Daru: रामनवमी, सरहुल और ईद पर DJ बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध, हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सीधी कार्रवाई
नरेश सोनी विशेष संवाददाता
हजारीबाग न्यूज़ डेस्क: आगामी मार्च महीने में ईद, सरहुल और रामनवमी के त्योहार मनाए जाने हैं। इन त्योहारों को शांतिपूर्ण और सांप्रदायिक सद्भाव के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से दारू थाना प्रांगण में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य फोकस झारखंड उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा जुलूसों में डीजे (DJ) बजाने पर लगाई गई सख्त रोक का अनुपालन सुनिश्चित कराना था।
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दारू थाना परिसर में आगामी त्योहारों को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक और झारखंड हाई कोर्ट द्वारा जारी डीजे प्रतिबंध का आधिकारिक आदेश। |
झारखंड हाई कोर्ट का सख्त आदेश: डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन द्वारा बैठक में एक आधिकारिक दस्तावेज़ के माध्यम से न्यायालय के सख्त निर्देशों की जानकारी दी गई।
झारखंड सिविल सोसाइटी बनाम झारखंड राज्य (W.P.(PIL) No-1997 of 2019) मामले में उच्च न्यायालय ने 16 जुलाई 2024 को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था।
इस आदेश के तहत राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि पूरे राज्य में किसी भी जुलूस में डीजे (D.J.) बजाने को रोका जाए और इसके लिए कोई अनुमति न दी जाए।
यह स्पष्ट किया गया है कि यदि इस आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो इसे न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) माना जाएगा। और ऐसे मामलों में सीधे तौर पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों से त्योहार मनाने की अपील
दारू थाना में थाना प्रभारी इक़बाल हुसैन और प्रखंड विकास पदाधिकारी हारून रशीद के संयुक्त बैठक में डीसी (DC) और एसपी (SP) के निर्देशों को पढ़कर उपस्थित लोगों को सुनाया गया।
वक्ताओं और प्रशासन ने स्थानीय अखाड़ा समितियों से अपील की कि डीजे संस्कृति को छोड़कर इस बार रामनवमी को पारंपरिक वाद्य यंत्रों (जैसे ताशा पार्टी) के साथ भव्य तरीके से मनाया जाए।
बैठक में मौजूद सभी समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सहयोग करने और बिना डीजे के एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए त्योहारों को सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने पर अपनी सहमति व्यक्त की।
मेडिकल और एंबुलेंस व्यवस्था की उठी मांग
शांति समिति की बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
लोगों ने मांग की कि रामनवमी के जुलूस के समय दारू और आसपास के प्रमुख स्थानों पर कम से कम दो एंबुलेंस और फर्स्ट एड (First Aid) किट की व्यवस्था की जाए।
इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जुलूस के दौरान डॉक्टर और एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

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