Hazaribagh Police Review Meeting: आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने हजारीबाग में ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक; अपराध नियंत्रण और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के निर्देश
हजारीबाग (News Prahari Desk): हजारीबाग जिला में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह रेस नजर आ रहा है। मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग में उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक (IG) शैलेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
![]() |
| IG Shailendra Kumar Sinha presiding over crime review meeting with Hazaribagh Police Officers at SP Office |
इस बैठक में हजारीबाग जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP), पुलिस निरीक्षक (Inspector), थाना प्रभारी तथा आपराधिक कांडों के अनुसंधानकर्ताओं (Investigating Officers) ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में विधि-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करना और संगीन अपराधों पर लगाम लगाना था।
![]() |
| IG Shailendra Kumar Sinha presiding over crime review meeting with Hazaribagh Police Officers at SP Office |
बैठक में शामिल वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रक्षेत्रीय व जिला स्तर के निम्नलिखित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- अंजनी कुमार झा (पुलिस उप-महानिरीक्षक, उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र, हजारीबाग)
- अमन कुमार (पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग)
- अमित कुमार (अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय हजारीबाग)
- राधा प्रेम किशोर (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बरही)
- ज्ञान रंजन (पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय हजारीबाग)
- फैजान अहमद (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़)
- रूपक कुमार सिंह (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर)
- अरमानुल हक (पुलिस उपाधीक्षक, सी.सी.आर., हजारीबाग)
अपराध नियंत्रण और कांडों के निपटारे के लिए दिए गए 8 प्रमुख निर्देश
आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने समीक्षा के दौरान अनुसंधानकर्ताओं और थाना प्रभारियों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:
- विगत 6 माह के कांडों का निष्पादन: पिछले छह महीनों के दौरान जिले में घटित सभी महत्वपूर्ण आपराधिक घटनाओं की समीक्षा की गई और उनके त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश दिए गए।
- महिला अपराध पर 60 दिनों की समय-सीमा: महिला उत्पीड़न और महिला अपराध से संबंधित जितने भी कांड लंबित हैं, उन्हें हर हाल में 60 दिनों के भीतर वैज्ञानिक अनुसंधान पूरा कर निष्पादित करने का आदेश दिया गया।
- एससी/एसटी मामलों का त्वरित निष्पादन: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) से जुड़े सभी लंबित मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
- नक्सल मामलों की समीक्षा: जिले में लंबित सभी नक्सल संबंधी कांडों की बिंदुवार समीक्षा की गई और जांच प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।
- जन-मैत्रीपूर्ण पुलिसिंग (Public Friendly Behaviour): सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वे थानों में आने वाले आम नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण और संवेदनशील व्यवहार करें तथा उनकी समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान निकालें।
- मादक पदार्थों के तस्करों पर CCA की कार्रवाई: नशाखोरी और अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में संलिप्त गिरोहों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और संगठित तस्करों पर क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
- संगठित आपराधिक गिरोहों पर नकेल: संगठित अपराध (Organized Crime) में लिप्त अपराधियों को चिन्हित कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने और कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
- क्षेत्रीय विधि-व्यवस्था का संधारण: सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में गश्ती बढ़ाने, आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) मजबूत करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

