हजारीबाग में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: वन और सरकारी भूमि के अवैध दाखिल-खारिज मामले में तीन भूमि विक्रेता गिरफ्तार; भेजे गए न्यायिक हिरासत में
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की विशेष टीम ने वन भूमि, सरकारी जमीन और गैरमजरुआ खास किस्म जंगल भूमि की अवैध खरीद-बिक्री व फर्जी दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) से जुड़े बहुचर्चित भूमि घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी द्वारा गठित विशेष छापेमारी दल ने बुधवार, 07 अक्टूबर 2026 को छापेमारी कर मामले में संलिप्त तीन नामजद भूमि विक्रेताओं को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
![]() |
| Anti-Corruption Bureau Hazaribagh press release regarding arrest of three accused in land fraud case |
मुकुंदगंज नयाखाप के रहने वाले हैं तीनों गिरफ्तार आरोपी
एसीबी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नयाखाप टोला (मुकुंदगंज) निवासी तीन व्यक्ति शामिल हैं:
- विशेश्वर प्रजापति (उम्र 68 वर्ष), पिता- स्वर्गीय महावीर प्रजापति
- शंकर प्रजापति (उम्र 62 वर्ष), पिता- स्वर्गीय महावीर प्रजापति
- रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद (उम्र 61 वर्ष), पिता- स्वर्गीय रामेश्वर साव
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला भ्र०नि० ब्यूरो, हजारीबाग थाना कांड संख्या-11/25 (दिनांक 25.09.2025) से संबंधित है। यह प्राथमिकी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(d) तथा भारतीय दंड विधान (भा०द०वि०) की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120B के तहत दर्ज की गई थी।
जांच में पाया गया कि तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ), अंचल निरीक्षक (सीआई), राजस्व उपनिरीक्षक (हल्का कर्मचारी) और स्थानीय भू-माफियाओं ने मिलीभगत कर आपराधिक षड्यंत्र रचा था। इसके तहत संरक्षित वन भूमि, सरकारी जमीन और गैरमजरुआ खास किस्म जंगल भूमि को अवैध दस्तावेजों के जरिए हासिल किया गया, उनकी अवैध खरीद-बिक्री की गई और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गलत तरीके से दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) किया गया।
पूर्व में तत्कालीन सीओ सहित कई अधिकारी व माफिया जा चुके हैं जेल
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस संगठित भूमि घोटाले में एसीबी पहले भी कड़ी कार्रवाई कर चुकी है। पूर्व में मामले में संलिप्त तत्कालीन अंचलाधिकारी सहित अन्य सरकारी पदाधिकारियों, भू-माफियाओं तथा जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले क्रेताओं व विक्रेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एसीबी की इस ताजा कार्रवाई के बाद से फर्जी तरीके से सरकारी और वन भूमि की हेराफेरी करने वाले सिंडिकेट और बिचौलियों में हड़कंप व्याप्त है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में संलिप्त अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी सघन जांच की जा रही है।
और पढ़ें:एनएच-33 भूमि मुआवजा घोटाला: हजारीबाग एसीबी की बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन अमीन और प्रधान सहायक गिरफ्तार

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें