Hazaribagh के चुरु में हाथियों का खौफनाक तांडव, नींद में सो रहे 7 लोगों की मौत; वन विभाग कर सकता है कड़ा फैसला
चुरु प्रखंड, गोंडवार भुईया टोली, झारखंड
झारखंड के हजारीबाग जिले के चुरु प्रखंड स्थित गोंडवार भुईया टोली में इंसान और जानवर के बीच संघर्ष का एक अत्यंत दुखद अध्याय देखने को मिला। यहाँ जंगली हाथियों के एक झुंड ने शुक्रवार देर रात सोते हुए ग्रामीणों पर अचानक हमला कर दिया, जिसमें लगभग 6 से 7 लोगों की जान चली गई है।
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| "ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए ताकि किसी और परिवार के साथ ऐसा हादसा न हो।" |
देर रात 12 बजे हुआ हमला
घटना के चश्मदीद और पीड़ित सुधीर कुमार भुईया ने बताया कि सभी ग्रामीण खाना खाकर सो रहे थे, तभी रात के करीब 12 बजे हाथियों का झुंड आ धमका। ग्रामीणों को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिला। सुधीर ने बताया कि न तो वन विभाग (Forester) की तरफ से कोई अलर्ट था और न ही उन्हें पता था कि हाथी किस रूट से आ रहे हैं।
मासूम बच्चों को भी नहीं छोड़ा
इस हृदयविदारक घटना में एक ही परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं। सुधीर भुईया के अनुसार, एक घर से 4 लोग और दूसरे घर से भी लोग मारे गए हैं। मृतकों में एक 2 से 2.5 साल का बच्चा और एक 8-9 महीने का दूधमुंहा बच्चा भी शामिल है।
प्रशासनिक अधिकारी का बड़ा बयान: 'हाथी को मारने की हो सकती है सिफारिश'
घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ और आक्रोश के बीच एक अधिकारी ने माना कि यह वही हाथी हो सकता है जिसने पहले गोमिया (Gomiya) में भी घटना को अंजाम दिया था। अधिकारी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि इस हाथी के व्यवहार पर रिसर्च की जा रही है और उसे 'बदमाश' (Rogue) की श्रेणी में माना जा रहा है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वे इस मामले को आगे बढ़ाएंगे
(Forward करेंगे) और यदि सरकार की तरफ से सिफारिश मंजूर होती है, तो इस खतरनाक हाथी को मारने (Eliminate) की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है ताकि भविष्य में ऐसी जनहानि रोकी जा सके।
ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए ताकि किसी और परिवार के साथ ऐसा हादसा न हो।

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