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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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भ्रष्टाचार की कालिख और व्यवस्था का कीचड़-हजारीबाग में नकेल और उपेक्षा की दोहरी तस्वीर

भ्रष्टाचार की कालिख और व्यवस्था का कीचड़-हजारीबाग में नकेल और उपेक्षा की दोहरी तस्वीर


हजारीबाग। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को चरितार्थ करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चतरा के जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी (DAMO) डॉ. राम प्रकाश वर्मा को ब्यूरो की विशेष ट्रैप टीम ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को की गई, जब आरोपी चिकित्सक एक महिला आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी से उनके लंबित वेतन भुगतान के एवज में रिश्वत की प्रथम किस्त स्वीकार कर रहे थे। ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, डॉ. प्रिया कुमारी ने शिकायत की थी कि उनके चार माह के वेतन भुगतान के बदले प्रति माह 5,000 रुपये के हिसाब से कुल 20,000 रुपये की अवैध मांग की जा रही थी। इस कृत्य ने स्वास्थ्य महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर कर दिया है, जहाँ रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं।


एक ओर जहाँ प्रशासनिक गलियारों में रिश्वतखोरों पर नकेल कसी जा रही है, वहीं दूसरी ओर हजारीबाग शहर की धरातलीय स्थिति व्यवस्था की संवेदनहीनता की गवाही दे रही है। शहर के हृदय स्थल लाखे में आस्था और विकास का जो अंतर्विरोध दिख रहा है, वह किसी त्रासदी से कम नहीं है। मंदिर और मजार जैसे पवित्र स्थलों के समीप नालियों का उफनता गंदा पानी सड़कों पर सैलाब की तरह पसरा है, जो न केवल राहगीरों के लिए नरकीय स्थिति उत्पन्न कर रहा है, बल्कि प्रशासनिक दावों की शुचिता पर भी कालिख पोत रहा है।



श्रद्धालुओं का अपनी आस्था की चौखट तक पहुँचने से पहले इस दूषित जल में पांव पखारना लोकतंत्र के उस कुरूप चेहरे को दर्शाता है, जहाँ जनप्रतिनिधियों की सक्रियता केवल चुनावी विज्ञापनों तक सीमित रह गई है। भ्रष्टाचार की यह गिरफ्तारी और सड़कों पर पसरी यह बदहाली, दोनों ही एक ही सिक्के के दो पहलू हैं—जहाँ जनता के अधिकारों और उनकी बुनियादी सुविधाओं का गला घोंटा जा रहा है। अब देखना यह है कि एसीबी की इस सक्रियता से भ्रष्ट तंत्र में कितना भय व्याप्त होता है और नगर निगम की कुंभकर्णी नींद कब टूटती है, ताकि हजारीबाग की जनता को इस 'नरकीय खूबसूरती' से स्थायी मुक्ति मिल सके

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