हजारीबाग में समाज कल्याण व बाल संरक्षण योजनाओं की समीक्षा: आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन व समय पर पोषण वितरण के निर्देश; उपायुक्त ने बालगृह और आंगनबाड़ी केंद्र का किया स्थलीय निरीक्षण
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
जिला समाहरणालय में समाज कल्याण एवं बाल संरक्षण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निष्पादन और जमीनी स्तर पर सेवाओं की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही उपायुक्त ने बरही बालगृह की शिफ्टिंग और आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेने के लिए स्थलीय निरीक्षण भी किया।
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| Hazaribagh DC and DDC during field inspection of Anganwadi center and review meeting |
पोषण ट्रैकर और टेक होम राशन (THR) पर सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान विभाग के प्रमुख घटकों की गहन पड़ताल की गई:
- पोषण ट्रैकर: सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को पोषण ट्रैकर पर डेटा नियमित व अद्यतन प्रविष्ट करने के निर्देश दिए गए।
- टेक होम राशन (THR): पात्र महिलाओं और बच्चों के बीच टेक होम राशन का समय पर और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
- समन्वय और पाक्षिक समीक्षा: विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल से काम करने तथा प्रगति की निगरानी हेतु प्रत्येक 15 दिनों में समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन
बैठक में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और विधवा पुनर्विवाह योजना की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कोई भी योग्य लाभुक इन योजनाओं से वंचित न रहे तथा लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन किया जाए। बैठक में उप विकास आयुक्त रिया सिंह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
उपायुक्त का फील्ड एक्शन: बालगृह और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण
1. दीपूगढ़ा में जर्जर भवन देख नए स्थल के चयन का आदेश
बरही में संचालित बालगृह को अन्यत्र स्थानांतरित (शिफ्ट) करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने दीपूगढ़ा स्थित पुराने मूक-बधिर विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। वहां के भवन की जर्जर व दयनीय स्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए बालगृह संचालन के लिए तत्काल किसी अन्य सुरक्षित व उपयुक्त स्थल का चयन किया जाए।
2. कोलघट्टी आंगनबाड़ी केंद्र को मिलेगा नया भवन
इसके बाद उपायुक्त ने कोलघट्टी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र एवं आंगनबाड़ी नर्सरी स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां बच्चों की उपस्थिति, दिए जाने वाले पोशाक, पोषाहार और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया:
- गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा: उपायुक्त ने सेविका और सहायिका को निर्देश दिया कि बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए प्रारंभिक स्तर से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाए।
- नए भवन की स्वीकृति: पुराने व अनुपयुक्त भवन की जगह नए आंगनबाड़ी भवन निर्माण के प्रस्ताव पर उपायुक्त ने सहमति प्रदान करते हुए उप विकास आयुक्त को अग्रेतर प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए।




