झारखंड में प्रशासनिक फेरबदल: राज्य सूचना आयोग में चार नए सूचना आयुक्तों की हुई नियुक्ति, राज्यपाल ने दी मंजूरी
"कार्मिक विभाग ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना; अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक संभालेंगे नई जिम्मेदारी"— विशेष रिपोर्ट
राज्य प्रशासनिक ब्यूरो, रांची
- रिपोर्टर: विशेष संवाददाता (News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड सरकार (अधिसूचना संख्या: 3761, दिनांक: 10 जून 2026)
रांची:
झारखंड सरकार ने राज्य सूचना आयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, झारखंड के माननीय राज्यपाल ने सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI Act), 2005 की धारा-15 (3) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सूचना आयोग में रिक्त पड़े पदों पर चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति कर दी है। सरकार के इस फैसले से राज्य में सूचना के अधिकार के तहत लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
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| झारखंड सरकार का बड़ा आदेश! राज्य सूचना आयोग में 4 नए सूचना आयुक्त नियुक्त |
इन चार प्रमुख व्यक्तियों को मिली सूचना आयुक्त की कमान
जारी सरकारी पत्र "231322.jpg" के मुताबिक, झारखंड राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त के पद पर निम्नलिखित व्यक्तियों को नियुक्त किया गया है:
- अनुज कुमार सिन्हा: (पिता: सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा), निवासी: दीपाटोली, सदर, रांची।
- तनुज खत्री: (पिता: देवराज खत्री), निवासी: रातू रोड, सुखदेवनगर, रांची।
- अमूल्य नीरज खलखो: (पिता: स्वर्गीय जफरीन खलखो), निवासी: पुराना लोवाडीह, नामकुम, रांची।
- शिवपूजन पाठक: (पिता: स्वर्गीय नरसिंह पाठक), निवासी: अपर बाजार, कोतवाली, रांची।
शपथ ग्रहण की तिथि से प्रभावी होगा कार्यकाल, ये हैं नियम
अधिसूचना के पैरा संख्या 2 के अनुसार, सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा-16 (3) के आलोक में इन सभी नवनियुक्त सूचना आयुक्तों की नियुक्ति उनके शपथ ग्रहण की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। इनका कार्यकाल पद ग्रहण करने से लेकर अगले 03 (तीन) वर्ष की अवधि अथवा 65 (पैंसठ) वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) तक रहेगा।
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| Adhikarik Jari Patra. |
यह आदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार के हस्ताक्षर से जारी किया गया है और इसकी प्रतिलिपि विभागीय नोडल पदाधिकारी सहित ई-गजट को झारखंड राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशन के लिए भेज दी गई है।
📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (विधिक एवं प्रशासनिक ज्ञान / Legal & RTI Framework)
📌 जानिए क्या होता है राज्य सूचना आयोग और सूचना आयुक्त का दायित्व?
- अपील का सर्वोच्च मंच: राज्य सूचना आयोग (State Information Commission) राज्य स्तर पर एक स्वतंत्र विधिक संस्था है। जब कोई नागरिक किसी सरकारी विभाग से सूचना मांगता है और लोक सूचना अधिकारी (PIO) या प्रथम अपीलीय अधिकारी समय पर या सही जानकारी नहीं देते, तब नागरिक इस आयोग में द्वितीय अपील दर्ज कराता है।
- जुर्माने का अधिकार: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत यदि कोई अधिकारी जानबूझकर सूचना छुपाता है या गलत तथ्य देता है, तो सूचना आयुक्तों को उस अधिकारी पर प्रतिदिन 250 रुपये से लेकर अधिकतम 25,000 रुपये तक का आर्थिक दंड (Penalties) लगाने का विधिक अधिकार प्राप्त है।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: सूचना आयोग में नियुक्तियों से पारदर्शी शासन को मिलेगी ताकत (Editorial)
लंबे समय से खाली पदों के भरने से आम जनता को मिलेगी राहत, रुकेगा भ्रष्टाचार
झारखंड राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से आयुक्तों के पद रिक्त होने के कारण हजारों आरटीआई (RTI) अपीलें लंबित पड़ी थीं। सूचना आयुक्तों की अनुपस्थिति का सीधा नुकसान उन आम नागरिकों और आरटीआई कार्यकर्ताओं को हो रहा था जो सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना चाहते हैं। 'न्यूज़ प्रहरी' सरकार के इस फैसले का स्वागत करता है। इन चार नई नियुक्तियों से न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी, बल्कि आम जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास और मजबूत होगा। अब आवश्यकता इस बात की है कि नवनियुक्त अधिकारी बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्षता से आम जनमानस के सूचना के अधिकारों की रक्षा करें।

