14वीं JPSC परीक्षा में धांधली का आरोप: JLKM अध्यक्ष व डुमरी विधायक जयराम महतो ने CM हेमंत सोरेन से की मुलाकात, CBI जांच और मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग
रांची/हजारीबाग: 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित अनियमितताओं और धांधली के गंभीर आरोपों को लेकर राजनीतिक व छात्र गलियारों में हलचल तेज हो गई है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने इस मुद्दे पर राज्य के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर एक ज्ञापन (मांग पत्र) सौंपा।
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| Cm Hemant Soren ko sonpa gyapang |
जयराम महतो ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने और आगामी मुख्य परीक्षा (Mains Exam) को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की है।
'बिना हस्ताक्षर जारी हुआ रिजल्ट, ब्लैकलिस्टेड कंपनी को दिया जिम्मा'
मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन और अपने बयान में विधायक जयराम कुमार महतो ने परीक्षा प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े किए:
- सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना रिजल्ट: उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना ही परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया, जो पूरी परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और वैधता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
- ब्लैकलिस्टेड कंपनी को जिम्मेदारी: परीक्षा आयोजित कराने के लिए उत्तर प्रदेश की एक कथित ब्लैकलिस्टेड कंपनी को जिम्मा सौंपा गया, जिसे उन्होंने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक करार दिया।
- घोटालों का लंबा इतिहास: जयराम महतो ने कहा कि झारखंड गठन के काल से ही प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगते रहे हैं और इस बार भी अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिला है। पहली JPSC से शुरू हुआ घोटालों का खेल 14वीं JPSC में भी जारी है। आज झारखंड का एक-एक युवा JPSC और JSSC को संदेह की दृष्टि से देखने को मजबूर है।
सरकार को 2 दिनों का अल्टीमेटम: 'सड़क से सदन तक होगा आंदोलन'
JLKM अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि राज्य सरकार अगले दो दिनों के भीतर उनकी न्यायसंगत मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो पार्टी अभ्यर्थियों के हक में सड़क से लेकर सदन तक एक बड़े आंदोलन का आगाज करेगी।
वहीं, विधायक जयराम महतो के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनकी मांगों और छात्रों की चिंताओं को बेहद गंभीरता से सुना है और छात्र हित में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
