हजारीबाग DC का ‘अक्षय पात्र’ में औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर सख्त तेवर, बॉयलर से लेकर CCTV तक सबकुछ दुरुस्त करने का अल्टीमेटम
हजारीबाग/डेमोटांड़:
हजारीबाग जिले में मिड-डे मील (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता और संचालन व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी क्रम में मंगलवार को उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह ने डेमोटांड़ स्थित ‘अक्षय पात्र फाउंडेशन’ (Akshaya Patra Foundation) के केंद्रीकृत रसोईघर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीसी ने न केवल व्यवस्थाओं की बारीक पड़ताल की, बल्कि खामियां मिलने पर अधिकारियों को समय सीमा के भीतर उन्हें दुरुस्त करने के कड़े निर्देश भी दिए।
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तकनीकी खामियों पर डीसी की नजर:
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पाया कि कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य अभी भी लंबित हैं। उन्होंने बॉयलर इंस्टॉलेशन (Boiler Installation) और स्टीम कनेक्शन (Steam Connection) के कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और इसे युद्धस्तर पर पूर्ण करने का आदेश दिया। साथ ही, सब्जियों को सुरक्षित रखने के लिए वेजिटेबल कोल्ड रूम के इंस्टॉलेशन को भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया।
जल संरक्षण और वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर:
उपायुक्त ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जल संरक्षण का रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (Rain Water Harvesting), बोरवेल कनेक्शन और सरफेस वाटर रिचार्ज प्लान को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। इसके अलावा, रसोई से निकलने वाले कचरे के लिए एक ठोस ‘वेजिटेबल वेस्ट मैनेजमेंट प्लान’ तैयार करने और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की हिदायत दी गई।
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| "सख्त लहजा: औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और फाउंडेशन के प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हजारीबाग डीसी।" |
सुरक्षा और मैनपावर:
संस्थान की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए डीसी ने परिसर में 24 घंटे क्रियाशील हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैनपावर (Manpower) की कमी से काम प्रभावित नहीं होना चाहिए, इसलिए आवश्यकतानुसार मानव संसाधन की तत्काल व्यवस्था की जाए।
इनकी रही उपस्थिति:
इस औचक निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) आकाश कुमार, भवन निगम के कार्यपालक अभियंता, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी और अक्षय पात्र फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उपायुक्त ने भोजन और पानी की शुद्धता जांचने के लिए नियमित रूप से 'वाटर टेस्टिंग किट' का उपयोग करने का भी निर्देश दिया।



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