🏛️ हजारीबाग: आदिवासी बालिका छात्रावास में पेयजल संकट पर बड़ा एक्शन; ज्ञापन मिलते ही हॉस्टल पहुंचे जिला कल्याण पदाधिकारी, जांच के बाद दिए कड़े निर्देश
हजारीबाग: कृष्ण वल्लभ महिला महाविद्यालय परिसर में स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में लंबे समय से गहराए पेयजल संकट को लेकर प्रशासनिक महकमे में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। छात्रावास में रह रही 200 से अधिक आदिवासी छात्राओं को स्वच्छ पानी के लिए होने वाली भारी दिक्कतों के मद्देनजर राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय संयोजक विक्की कुमार धान ने प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव को एक मांग पत्र सौंपा। मामले की गंभीरता और छात्राओं की सेहत से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए कल्याण विभाग तत्काल 'ऑन द स्पॉट' हरकत में आया। प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त होते ही बिना किसी देरी के सीधे आदिवासी बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया, जिससे संबंधित एजेंसियों और लापरवाह कर्मियों में खलबली मच गई है।
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| हजारीबाग: कृष्ण वल्लभ महिला महाविद्यालय स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में पेयजल संकट की शिकायत पर खुद हॉस्टल पहुंचकर छात्राओं से बात करते प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव। |
🏬 चापाकल से निकल रहा लाल और दूषित पानी; पढ़ाई छोड़ बाहर से पानी लाने को मजबूर हैं छात्राएं
पूरे मामले की विस्तृत पृष्ठभूमि साझा करते हुए राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय संयोजक सह पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान ने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया कि छात्रावास परिसर में पानी की घोर किल्लत है। पेयजल की पर्याप्त और सुचारू व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्राओं को प्रतिदिन भीषण कठिनाइयों से दो-चार होना पड़ रहा है। पानी भरने के लिए लंबी कतारों में प्रतीक्षा करनी पड़ती है, जिसके कारण कई बार छात्राओं को अपनी अनिवार्य पढ़ाई छोड़कर बाहर से पानी ढोकर लाना पड़ता है। इससे उनकी शिक्षा तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम भी बढ़ रहे हैं। यह बात भी प्रमुखता से सामने आई कि छात्रावास परिसर स्थित चापाकल से लगातार लाल रंग का दूषित और आयरनयुक्त पानी निकल रहा है। यदि समय रहते इस समस्या का वैज्ञानिक समाधान नहीं किया गया, तो हॉस्टल में जलजनित बीमारियों का प्रकोप फैलने का खतरा बढ़ सकता है। विक्की कुमार धान ने दो टूक कहा कि आदिवासी छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
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| हजारीबाग: कृष्ण वल्लभ महिला महाविद्यालय स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास में पेयजल संकट की शिकायत पर खुद हॉस्टल पहुंचकर छात्राओं से बात करते प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव। |
🛑 जिला कल्याण पदाधिकारी ने लिया सुविधाओं का जायजा; समयबद्ध कार्ययोजना के तहत स्थायी समाधान का भरोसा
विक्की कुमार धान द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से जलापूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच कराने, शुद्ध पेयजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने, आवश्यकता पड़ने पर नए डीप बोरवेल, जलमीनार अथवा पाइपलाइन का निर्माण कराने तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई गई। हॉस्टल पहुंचे प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी महेंद्र छोटन उरांव ने छात्राओं के कमरों और परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने सीधे पीड़ित छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना तथा पेयजल के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति, बाउंड्री वॉल की सुरक्षा सहित अन्य आधारभूत कमियों का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस गंभीर समस्या की विस्तृत जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे, ताकि छात्राओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन की इस त्वरित और सकारात्मक पहल के बाद अब लंबे समय से प्रताड़ित हो रही छात्राओं को शीघ्र राहत मिलने की एक बड़ी उम्मीद जगी है।


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