हजारीबाग में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने को पुलिस की बड़ी पहल: नो-पार्किंग के खिलाफ चला महा-अभियान, 2 दिनों बाद कटेगा चालान
एसपी के निर्देश पर इंद्रपुरी चौक से जिला मोड़ तक पुलिस टीम ने माइक से किया जागरूक; मुख्य सड़कों, टोटो और ऑटो चालकों को नो-पार्किंग ज़ोन को लेकर दी गई सख्त हिदायत।
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यह विशेष अभियान जिले के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सी.सी.आर. के कुशल नेतृत्व में चलाया गया। अभियान को धरातल पर उतारने के लिए पुलिस उपाधीक्षक सी.सी.आर., पुलिस निरीक्षक-सह-यातायात थाना प्रभारी, 03 पुलिस पदाधिकारियों और 10 गृह रक्षकों (होमगार्ड) को मिलाकर एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
इन प्रमुख रूटों और चौराहों पर चलाया गया अभियान
गठित विशेष टीम ने शहर के उन तमाम इलाकों को कवर किया जहाँ अक्सर गलत पार्किंग के कारण भारी जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। पुलिस ने माइक से अनाउंसमेंट करते हुए इन क्षेत्रों में अभियान चलाया:
इंद्रपुरी चौक से मेन रोड झंडा चौक
पानी टंकी, पैगोडा चौक और सुंदरी मार्केट
पंच मंदिर चौक, छोटी ग्वालटोली चौक और खाजा चौक
सांसद महोदय मोड़, कल्लू चौक और जिला मोड़ तक
टोटो और ऑटो चालकों को सख्त हिदायत, दो दिनों की मोहलत
इस अभियान के दौरान पुलिस टीम ने विशेष रूप से शहर में चलने वाले टोटो और ऑटो चालकों को टारगेट किया। उन्हें कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए 'नो-पार्किंग ज़ोन' में वाहन खड़े करने या वहां सवारी चढ़ाने-उतारने से मना किया गया।
प्रशासन द्वारा शहरवासियों और वाहन चालकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यह अभियान फिलहाल केवल जागरूकता और चेतावनी के लिए है। लोगों को सुधरने के लिए दो दिनों का समय दिया जा रहा है, जिसके बाद नो-पार्किंग ज़ोन में वाहन पार्क करने पर बिना किसी रियायत के सीधे डिजिटल और मैन्युअल चालान काटने की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
✍️ शॉर्ट सम्पादकीय (Short Editorial):
शीर्षक: सिर्फ दो दिनों की मोहलत नहीं, जाम मुक्त हजारीबाग का संकल्प
हजारीबाग पुलिस द्वारा इंद्रपुरी चौक से लेकर जिला मोड़ तक चलाया गया यह नो-पार्किंग जागरूकता अभियान शहर की सबसे बड़ी समस्या—यानी 'ट्रैफिक जाम' पर सीधा प्रहार है। हजारीबाग की सड़कें वैसे ही संकरी हैं, और उस पर बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहन, बाइकें और बीच सड़क पर पैसेंजर लोड करने वाले टोटो-ऑटो इस समस्या को कई गुना बढ़ा देते हैं। ऐसे में एसपी के निर्देश पर सीसीआर डीएसपी और ट्रैफिक पुलिस द्वारा कमान संभालना और सीधे चालान काटने से पहले जनता को दो दिनों की मोहलत देकर जागरूक करना एक बेहद व्यावहारिक और सराहनीय कदम है।
अक्सर देखा जाता है कि लोग चंद मिनटों के काम के लिए अपनी गाड़ियाँ सुंदरी मार्केट या झंडा चौक जैसे व्यस्ततम रास्तों पर बीच सड़क खड़ी कर देते हैं, जिससे पीछे लंबी कतारें लग जाती हैं। पुलिस का यह प्रयास तभी सफल होगा जब शहर की जनता इसे अपनी दैनिक आदत में शामिल करेगी। हालांकि, पुलिस प्रशासन को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि दो दिनों के बाद जब चालान की प्रक्रिया शुरू हो, तो उसमें किसी भी रसूखदार या आम व्यक्ति के बीच भेदभाव न हो और यह अभियान लगातार जारी रहे। जब तक नो-पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन नहीं होगा, तब तक हजारीबाग को जाम के इस पुराने दर्द से मुक्ति दिलाना नामुमकिन होगा।

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