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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग ने साधा स्वस्थ समाज का लक्ष्य: टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी और स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के माध्यम से मिटेगा बीमारी का दंश

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हजारीबाग ने साधा स्वस्थ समाज का लक्ष्य,


टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी और स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के माध्यम से मिटेगा बीमारी का दंश

हजारीबाग: जिले को रोगों के अभिशाप से मुक्त कर एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में जिला प्रशासन ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में समाहरणालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान उपविकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह ने जिला टीबी फोरम की गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की। इस विमर्श का मुख्य केंद्र वर्ष 2026 तक 'टीबी मुक्त भारत' के संकल्प को जिले में शत-प्रतिशत धरातल पर उतारना रहा। बैठक में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. आर.के. जायसवाल ने वर्ष 2025 के दौरान यक्ष्मा उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर उपविकास आयुक्त ने संतोष व्यक्त करते हुए आगामी रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं के इसी सुदृढ़ीकरण की कड़ी में प्रशासन ने 'स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 2026' की घोषणा की है, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी से प्रारंभ होकर 13 फरवरी तक जिले के प्रत्येक ग्राम में संचालित होगा। इसके पश्चात 9 मार्च से 23 मार्च 2026 तक द्वितीय चक्र के तहत सघन 'कुष्ठ रोगी खोज अभियान' चलाया जाएगा। इस अभियान की विशेषता यह है कि स्वास्थ्य कर्मी उन सुदूर गांवों में भी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे जहाँ पिछले सात वर्षों से कोई कुष्ठ रोगी चिन्हित नहीं हुआ है। उपविकास आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि कुष्ठ रोग कोई छुआछूत की व्याधि नहीं है, बल्कि नियमित चिकित्सकीय परामर्श और निःशुल्क सरकारी दवाओं के सेवन से यह पूर्णतः साध्य है।

रोग उन्मूलन के इस महाभियान में जनभागीदारी को अनिवार्य बताते हुए जिला प्रशासन ने ग्राम गोष्ठियों, विद्यालयों और आंगनबाड़ियों के माध्यम से शपथ ग्रहण एवं जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य न केवल रोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराना है, बल्कि समाज में कुष्ठ रोगियों के प्रति व्याप्त भेदभाव और भ्रांतियों को जड़ से समाप्त करना भी है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क जांच और औषधि की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि जिले का कोई भी नागरिक उचित उपचार से वंचित न रहे और हजारीबाग स्वास्थ्य के मानचित्र पर एक आदर्श जिले के रूप में उभर सके।


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