NEET नहीं, संपूर्ण NTA ही घोटालाग्रस्त है; केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और कार्यशैली पर CBI-ED की जांच हो: अंबा प्रसाद
रांची/हजारीबाग। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में मचे बवाल के बीच झारखंड के बड़कागांव से कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है। रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अंबा प्रसाद ने कहा कि यह मामला सिर्फ नीट (NEET) परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा का पूरा एनटीए (NTA) ही घोटालाग्रस्त हो चुका है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरे NTA के अधिकारियों पर ईडी (ED) व सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है।
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| Amba Prasad NTA Scam Press Conference |
"पारदर्शिता के नाम पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़"
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक अंबा प्रसाद ने कहा, "मैं यहाँ सिर्फ नीट पेपर घोटाले की बात करने नहीं आई हूँ, बल्कि मैं पूरे NTA घोटाले की बात करने आई हूँ। भाजपा ने 2017 में यह कहकर NTA का गठन किया था कि इससे परीक्षाओं में केंद्रीकरण, पारदर्शिता आएगी और छात्रों को सुविधा मिलेगी। लेकिन आज जनता और छात्र दुविधा में हैं कि आखिर यह पारदर्शिता है कहाँ? और इस व्यवस्था से सुविधा किसको मिल रही है?"
उन्होंने सवाल उठाया कि इस साल नीट परीक्षा से 23 लाख छात्र-छात्राएं पीड़ित हैं। सरकार द्वारा दोबारा परीक्षा (Re-exam) के फैसले पर तंज कसते हुए उन्होंने पूछा कि क्या दोबारा परीक्षा लेने से इन लाखों पीड़ित छात्रों को न्याय मिल गया?
"छोटे मोहरों पर कार्रवाई, मुख्य दोषियों को बचा रही है सरकार"
अंबा प्रसाद ने केंद्र सरकार की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अनुसंधान के नाम पर केवल कुछ छोटे-मोटे व्यापारी, क्वेश्चन सॉल्वर, कोचिंग संचालक, दलाल और भाजपा के कार्यकर्ताओं को पकड़कर खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय और NTA मैनेजमेंट इस तरह पेश आ रहे हैं जैसे इस महाघोटाले में उनकी कोई जवाबदेही या जिम्मेदारी ही नहीं है।
"विपक्ष के नेताओं के पीछे दौड़ने वाली ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियां इस महाघोटाले पर चुप क्यों हैं? क्या ये एजेंसियां सिर्फ विपक्ष के लिए बनी हैं? NTA के बड़े अधिकारियों और मंत्रालय पर कोई केस क्यों नहीं दर्ज हुआ?" — अंबा प्रसाद, विधायक
700 करोड़ के खर्च पर उठाए सवाल, सख्त कानून की मांग
विधायक ने कहा कि NTA देश में नीट के अलावा 21 अन्य बड़ी परीक्षाएं आयोजित करता है, जिससे देश के करोड़ों छात्रों और डॉक्टरों, इंजीनियरों, वैज्ञानिकों व मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स का भविष्य जुड़ा हुआ है। एक दिन परीक्षा आयोजित करने में जनता की गाढ़ी कमाई का लगभग 700 करोड़ रुपया खर्च होता है। देश के पैसे और युवाओं के भविष्य के साथ यह मज़ाक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि देश में प्रश्नपत्र लीक (Question Paper Leak) के मामलों को रोकने के लिए एक विशेष एक्सपर्ट एजेंसी का गठन किया जाए और ऐसे मामलों में संलिप्त "एजुकेशन टेररिस्ट्स" (शिक्षा माफियाओं) को आजीवन कारावास या मृत्युदंड जैसी सख्त सजा देने का कानून बनना चाहिए।
"मेलोडी चॉकलेट" भेजकर विरोध दर्ज कराने का आह्वान
अपने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए अंबा प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और प्रधानमंत्री विदेश दौरों में व्यस्त हैं। उन्होंने नीट के सभी प्रभावित परीक्षार्थियों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री आवास पर 'मेलोडी चॉकलेट' का एक-एक पैकेट भेजकर अपना विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने जनता से अपील की कि ईवीएम (EVM) पर बटन दबाने से पहले अपने बच्चों के भविष्य के साथ हुए इस खिलवाड़ को जरूर याद रखें।
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान अंबा प्रसाद के साथ झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा और प्रवक्ता सोनल शांति भी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
