागरिक बनें और इस निर्णायक युद्ध में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।"
क्या आप अपने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रशासन का सहयोग करेंगे?

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