🏛️ हजारीबाग: खेत में काम करने के दौरान करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत; बोंगा गांव में पसरा मातम, पीछे रोते-बिलखते छोड़ गया तीन मासूम बच्चे और वृद्ध पिता
हजारीबाग: क्षेत्र में एक बार फिर बिजली विभाग की लापरवाही या आसमानी आफत के चलते एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह तबाह हो गया है। कटकमसांडी प्रखंड के बोंगा गांव में खेत में काम करने के दौरान इलेक्ट्रिक शॉक (करंट) लगने से पैंतीस वर्षीय युवक संतोष कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक संतोष कुमार बोंगा निवासी सरजू महतो के पुत्र थे। इस हृदयविदारक हादसे की खबर जैसे ही बोंगा गांव में फैली, पूरे इलाके में गहरा सन्नाटा और मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण इस असामयिक मौत से बेहद स्तब्ध हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने और प्रशासनिक सहयोग दिलाने के लिए उनके घर पर जुटने लगे हैं।
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| हजारीबाग: बोंगा गांव में करंट लगने से मृत युवक संतोष कुमार के घर पर जुटे शोकाकुल ग्रामीण और रोते-बिलखते परिजन। (फोटो: न्यूज़ प्रहरी) |
🏬 पेट भरने गए थे खेत, करंट ने छीन ली जिंदगी; बेसहारा हुई तीस वर्षीय पत्नी अनु देवी
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, हर दिन की तरह संतोष कुमार अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए सुबह खेत में काम करने गए थे। इसी दौरान वे खेत में ही फैले बिजली के जोरदार करंट की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना भयानक था कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला और उन्होंने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। संतोष कुमार अपने पीछे एक भरा-पूरा लेकिन अब पूरी तरह बेसहारा हो चुका परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनके अत्यंत वृद्ध पिता सरजू महतो, उनकी तीस वर्षीय पत्नी अनु देवी और तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चे शामिल हैं। घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य की इस तरह अचानक मौत हो जाने से इस गरीब परिवार के सामने जीविकोपार्जन का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
🛑 पिता का साया उठने से अनाथ हुए तीन मासूम; ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
संतोष कुमार की मौत के बाद उनके तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। इन मासूमों में आठ वर्षीय पुत्र सौरव कुमार, छह वर्षीय पुत्र सिद्धांत कुमार और मात्र चार वर्ष की छोटी बेटी राखी कुमारी शामिल हैं, जिन्हें शायद अभी यह भी नहीं मालूम कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। रोती-बिलखती पत्नी अनु देवी और बदहवास बच्चों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारियों से इस दुखद घटना पर संज्ञान लेते हुए पीड़ित बेसहारा परिवार को तत्काल उचित सरकारी मुआवजा, अंत्येष्टि सहायता और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए विशेष आर्थिक मदद मुहैया कराने की पुरजोर मांग उठाई है।
