एसबीएमसीएच की चरमराई व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर डीसी से मिले सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी: खराब उपकरणों और बंद लिफ्ट पर सौंपा मांग पत्र, मिला त्वरित कार्रवाई का भरोसा
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसबीएमसीएच) में बदहाल चिकित्सा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं में तत्काल सुधार की मांग को लेकर हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त हेमंत सती से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की गंभीर कमियों और मरीजों को हो रही दुश्वारियों से संबंधित एक विस्तृत मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा और त्वरित विधिक कार्रवाई का आग्रह किया।
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| MP media representative Ranjan Choudhary handing over memorandum to Hazaribagh DC Hemant Sati regarding SBMCH hospital issues |
सीनियर डॉक्टरों की अनुपस्थिति और लापरवाही की निष्पक्ष जांच की मांग
मांग पत्र में प्रमुखता से मांग की गई कि एसबीएमसीएच की रात्रिकालीन इमरजेंसी सेवाओं में वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की प्रत्यक्ष मौजूदगी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सोमवार की अहले सुबह एक महिला मरीज के साथ इलाज में हुई कथित घोर लापरवाही और मौत से जुड़ी शिकायत की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच में दोष सिद्ध होने पर दोषी कर्मियों व चिकित्सकों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
एक महीने से खराब है सी-आर्म मशीन, ऑर्थो मरीजों की फजीहत
रंजन चौधरी ने उपायुक्त का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया कि ऑर्थोपेडिक (हड्डी रोग) विभाग में अत्यंत उपयोगी 'सी-आर्म मशीन' बीते एक महीने से खराब पड़ी है, जिसके कारण गंभीर सर्जरी और फ्रैक्चर के मामलों में गरीब मरीजों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है। उन्होंने खराब मशीन को तत्काल दुरुस्त कराने के साथ-साथ मॉड्यूलर ऑर्थो ओटी के लिए एक अतिरिक्त नई सी-आर्म मशीन स्थापित कराने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में आपात स्थिति न बने।
चार में से तीन लिफ्ट ठप, ब्लड बैंक की एलिजा मशीन भी बेहाल
मांग पत्र में अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बताया गया कि अस्पताल परिसर में चार में से तीन लिफ्ट लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे गंभीर, बुजुर्ग और दिव्यांग मरीजों को ऊपरी तल्लों तक ले जाने में परिजनों के पसीने छूट रहे हैं।
इसके अतिरिक्त:
- ब्लड बैंक में महत्वपूर्ण जांचों के लिए जरूरी 'एलिजा मशीन' को अविलंब दुरुस्त करने या नई मशीन लगाने की मांग की गई।
- ऑर्थोपेडिक महिला एवं पुरुष वार्ड में कमोड युक्त पर्याप्त शौचालयों के निर्माण का आग्रह किया गया।
- दोनों वार्डों में गंभीर मरीजों के सुगम आवागमन हेतु कम से कम पांच-पांच उच्च गुणवत्ता वाली नई व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की बात कही गई।
लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही, जल्द बदलेगी सूरत: उपायुक्त
हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती ने सभी बिंदुओं को गंभीरतापूर्वक सुना और ज्ञापन में उल्लिखित समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित करने का सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज हित सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा कि एसबीएमसीएच न केवल हजारीबाग, बल्कि कोडरमा, चतरा, गिरिडीह और रामगढ़ के लाखों गरीब मरीजों की उम्मीद का केंद्र है। सांसद मनीष जायसवाल के मार्गदर्शन में जनहित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

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