Dhanbad Police Encounter: प्रिंस खान गैंग पर पुलिस का काल बनकर टूटा कहर, एक हफ्ते में दूसरी मुठभेड़, 3 दबोचे गए
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| धनबाद के भागाबांध में मुठभेड़ के बाद छानबीन करती पुलिस टीम और क्षतिग्रस्त पीसीआर वैन। (Photo: News Post) |
Dhanbad News Update: झारखंड के कोयलांचल में आतंक का पर्याय बन चुके गैंगस्टर प्रिंस खान (Prince Khan) के साम्राज्य को ध्वस्त करने के लिए धनबाद पुलिस अब 'फुल एक्शन' मोड में है। सोमवार तड़के धनबाद के भागाबांध आउटपोस्ट क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा एनकाउंटर है, जिसने अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
संयुक्त ऑपरेशन में मिली बड़ी कामयाबी
मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई रांची और धनबाद पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा की गई। रांची पुलिस को इनपुट मिला था कि शहर के एयरपोर्ट रोड स्थित एक होटल में हुई फायरिंग की घटना में शामिल शूटर धनबाद के भागाबांध इलाके में छिपे हैं।
सूचना के आधार पर जब पुलिस ने तड़के केंदुआडीह बस्ती के पास घेराबंदी की, तो अपराधियों ने खुद को घिरता देख अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। इस मुठभेड़ में पुलिस की एक PCR वैन क्षतिग्रस्त हो गई है, लेकिन जवानों की तत्परता से तीन कुख्यात अपराधी दबोच लिए गए।
गिरफ्तार अपराधियों की कुंडली
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जिन तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम और पृष्ठभूमि इस प्रकार हैं:
विक्की डोम: धनबाद का स्थानीय निवासी और गैंग का सक्रिय सदस्य।
अफजल: धनबाद निवासी, जो रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहा है।
अमन सिंह उर्फ कुबेर सिंह: यह मूल रूप से पलामू का रहने वाला है और प्रिंस खान गैंग के लिए 'शूटर' का काम करता था।
पुलिस के अनुसार, ये अपराधी न केवल रांची होटल फायरिंग, बल्कि धनबाद के चर्चित फहीम खान के बेटे इकबाल खान के ड्राइवर पर हुई फायरिंग में भी मुख्य आरोपी थे।
मौके से बरामदगी और FSL की जांच
मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में कारतूस, जिंदा बम और कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची से FSL (Forensic Science Laboratory) और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि फरार अन्य तीन अपराधियों की तलाश में विशेष टीम छापेमारी कर रही है।
8 मार्च को भी हुआ था एनकाउंटर
बता दें कि इससे पहले 8 मार्च को गोविंदपुर थाना क्षेत्र के फायरिंग रेंज के पास पुलिस और प्रिंस खान के गुर्गों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस घटना में शूटर सुदीश ओझा को गोली लगी थी, जबकि सरायढेला थाना के एक दारोगा भी घायल हुए थे। बैक-टू-बैक इन एनकाउंटर्स ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है।

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