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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ नर्सिंग हजारीबाग में विश्व स्तनपान सप्ताह का समापन: GNM छात्रा पम्मी कुमारी बनीं 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर'!

 

ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ नर्सिंग में विश्व स्तनपान सप्ताह का भव्य समापन: जीएनएम छात्रा पम्मी कुमारी बनीं 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर', प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मिले सर्टिफिकेट

हजारीबाग। पीडब्ल्यूडी स्थित ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हजारीबाग में 1 अगस्त से 7 अगस्त तक आयोजित 'विश्व स्तनपान सप्ताह' का शुक्रवार (7 अगस्त 2026) को रंगारंग व प्रेरणादायक समापन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माताओं एवं नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना था।

Gyan Jyoti College of Nursing Hazaribagh World Breastfeeding Week closing ceremony and Student of the Year award distribution

​समारोह का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

मिथक और भ्रांतियों को दूर करना बेहद जरूरी: डॉ. पूनम बरला

​कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सदर प्रखंड (हजारीबाग) की जनरल फिजिशियन डॉ. पूनम बरला ने स्तनपान से जुड़े समाज में फैले विभिन्न मिथकों एवं भ्रांतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि:

  • ​शिशु के जन्म के तुरंत बाद (पहला गाढ़ा पीला दूध) स्तनपान कराना शिशु के लिए सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है।
  • ​जन्म से छह माह तक शिशु को केवल और केवल माँ का दूध देना चाहिए, जो उसे बीमारियों से दूर रखता है।

कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम भी होता है कम: संस्थान निदेशक व विशेषज्ञ

  • शंभू कुमार (निदेशक): नर्सिंग विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि एक स्वास्थ्यकर्मी होने के नाते उनका दायित्व है कि वे अपने ज्ञान से समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य जागरूकता पहुँचाएँ।
  • विनय कुमार (सचिव): उन्होंने बताया कि स्तनपान केवल शिशु के विकास के लिए ही नहीं, बल्कि माँ के शारीरिक स्वास्थ्य और बीमारियों से बचाव के लिए भी बेहद लाभकारी है।
  • अनीता कुमारी (नर्सिंग विभागाध्यक्ष): उन्होंने कहा कि यदि समय पर रोकथाम (Prevention) और सही जानकारी अपनाई जाए, तो स्तनपान कराने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सप्ताह भर चलीं प्रतियोगिताएं, विद्यार्थियों ने रोल-प्ले से दिया संदेश

​1 से 7 अगस्त के दौरान कॉलेज में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं:

  • दैनिक गतिविधियां: क्विज, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, मॉडल प्रदर्शनी तथा सेमिनार का आयोजन कर इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं को भी जागरूक किया गया।
  • रोल-प्ले व नाटक: नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने आकर्षक रोल-प्ले के माध्यम से मातृ-शिशु स्वास्थ्य और स्तनपान के वैज्ञानिक महत्व का प्रदर्शन किया।
  • प्रमाण-पत्र वितरण: कम्युनिटी पोस्टिंग प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र तथा सप्ताह भर की प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।

पम्मी कुमारी बनीं 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर'

​समारोह का मुख्य आकर्षण जीएनएम (सत्र 2024–26) की छात्रा पम्मी कुमारी को उनके उत्कृष्ट अकादमिक व व्यावहारिक प्रदर्शन के लिए "स्टूडेंट ऑफ द ईयर" के सम्मान से नवाजा जाना रहा।

​कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन छात्रा रिया कुमारी एवं पायल कुमारी ने संयुक्त रूप से किया।

शिक्षिकाओं व प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका

​कार्यक्रम को सफल बनाने में नर्सिंग विभाग की शिक्षिकाओं पूजा कुमारी, ज्योति तिग्गा, अंकिता रंजन, अनामिका कुमारी, सौम्या सोनल, जूही राज एवं साक्षी मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा। महाविद्यालय प्रबंधन ने प्रतिबद्धता दोहराई कि समाज हित में ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता अभियान भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।

Source of Information: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हजारीबाग प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक: 07.08.2026)

हजारीबाग: विश्व स्तनपान सप्ताह पर HZB आरोग्यम अस्पताल में उमड़ीं माताएं, खेल व क्विज से मिली सही स्तनपान की जानकारी!

 

हजारीबाग: विश्व स्तनपान सप्ताह पर HZB आरोग्यम कुणाल अस्पताल में भव्य जागरूकता कार्यक्रम, माताओं को दिया गया सही पोषण और देखभाल का संदेश

हजारीबाग। विश्व स्तनपान सप्ताह (World Breastfeeding Week) के अवसर पर इमली कोठी स्थित एचज़ेडबी (HZB) आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल में बुधवार को एक दिवसीय निःशुल्क स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं, नवप्रसूता माताओं एवं उनके परिजनों ने हिस्सा लिया।

Breastfeeding awareness session for mothers at HZB Aarogyam Kunal Hospital Hazaribagh

​कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माताओं को स्तनपान के वैज्ञानिक महत्व, नवजात के संपूर्ण पोषण और मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।

खेल-खेल में दी गई स्तनपान और नवजात देखभाल की जानकारी

​आयोजन को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्तनपान विषय पर आधारित प्रश्नोत्तरी (Quiz) प्रतियोगिता, मनोरंजक खेल एवं विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

  • सही तकनीक और पोषण: खेल-खेल में माताओं को स्तनपान कराने की सही विधि, शिशु को गोद में पकड़ने की उचित स्थिति (Latching & Positioning), संतुलित पोषण तथा नवजात के स्वस्थ विकास से जुड़ी बारीकियों को समझाया गया।
  • विजेताओं को पुरस्कार: प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागी माताओं को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
  • ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति: विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रोजेक्टर पर चित्रों एवं वैज्ञानिक प्रस्तुति की मदद से माताओं की सभी भ्रांतियों को दूर किया और उनके सवालों के त्वरित जवाब दिए।

विशेषज्ञों व अतिथियों के मुख्य विचार:

  • माँ का दूध प्रकृति का सबसे सुरक्षित और संपूर्ण आहार: हर्ष अजमेरा (निदेशक) अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि विश्व स्तनपान सप्ताह का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नवजात को जीवन की सर्वोत्तम और सुरक्षित शुरुआत दिलाना है। माँ का दूध शिशु के लिए कुदरत का सबसे पौष्टिक आहार है। HZB आरोग्यम अस्पताल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार ऐसे निःशुल्क परामर्श और जागरूकता अभियान आयोजित करता रहेगा।
  • माँ और शिशु के बीच स्नेह और विश्वास की मजबूत कड़ी: जया सिंह (प्रशासक) अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि स्तनपान सिर्फ शिशु का भोजन नहीं, बल्कि माँ और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव, स्नेह और विश्वास की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने माताओं से भ्रांतियों से दूर रहकर वैज्ञानिक तथ्यों को अपनाने की अपील की।
  • पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) बच्चे का पहला टीका: डॉ. रीमा वर्मा व डॉ. एस. कुमारी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रीमा वर्मा एवं डॉ. एस. कुमारी ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद शिशु को माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (Colostrum) जरूर पिलाना चाहिए, क्योंकि यह बच्चे की पहली प्राकृतिक वैक्सीन (रोग प्रतिरोधक क्षमता) है। उन्होंने सलाह दी कि शिशु के जन्म के पहले 6 माह तक केवल और केवल स्तनपान (Exclusive Breastfeeding) कराया जाए और उसके बाद 2 वर्ष या उससे अधिक समय तक पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखा जाए।

निःशुल्क किट और उपहारों का वितरण

​कार्यक्रम के अंत में अस्पताल की ओर से शामिल हुई सभी महिलाओं को निःशुल्क विशेषज्ञ परामर्श, पोषण आहार चार्ट (Nutrition Chart), मातृ देखभाल किट (Maternal Care Kit) तथा शिशु देखभाल उपहार (Baby Care Gifts) प्रदान किए गए। उपस्थित माताओं ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

Source of Information: एचज़ेडबी (HZB) आरोग्यम कुणाल महिला एवं शिशु अस्पताल, इमली कोठी, हजारीबाग (आधिकारिक प्रेस रिलीज़)

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