🕌 कटकमसांडी: छड़वा मैदान का ऐतिहासिक मुहर्रम मेला शांतिपूर्ण संपन्न; 22 गांवों के भव्य जुलूस के साथ उमड़ा जनसैलाब, हैरतअंगेज करतब रहे आकर्षण का केंद्र
कटकमसांडी (हजारीबाग): सांप्रदायिक सौहार्द, असीम आस्था और पारंपरिक जीवंतता का प्रतीक कटकमसांडी का ऐतिहासिक 'छड़वा मैदान मुहर्रम मेला' शुक्रवार को यौम-ए-आशूरा (दसवीं) के अवसर पर शांतिपूर्ण और गरिमामयी वातावरण में संपन्न हो गया। क्षेत्र में मुहर्रम का पर्व पूरी तरह से शांति, सुरक्षा और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाया गया। इस दौरान छड़वा मुहर्रम मेला परिसर में आस-पास के 22 पंचायत क्षेत्रों से शहादत की याद में बनाए गए गगनचुंबी निशान (फरहेरा) और आकर्षक ताजिया का भव्य समागम हुआ।
![]() |
| KATKAMSANDI: A panoramic view of the historic Chadwa Maidan filled with lakhs of devotees and splendid Tajiyas during the Muharram festival. (Photo: News Prahari) |
🥁 22 अखाड़ों के मिलान से गूंज उठा छड़वा मैदान; उमड़ी लाखों की भीड़
शुक्रवार दोपहर से ही विभिन्न गली-मोहल्लों और ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कराते हुए विभिन्न गांवों के 22 अखाड़ेधारी अपने-अपने पारंपरिक साजो-सामान के साथ मुख्य मेला स्थल की ओर बढ़ने लगे। इनमें मुख्य रूप से:
खुटरा, सुलमी, हेदलाग, बलियंद, गदोखर वन, गदोखर टू, पबरा, लुपूंग, पिचरी, रोमी, डाड़, सारूगाड़ु, नवादा, डुकरा, हरना, कवातु, गोविंदपुर, भुसवा, पकरार एवं मंडई गांव के जुलूस शामिल थे।
इस्लाम धर्मावलंबियों द्वारा गाजे-बाजे और मातमी धुनों के बीच 'या अली, या हुसैन' के गगनभेदी नारों के साथ जुलूस लेकर छड़वा मैदान में प्रवेश किया गया। शाम करीब चार बजे तक पूरा छड़वा मैदान अकीदतमंदों और दर्शकों की भीड़ से खचाखच भर गया। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़े से आए खिलाड़ियों और युवाओं ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों जैसे लाठी, डंडा, तलवार और पट्टे बाजी का प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाए, जो मैदान में उपस्थित लाखों लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बने रहे।
👮 हाईटेक सुरक्षा: RAF, जिला बल और ड्रोन-CCTV से रखी गई चप्पे-चप्पे पर नजर
मेले में सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था को सुचारू ढंग से बनाए रखने के लिए हजारीबाग जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम किए गए थे। मेले के हर कोने में जिला बल और सीआरपीएफ (CRPF) के सशस्त्र जवान व अधिकारी मुस्तैद दिखे। इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के महिला और पुरुष जवानों की विशेष टुकड़ी पूरे मेला परिसर में लगातार गश्त कर रही थी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की डिजिटल निगरानी की जा रही थी।
🤝 उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित आला प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
मेले की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए जिले के कई वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पूरे समय मेला स्थल पर डटे रहे। शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर छड़वा मुहर्रम कमेटी द्वारा उपस्थित अतिथियों और अधिकारियों को पगड़ी व माला पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले अधिकारियों में मुख्य रूप से:
हजारीबाग उपायुक्त (DC) हेमंत सती, प्रशिक्षु आईएएस पूर्वा अग्रवाल, आरक्षी अधीक्षक (SP) अमन कुमार।
एएसपी अमित कुमार, डीएसपी (हेडक्वार्टर) ज्ञान रंजन, डीएसपी (सीसीआर) अरमानूल हक।
पुलिस निरीक्षक सपन कुमार महथा, डीटीओ संतोष चौधरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पूजा कुमारी, अंचल अधिकारी (CO) अनिल कुमार गुप्ता तथा पेलावल ओपी प्रभारी बिट्टू रजक शामिल रहे।
🏆 मुहर्रम कमेटी और विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने में मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नौशाद खान उर्फ डिस्को, उपाध्यक्ष बाबर अंसारी, सचिव कमालउद्दीन इराकी, अकमल अंसारी, कोषाध्यक्ष शेख इत्तेफाक हुसैन और मीडिया प्रभारी निसार खान सहित सभी सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही। इस उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए 'अजीम आर्ट पॉइंट फ्लेक्स प्रिंट' के संचालक अजीम अंसारी द्वारा कमेटी के पदाधिकारियों को मोमेंटो (स्मृति चिन्ह) देकर सम्मानित किया गया। वहीं, डाड़ ग्राम के मुखिया मोहम्मद इरशाद के द्वारा भी कमेटी को कप देकर प्रोत्साहित किया गया। मेले में सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी और जीवंत मिसाल तब देखने को मिली, जब चार पीढ़ियों से मुहर्रम मना रहे अंतू साव के ताजिया जुलूस ने मैदान में प्रवेश किया, जिसकी सभी ने खूब सराहना की।
मेले में कटकमसांडी सरकारी अस्पताल से आए डॉ. भूषण राणा तथा डॉ. वेद प्रकाश पाठक की मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से अपनी महत्वपूर्ण और सराहनीय सेवाएं प्रदान कीं।
👥 राजनीतिक एवं सामाजिक दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति
ऐतिहासिक छड़वा मेले में कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे, जिन्हें कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया। अतिथियों में: कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री जय प्रकाश भाई पटेल, झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जय शंकर पाठक, सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह, पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, प्रदेश कोऑर्डिनेटर विनोद कुशवाहा, प्रदेश सचिव रेणू कुशवाहा, समाजसेवी बाबर कुरैशी, नगर निगम के पूर्व प्रत्याशी सरफराज अहमद, तसलीम अंसारी, राजा मोहम्मद, मनीष ठाकुर, अशोक राणा, पन्नू महतो, मनोज मोदी, अजय राधा उपस्थित थे।
इसके साथ ही सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष टिंकू खान, महासचिव इरफान भाई उर्फ काजू, उपाध्यक्ष परवेज अहमद, वीरेंद्र कुमार सिंह, दिगंबर प्रसाद मेहता, संजर मल्लिक, शमशेर आलम, नरसिंह प्रजापति और अयान रजा भी मुख्य रूप से शामिल हुए।
इस भव्य और ऐतिहासिक समागम में संरक्षक अनवारूल हक, मोख्तार अहमद, अखाड़ेधारियों में मोहम्मद सिराजुद्दीन, कलाम अंसारी, असलम खान, गुलाम शाबिर उर्फ बबलू, इसरैल खान, मोहम्मद रुश्तम, मोहम्मद ताहिर, मोहम्मद इम्तियाज, मोहम्मद खालिक, मोहम्मद समसुद्दीन, मोहम्मद मुस्ताक, खातो मियां, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद नसीम, खालिद इकबाल, गुलाम हुसैन, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद अनवर सहित लाखों की संख्या में महिला, पुरुष, वृद्ध और बच्चे उपस्थित थे।
.png)
No comments
Post a Comment