हजारीबाग रामनवमी 2026: शांति और सौहार्द के लिए जिला प्रशासन का 'मास्टर प्लान', जानें बैठकों का पूरा शेड्यूल
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हजारीबाग, न्यूज़ प्रहरी: झारखंड के हजारीबाग की विश्वप्रसिद्ध रामनवमी को लेकर इस वर्ष भी उत्साह चरम पर है। पर्व के सफल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में आ गया है। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 151/15.03.2026) के अनुसार, प्रशासन ने विभिन्न पूजा समितियों, अखाड़ा अध्यक्षों और शांति समिति के सदस्यों के साथ चरणबद्ध तरीके से महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है।
प्रशासनिक सतर्कता और माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश
इस वर्ष का रामनवमी आयोजन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बैठकों का मुख्य एजेंडा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराना है। इन बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन (Crowd Management), और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि भक्तों की आस्था भी सुरक्षित रहे और शहर की विधि-व्यवस्था भी सुदृढ़ बनी रहे।
बैठकों का विस्तृत शेड्यूल: नोट कर लें तारीखें
जिला प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की हैं ताकि सूक्ष्म स्तर पर चर्चा की जा सके:
हजारीबाग शहर क्षेत्र: 16 मार्च 2026 को पैराडाइज रिजॉर्ट में हजारीबाग क्षेत्र की पूजा समितियों और आयोजकों के साथ संवाद होगा।
बड़कागांव एवं केरेडारी क्षेत्र: 18 मार्च 2026 को बड़कागांव प्रखंड परिसर में क्षेत्रीय अखाड़ों और समितियों की बैठक बुलाई गई है।
बरही अनुमंडल: 20 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे नगर भवन सभागार, बरही में अनुमंडल के सभी अखाड़ों और समितियों के साथ चर्चा की जाएगी।
इन मुख्य बिंदुओं पर रहेगी पैनी नजर
बैठकों के दौरान प्रशासन केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े इन 5 बिंदुओं पर कड़ाई से चर्चा करेगा:
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण: जुलूस के दौरान डीजे और साउंड सिस्टम के लिए निर्धारित डेसिबल मानकों का पालन।
यातायात प्रबंधन: शहर में रूट डायवर्जन और नो-एंट्री जोन की जानकारी ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
स्वच्छता व्यवस्था: जुलूस मार्ग और अखाड़ा स्थलों पर सफाई के विशेष इंतजाम।
ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी: संवेदनशील इलाकों में तकनीक के जरिए निगरानी की योजना।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई का प्रावधान।
सद्भावना समिति की भूमिका
हजारीबाग की रामनवमी अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए भी जानी जाती है। प्रशासन इस बार सद्भावना समिति और शांति समिति के सदस्यों को सक्रिय कर रहा है। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना इतने बड़े आयोजन को सफल बनाना संभव नहीं है। सभी अखाड़ा अध्यक्षों और सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वॉलंटियर्स की सूची तैयार रखें।
निष्कर्ष: सहयोग ही सफलता की कुंजी
हजारीबाग जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों और आयोजकों से अपील की है कि वे निर्धारित बैठकों में ससमय उपस्थित हों। यह केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित और भव्य रामनवमी की नींव है। न्यूज़ प्रहरी भी सभी नागरिकों से अपील करता है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के साथ सहयोग करें। हजारीबाग: राजस्व वसूली में लापरवाही पर कमिश्नर सख्त, अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग पर नकेल कसने का आदेश

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