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Editor: Naresh Prasad Soni
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Hazaribag News: हजारीबाग में 'डे केयर यूनिट' की बदहाली पर सांसद मनीष जायसवाल सख्त, 40 दिनों से दवा के लिए तरस रहे हीमोफिलिया मरीज

हजारीबाग: 40 दिनों से नहीं मिल रही हीमोफिलिया की दवा, 'स्पेशल वार्ड' बना 'कॉमन वार्ड'। सांसद मनीष जायसवाल हुए सख्त, DC से की हस्तक्षेप की मांग।
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Hazaribag News: हजारीबाग में 'डे केयर यूनिट' की बदहाली पर सांसद मनीष जायसवाल सख्त, 40 दिनों से दवा के लिए तरस रहे हीमोफिलिया मरीज

Hazaribag News: झारखंड के हजारीबाग सदर अस्पताल में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बनाया गया 'डे केयर यूनिट' (Day Care Unit) अब खुद बीमार नजर आ रहा है। जिस केंद्र को थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और हीमोफिलिया जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए संजीवनी बनना था, वह आज प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो गया है। हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल (MP Manish Jaiswal) ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
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दीवारों पर पेंटिंग, लेकिन अंदर व्यवस्था 'वेंटिलेटर' पर

साल 2023 में सांसद मनीष जायसवाल के अथक प्रयासों से मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेल सर्जिकल वार्ड में इस डे केयर सेंटर की शुरुआत हुई थी। उद्देश्य था—गंभीर रोगियों को अलग से विशेष उपचार देना। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज यह 'स्पेशल वार्ड' एक 'कॉमन वार्ड' में तब्दील हो चुका है। यहाँ गंभीर रक्त विकारों वाले मरीजों के साथ सामान्य सर्जरी वाले मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा और असुविधा दोनों बढ़ गई है।
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40 दिनों से 'जीवन रक्षक' दवाओं का अकाल

सबसे चिंताजनक स्थिति दवाओं की है। हजारीबाग और चतरा जिले के 40 से अधिक हीमोफिलिया मरीज (Hemophilia Patients) पिछले 40 दिनों से जीवन रक्षक इंजेक्शन 'फैक्टर 8' और 'फैक्टर 9' के लिए दर-दर भटक रहे हैं। अस्पताल में स्टॉक खत्म है और जिम्मेदार मौन हैं।

दूसरे जिलों में 'मिमिक फैक्टर', हजारीबाग में क्यों नहीं?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रांची, बोकारो और देवघर जैसे जिलों में मरीजों को 'मिमिक फैक्टर' दिया जा रहा है। यह न केवल सस्ता है, बल्कि महीने में सिर्फ एक बार लेने की जरूरत पड़ती है। वहीं, हजारीबाग में पुराने महंगे फैक्टर के लिए भी मरीजों को महीने में चार बार दौड़ना पड़ता है और अब वह भी उपलब्ध नहीं है।

सांसद मनीष जायसवाल का एक्शन: 'मरीजों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'

व्यवस्था की इस संवेदनहीनता पर हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने नाराजगी जताई है। उनके निर्देश पर सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने हजारीबाग के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार से बात कर जल्द से जल्द दवा उपलब्ध कराने और वार्ड की गरिमा बहाल करने की मांग की है। साथ ही, रंजन चौधरी ने हजारीबाग के उपायुक्त (DC Hazaribag) शशि प्रकाश सिंह को ट्वीट कर इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। सांसद की पहल के बाद अब उम्मीद जगी है कि जल्द ही डे केयर सेंटर अपनी पुरानी स्थिति में लौटेगा और मरीजों को उनका हक मिलेगा।

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