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Editor: Naresh Prasad Soni
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झारखंड: ‘जान देंगे पर जमीन नहीं’ – अडानी के खिलाफ गोंदलपुरा में महासंग्राम, 12 फरवरी के भारत बंद को खतियानी परिवार का खुला समर्थन

हजारीबाग के गोंदलपुरा में अडानी ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन तेज। खतियानी परिवार ने 'जान देंगे पर जमीन नहीं' के नारे के साथ 12 फरवरी को भारत बंद
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 झारखंड: ‘जान देंगे पर जमीन नहीं’ – अडानी के खिलाफ गोंदलपुरा में महासंग्राम, 12 फरवरी के भारत बंद को खतियानी परिवार का खुला समर्थन

हजारीबाग (विशेष संवाददाता):

झारखंड के हजारीबाग जिले में जल, जंगल और जमीन की लड़ाई अब एक निर्णायक मोड़ पर आ गई है। बड़कागांव प्रखंड के गोंदलपुरा में अडानी ग्रुप के प्रस्तावित कोल खनन प्रोजेक्ट के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इस बीच, खतियानी परिवार ने न केवल इस स्थानीय आंदोलन को धार दी है, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी, 2026 को बुलाए गए ‘संपूर्ण भारत बंद’ का भी पुरजोर समर्थन किया है।
'जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे' 
"हजारीबाग में बैठक करते खतियानी परिवार के सदस्य और गोंदलपुरा में अपनी जमीन बचाने के लिए लामबंद ग्रामीण।"


खतियानी परिवार की साप्ताहिक बैठक पुराना धरना स्थल के पास केंद्रीय अध्यक्ष बाबू भाई विद्रोही की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में केंद्रीय महासचिव मो. हकीम ने अडानी ग्रुप के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गोंदलपुरा पंचायत के बुजुर्गों, नौजवानों और महिलाओं ने अपनी मिट्टी बचाने की जो कसम खाई है, वह ऐतिहासिक है।

ग्रामीणों का स्पष्ट नारा है— "जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे।" मो. हकीम ने कहा कि जिस तरह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्याग्रह के रास्ते पर चलकर देश को आजाद कराया था, ठीक उसी तरह गोंदलपुरा के किसान पिछले तीन वर्षों से अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि कंपनी के "काले चिट्ठे" अब उजागर हो चुके हैं।

पैसा, प्रशासन और बाहरी घुसपैठ का आरोप

बैठक में यह गंभीर आरोप लगाया गया कि कंपनी पैसे के बल पर ग्रामीणों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। खतियानी परिवार का कहना है कि प्रशासन कंपनी के पक्ष में खड़ा होकर ग्रामीणों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रहा है ताकि आंदोलन को कमजोर किया जा सके।

मो. हकीम ने दावा किया, "कंपनी अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए भोले-भाले बाहरी लोगों को बुलाकर ग्रामीणों से भिड़वा रही है, जिसे प्रशासन 'निजी आंदोलन' बताकर पल्ला झाड़ लेता है। हम ऐसे जनविरोधी हथकंडों का पुरजोर विरोध करते हैं।" संगठन ने मांग की है कि 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून का पालन हो और अडानी का कॉल ब्लॉक तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।

12 फरवरी को भारत बंद का ऐलान

स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ खतियानी परिवार ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी आवाज बुलंद की है। संगठन के जिला अध्यक्ष अशोक राम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घोषणा की है कि 12 फरवरी, 2026 को संयुक्त मोर्चा द्वारा आहूत ‘संपूर्ण भारत बंद’ को उनका संगठन पूर्ण समर्थन देगा।

अशोक राम ने कहा, "केंद्र सरकार की किसान और मजदूर विरोधी नीतियों और अंधाधुंध निजीकरण के खिलाफ यह बंदी बुलाई गई है। हजारीबाग में खतियानी परिवार इस बंदी को सफल बनाने के लिए सड़क पर उतरेगा।"

ये रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण बैठक और रणनीति निर्माण में मुख्य रूप से राम अवतार भगत, डॉ. तनवीर अख्तर, मेघनाथ मेहता, मो. आशिक, महेश विश्वकर्मा, मो. फखरुद्दीन, अशरफ अली, शोएब अंसारी, अमर कुमार गुप्ता, अली जान मियां और बिंदु देवी सहित कई अन्य सक्रिय सदस्य मौजूद रहे।


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