हजारीबाग: पीएम आवास योजना (शहरी) के 1700 आवेदनों की जांच का अंतिम सत्यापन पूरा; गड़बड़ी की शिकायत के लिए निगम ने दिया 1 हफ्ते का समय
नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता की अगुवाई में हुई समीक्षा: तहसीलदार और नगर प्रबंधकों की टीम ने पूरी की स्थलीय जांच, भू-तल काउंटर पर दर्ज कराएं अपनी आपत्ति।
हजारीबाग । हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के वैसे गरीब और जरूरतमंद नागरिक जो प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना (PMAY-U) के तहत अपने पक्के मकान के सपने की आस लगाए बैठे हैं, उनके लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अपडेट है। नगर निगम कार्यालय को प्राप्त कुल 1700 आवेदनों की स्क्रूटनी (दस्तावेजों की छंटनी) और धरातल पर जाकर की गई स्थलीय जांच रिपोर्ट का अंतिम सत्यापन नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
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| Nagar Aayukt Hazaribagh. |
विशेष टीम ने ग्राउंड पर जाकर की आवेदनों की स्क्रूटनी
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, आवास योजना में पूरी पारदर्शिता बरतने और अपात्र लोगों को बाहर करने के उद्देश्य से एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। इस टीम में मुख्य रूप से तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं नगर प्रबंधक शामिल थे। टीम के सदस्यों ने एक-एक आवेदक के घर जाकर उनकी आर्थिक स्थिति और भूमि संबंधी दस्तावेजों की कड़ाई से जांच की थी। टीम द्वारा सौंपी गई इसी जांच रिपोर्ट का अब उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में फाइनल वेरिफिकेशन (सत्यापन) किया गया है।
इस महत्वपूर्ण सत्यापन कार्य के दौरान नगर आयुक्त के साथ सहायक नगर आयुक्त विपिन कुमार, सहायक नगर आयुक्त अनिल पांडे तथा नगर प्रबंधक प्रीतम कुमार सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे और तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की।
दावा-आपत्ति के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम
नगर निगम प्रशासन ने इस सूची को अंतिम रूप देने से पहले आम जनता की सहूलियत के लिए दावा-आपत्ति का मौका दिया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:
यदि किसी योग्य आवेदक का नाम इस सूची में छूट गया हो या किसी अपात्र (गलत व्यक्ति) का चयन होने की आशंका हो, तो कोई भी नागरिक अपनी दावा-आपत्ति दर्ज करा सकता है।
इसके लिए शिकायतकर्ता को 1 सप्ताह के भीतर नगर निगम कार्यालय के भू-तल (Ground Floor) पर आना होगा।
वहाँ निर्धारित काउंटर पर संबंधित अधिकारी के समक्ष साक्ष्यों के साथ लिखित आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
विशेष ध्यान दें: निर्धारित 1 सप्ताह की समय-सीमा समाप्त होने के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन या आपत्ति पर नगर निगम द्वारा कोई विचार नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर
नगर निगम के इस कदम से योजना में बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से लगाम कसने की उम्मीद है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि केवल वास्तविक रूप से बेघर और गरीब परिवारों को ही इस कल्याणकारी योजना का शत-प्रतिशत लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।
संपादकीय संदेश (न्यूज़ प्रहरी दृष्टिकोण): प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना को लेकर अक्सर बंदरबांट और भाई-भतीजावाद के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में हजारीबाग नगर निगम द्वारा 1700 आवेदनों की अधिकारियों के स्तर पर गहन जांच कराना और आम जनता से 1 हफ्ते के भीतर आपत्ति मांगना एक स्वागत योग्य कदम है। न्यूज़ प्रहरी क्षेत्र के सभी आवेदकों से अपील करता है कि वे समय रहते नगर निगम कार्यालय जाकर अपनी स्थिति और सूची की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
