🏛️ हजारीबाग: अवैध RO वाटर प्लांटों पर नगर निगम का बड़ा शिकंजा; बाबूगांव में औचक छापेमारी, बिना लाइसेंस चल रहे संचालकों से वसूला भारी जुर्माना
हजारीबाग: शहरवासियों को शुद्ध और मानक के अनुरूप पेयजल मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए हजारीबाग नगर निगम ने अवैध रूप से फल-फूल रहे जल कारोबारियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम की विशेष टीम ने शहर के बाबूगांव क्षेत्र में बिना पंजीकरण और आवश्यक मानकों के संचालित हो रहे रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) जल विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी अभियान चलाया। इस औचक कार्रवाई के दौरान सरकारी नियमों और तय गाइडलाइंस का सरेआम उल्लंघन करने वाले प्लांट संचालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया। नगर निगम की टीम ने मौके पर ही नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों से कुल 6000 रुपये की जुर्माने की राशि वसूली।
![]() |
| हजारीबाग: बाबूगांव क्षेत्र में बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे आरओ वाटर प्लांटों की जांच कर जुर्माना वसूलती हजारीबाग नगर निगम की टीम। (फोटो: न्यूज़ प्रहरी) |
🏬 झारखंड नगरपालिका अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई; पूर्व में दी गई चेतावनी को संचालकों ने किया था नजरअंदाज
नगर निगम द्वारा की गई यह बड़ी दंडात्मक कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 204 एवं 209 तथा "रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) वाटर उपचार संयंत्र संचालन एवं अनुज्ञप्ति नियमावली, 2024" के तहत पूरी तरह विधिसम्मत तरीके से अंजाम दी गई है। निगम प्रशासन ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पूर्व में ही सार्वजनिक सूचना और नोटिस जारी कर शहर के सभी आरओ प्लांट संचालकों को अनिवार्य रूप से अनुज्ञप्ति (वैध लाइसेंस और पंजीकरण) प्राप्त करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई मनबढ़ संचालक बिना किसी वैध कागजात और लाइसेंस के ही धड़ल्ले से पानी बेचने का व्यावसायिक कारोबार कर रहे थे। छापेमारी के दौरान जिन भी प्रतिष्ठानों के पास वैध अनुज्ञप्ति या मानक से जुड़े दस्तावेज नहीं पाए गए, उन पर तुरंत आर्थिक दंड लगाया गया।
🛑 जल्द पंजीकरण कराने की आखिरी चेतावनी; शहर के विभिन्न इलाकों में रोजाना चलेगी विशेष जांच और छापेमारी
निगम प्रशासन ने कार्रवाई के साथ-साथ सभी डिफ़ॉल्टर संचालकों को अंतिम चेतावनी दी है कि वे बिना किसी देरी के जल्द से जल्द अपने आवश्यक दस्तावेजों और निर्धारित सरकारी शुल्क के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचकर अपना आधिकारिक पंजीकरण सुनिश्चित करा लें। अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि बिना वैध लाइसेंस के आरओ प्लांट का संचालन करना कानूनन अपराध और नियमों का घोर उल्लंघन है। शहर की जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए नगर निगम का यह विशेष निरीक्षण एवं जांच अभियान अब लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में नगर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में रोजाना इसी तरह की औचक छापेमारी की जाएगी और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ भविष्य में प्लांट सील करने सहित और भी कठोर विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

No comments
Post a Comment