अंबा प्रसाद का भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही पर जोरदार पलटवार: बोलीं— इरफान अंसारी मेरे बड़े भाई और ढाल, भाजपा के अंतर्विरोधों पर चुप्पी साधने वाले पहले अपने गिरेबान में झांकें
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
रांची / हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
झारखंड की राजनीति में जुबानी जंग उस वक्त और तेज हो गई जब कांग्रेस की तेजतर्रार नेत्री व पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने भाजपा नेता एवं विधायक भानु प्रताप शाही के बयानों पर वीडियो जारी कर तीखा राजनीतिक पलटवार किया। अंबा प्रसाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भानु प्रताप शाही उनका नाम लेकर राज्य के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर निशाना साधने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इरफान अंसारी झारखंड के एक वरिष्ठ व कद्दावर नेता हैं और वह उनकी बहन पर आंच आने पर हमेशा चट्टान की तरह ढाल बनकर खड़े रहते हैं।
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| Congress leader Amba Prasad addressing media and releasing video statement countering BJP leader Bhanu Pratap Shahi |
'इरफान भाई मेरे ढाल, वे आपकी हल्की बातों का जवाब नहीं देंगे'
जारी वीडियो में भानु प्रताप शाही को सीधे संबोधित करते हुए अंबा प्रसाद ने कहा, "क्या जी भानु प्रताप शाही जी, आप मेरा नाम लेकर इरफान अंसारी जी से जवाब मांग रहे हैं? इरफान अंसारी मेरे बड़े भाई हैं और झारखंड के बड़े नेता हैं। वे और उनके पिता हमेशा से झारखंड की जनता की सेवा के लिए समर्पित रहे हैं। वे आपकी ऐसी हल्की और छोटी-मोटी बातों का जवाब नहीं देंगे।" उन्होंने आगे कहा कि जब भी किसी बहन पर संकट आएगा तो उनका भाई सामने ढाल बनकर दिखेगा, क्योंकि वे भाजपा की तरह कथनी और करनी में भेद करने वाले लोग नहीं हैं।
भाजपा के अंतर्कलह और विरोधाभासों पर दागे तीखे सवाल
अंबा प्रसाद ने भाजपा के भीतर मौजूद अंतर्विरोधों को उजागर करते हुए कई उदाहरण सामने रखे और भानु प्रताप शाही की चुप्पी पर सवाल खड़े किए:
- यशवंत सिन्हा व जयंत सिन्हा का प्रसंग: उन्होंने याद दिलाया कि जब जयंत सिन्हा केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री के बगल में बैठते थे और उनके पिता यशवंत सिन्हा केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते थे, तब भानु प्रताप शाही कहां थे और उन्होंने तब सवाल क्यों नहीं उठाए?
- निर्मला सीतारमण और उनके पति का हवाला: उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति डॉ. परकला प्रभाकर लगातार केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हैं और सच्चाई सामने लाते हैं। उस समय भानु प्रताप शाही चुप्पी क्यों साध लेते हैं?
- बिहार की राजनीति पर प्रहार: उन्होंने पड़ोसी राज्य बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के वरिष्ठ नेताओं के बयानों और भाजपा गठबंधन के दलित सहयोगियों द्वारा कानून-व्यवस्था और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा मौन क्यों है?
'पिछड़ा की बेटी को जिम्मेदारी मिलने से भाजपा के पेट में दर्द'
अंबा प्रसाद ने कहा कि जब झारखंड की एक बेटी, जो पिछड़ा वर्ग से आती है, अपनी योग्यता और संगठन में कठोर मेहनत के बल पर पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्य की सह-प्रभारी बनती है, तो भाजपा नेताओं को असहजता होने लगती है। उन्होंने कहा, "मैं वर्तमान में संगठन के कार्य से पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हूं। मुझे यह जिम्मेदारी मेरी निष्ठा और मेहनत के कारण मिली है। आपके जैसे दर्जनों लोग मुझे गिराने या हताश करने में लगे रहेंगे, लेकिन यह बिरसा मुंडा की पावन धरती की बेटी है, जिसे झुकाया या डराया नहीं जा सकता।"
'महागठबंधन जिंदा लोगों का गठबंधन है, डर का नहीं'
भाजपा के गठबंधन को 'डरा हुआ कुनबा' करार देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी महागठबंधन जनता के भरोसे और लोकतांत्रिक मूल्यों से बना जिंदा लोगों और जिंदा पार्टियों का गठबंधन है। यहां हर किसी को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता है और संकट में कोई एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ता।
अंत में तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के लिए 'अच्छे दिन' तो नहीं ला सकी, लेकिन अब जनता के मिजाज को देखकर भाजपा नेताओं को अपने 'बुरे दिन' साफ नजर आ रहे हैं, जिससे वे पूरी तरह बौखला गए हैं।

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