हजारीबाग: विश्व स्तनपान सप्ताह पर HZB आरोग्यम कुणाल अस्पताल में भव्य जागरूकता कार्यक्रम, माताओं को दिया गया सही पोषण और देखभाल का संदेश
हजारीबाग। विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week) के अवसर पर इमली कोठी स्थित एचज़ेडबी (HZB) आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल में बुधवार को एक दिवसीय निःशुल्क स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं, नवप्रसूता माताओं एवं उनके परिजनों ने हिस्सा लिया।
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| Breastfeeding awareness session for mothers at HZB Aarogyam Kunal Hospital Hazaribagh |
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माताओं को स्तनपान के वैज्ञानिक महत्व, नवजात के संपूर्ण पोषण और मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।
खेल-खेल में दी गई स्तनपान और नवजात देखभाल की जानकारी
आयोजन को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्तनपान विषय पर आधारित प्रश्नोत्तरी (Quiz) प्रतियोगिता, मनोरंजक खेल एवं विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
- सही तकनीक और पोषण: खेल-खेल में माताओं को स्तनपान कराने की सही विधि, शिशु को गोद में पकड़ने की उचित स्थिति (Latching & Positioning), संतुलित पोषण तथा नवजात के स्वस्थ विकास से जुड़ी बारीकियों को समझाया गया।
- विजेताओं को पुरस्कार: प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागी माताओं को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
- ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति: विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रोजेक्टर पर चित्रों एवं वैज्ञानिक प्रस्तुति की मदद से माताओं की सभी भ्रांतियों को दूर किया और उनके सवालों के त्वरित जवाब दिए।
विशेषज्ञों व अतिथियों के मुख्य विचार:
- माँ का दूध प्रकृति का सबसे सुरक्षित और संपूर्ण आहार: हर्ष अजमेरा (निदेशक) अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि विश्व स्तनपान सप्ताह का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नवजात को जीवन की सर्वोत्तम और सुरक्षित शुरुआत दिलाना है। माँ का दूध शिशु के लिए कुदरत का सबसे पौष्टिक आहार है। HZB आरोग्यम अस्पताल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार ऐसे निःशुल्क परामर्श और जागरूकता अभियान आयोजित करता रहेगा।
- माँ और शिशु के बीच स्नेह और विश्वास की मजबूत कड़ी: जया सिंह (प्रशासक) अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि स्तनपान सिर्फ शिशु का भोजन नहीं, बल्कि माँ और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव, स्नेह और विश्वास की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने माताओं से भ्रांतियों से दूर रहकर वैज्ञानिक तथ्यों को अपनाने की अपील की।
- पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे का पहला टीका: डॉ. रीमा वर्मा व डॉ. एस. कुमारी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रीमा वर्मा एवं डॉ. एस. कुमारी ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद शिशु को माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (Colostrum) जरूर पिलाना चाहिए, क्योंकि यह बच्चे की पहली प्राकृतिक वैक्सीन (रोग प्रतिरोधक क्षमता) है। उन्होंने सलाह दी कि शिशु के जन्म के पहले 6 माह तक केवल और केवल स्तनपान (Exclusive Breastfeeding) कराया जाए और उसके बाद 2 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखा जाए।
निःशुल्क किट और उपहारों का वितरण
कार्यक्रम के अंत में अस्पताल की ओर से शामिल हुई सभी महिलाओं को निःशुल्क विशेषज्ञ परामर्श, पोषण आहार चार्ट (Nutrition Chart), मातृ देखभाल किट (Maternal Care Kit) तथा शिशु देखभाल उपहार (Baby Care Gifts) प्रदान किए गए। उपस्थित माताओं ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
Source of Information: एचज़ेडबी (HZB) आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल, इमली कोठी, हजारीबाग (आधिकारिक प्रेस रिलीज़)

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