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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर पर गिरी गाज: वायरल वीडियो में नेताओं पर लगाए थे गंभीर आरोप, अब नपे

दिल्ली पुलिस ने वायरल वीडियो मामले में इंस्पेक्टर राजीव पर की बड़ी कार्रवाई। नेताओं पर लगाए थे अपराधियों को छुड़ाने के आरोप। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर पर गिरी गाज: वायरल वीडियो में नेताओं पर लगाए थे गंभीर आरोप, अब नपे 

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
दिल्ली पुलिस ने अनुशासनहीनता के आरोप में इंस्पेक्टर राजीव को पदमुक्त कर डिस्ट्रिक्ट लाइन्स भेजा।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने दिल्ली पुलिस के गलियारों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। इस वीडियो में भारत नगर थाने के कार्यवाहक एसएचओ (SHO) रहे इंस्पेक्टर राजीव को जनता के बीच कुछ ऐसी बातें कहते सुना गया, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और राजनीतिक हस्तक्षेप पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर को पद से हटा दिया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, अशोक विहार के एटीओ (ATO) इंस्पेक्टर राजीव, जो नियमित एसएचओ की अनुपस्थिति में भारत नगर थाने का प्रभार संभाल रहे थे, एक सार्वजनिक बातचीत के दौरान विवादित बयान दे बैठे। वीडियो में उन्हें यह आरोप लगाते सुना गया कि नशे के कारोबार और अन्य अपराधों में शामिल अपराधियों को जनप्रतिनिधियों (नेताओं) के कहने पर छोड़ दिया जाता है।

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, दिल्ली पुलिस की छवि पर सवाल उठने लगे। पुलिस मुख्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया कि इंस्पेक्टर द्वारा कही गई बातें पूरी तरह से निराधार और गैर-जिम्मेदाराना हैं।

दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि इंस्पेक्टर राजीव के बयान उनके निजी विचार हो सकते हैं, लेकिन यह विभाग के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाते। विभाग ने इसे 'घोर कदाचार' (Gross Misconduct) माना है।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु:

इंस्पेक्टर राजीव को तत्काल प्रभाव से एसएचओ के पद से हटा दिया गया है।

उन्हें डिस्ट्रिक्ट लाइन्स (District Lines) भेज दिया गया है।

विभाग ने उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी है।

'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर जोर

इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह बिना किसी बाहरी दबाव या हस्तक्षेप के कानून के दायरे में रहकर काम करती है। पुलिस का कहना है कि वे मादक पदार्थों (Narcotics) और अन्य अपराधों के खिलाफ निरंतर अभियान चला रहे हैं और समाज में अपराध के प्रति उनकी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वीडियो से जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल होती है, यही कारण है कि विभाग ने बिना समय गंवाए आरोपी अधिकारी पर डंडा चलाया है। यह कार्रवाई अन्य पुलिस कर्मियों के लिए भी एक संदेश है कि सार्वजनिक मंच पर बिना तथ्यों के बयानबाजी भारी पड़ सकती है। 

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