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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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बड़कागांव में कोयला परियोजनाओं के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: पदयात्रा और धरना दे सौंपा ज्ञापन, आवंटन रद्द करने की मांग

बड़कागांव में कोयला परियोजनाओं के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: पदयात्रा और धरना दे सौंपा ज्ञापन, आवंटन रद्द करने की मांग

बड़कागांव (हजारीबाग)। झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत बड़कागांव प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र में प्रस्तावित विभिन्न कोल ब्लॉक कोयला परियोजनाओं के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीणों ने आज एकजुट होकर एक विशाल पदयात्रा एवं धरना कार्यक्रम का आयोजन किया। आंदोलन के अंत में ग्रामीणों ने उपायुक्त (डीसी) हजारीबाग के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री कार्यालय सहित केंद्रीय मंत्रियों को एक मांग पत्र (ज्ञापन) प्रेषित कर कोल ब्लॉकों के आवंटन को तत्काल रद्द करने की गुहार लगाई है।

Naya DC Office Hazaribagh Ke samaksh.

इन कोल ब्लॉकों के विरोध में उतरे ग्रामीण

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, यह विरोध मुख्य रूप से गोन्दलपुरा, बादम, मोइत्रा, बाबूपारा एवं रोहने कोल ब्लॉक कोयला परियोजनाओं के खिलाफ है। ज्ञापन की प्रतिलिपियां निम्नलिखित प्रमुख कार्यालयों को भेजी गई हैं:

प्रधान सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली।

संयुक्त सचिव, केंद्रीय कोयला मंत्रालय, भारत सरकार।

संयुक्त सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार।

संयुक्त सचिव, केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार।

मुख्य सचिव, झारखंड सरकार, रांची।

विनाशकारी विकास और विस्थापन का डर

ग्रामीणों ने अपने आवेदन में तीखी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इन कोयला परियोजनाओं के कारण बड़कागांव प्रखंड के पूर्वी क्षेत्र का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त होने की कगार पर पहुंच जाएगा। इससे पूर्व भी पश्चिमी क्षेत्र में संचालित पकरीबरवाडीह कोयला परियोजना के कारण कई गांव पूरी तरह उजड़ चुके हैं, और वहां के अधिकांश निवासी विस्थापन का दंश झेलकर गुमनामी के अंधेरे में खो गए हैं।

Bhuneshwar Mehta, Pradeep Prasad, Roshan Lal Choudhary.

ग्रामीणों ने चेताया कि:

जल संकट: कर्णपुरा उत्तरी एवं दक्षिणी क्षेत्र में चल रही अन्य खनन परियोजनाओं के दुष्परिणाम सामने हैं। बड़कागांव के पूर्वी क्षेत्र के गांवों की सिंचाई एवं पेयजल का मुख्य स्रोत 'बदमाही नदी' है, जो इन नई परियोजनाओं के कारण पूरी तरह सूख जाएगी।

खाद्यान्न संकट: यह पूरा क्षेत्र नदियों और नालों के किनारे बसा है, जहां की भूमि बहुफसली एवं अत्यंत उपजाऊ है। यहां बड़े पैमाने पर धान, गन्ना, सब्जी, तिलहन और दलहन की खेती होती है। कृषि भूमि नष्ट होने से न केवल इस क्षेत्र में, बल्कि आसपास के इलाकों में भी गंभीर खाद्यान्न संकट पैदा हो जाएगा, जिसकी भरपाई किसी भी मुआवजे की राशि से संभव नहीं है।

पर्यावरण एवं वन्यजीवों को खतरा: इन परियोजनाओं के कारण हजारों हेक्टेयर वन भूमि नष्ट होगी और लाखों पेड़ काटे जाएंगे। बड़े वन क्षेत्र को नष्ट कर छोटे-छोटे बगीचे लगाना पर्यावरण संरक्षण का विकल्प नहीं हो सकता, जैसा कि गोन्दलपुरा कोल परियोजना में अडानी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, यह क्षेत्र हाथियों का कॉरिडोर भी है, जिससे वन्यजीवों पर गंभीर संकट खड़ा होगा।

कंपनियों पर 'फर्जी' ग्राम सभाएं कराने का आरोप

ज्ञापन में स्थानीय प्रशासन और कंपनियों की कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनियां फर्जी किसानों को खड़ा कर ग्राम सभा एवं लोक सुनवाई जैसे नाटक आयोजित करने का प्रयास कर रही हैं। उदाहरणस्वरूप, अडानी कंपनी द्वारा 20 जनवरी 2026 तथा एनटीपीसी कंपनी द्वारा 10 मई 2026 को एनटीपीसी आईटीआई कॉलेज में आयोजित किए गए कार्यक्रमों को ग्रामीणों ने सिरे से 'अस्वीकार' कर दिया है।

ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित क्षेत्र में निष्पक्ष रूप से मतपत्र (बैलेट पेपर) के माध्यम से जनमत संग्रह कराया जाए। यदि 51% जनता परियोजनाओं के पक्ष में निर्णय देती है तो परियोजनाएं जारी रहें, अन्यथा आवंटन तत्काल रद्द किया जाए।

आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें:

इन परियोजनाओं के लिए ग्राम सभा प्रस्ताव पारित करने से संबंधित सभी फर्जी पत्रों एवं प्रक्रियाओं को तत्काल निरस्त किया जाए।

खाद्य, जल, प्राणवायु सुरक्षा एवं आर्थिक संतुलन को ध्यान में रखकर उपरोक्त सभी कोल ब्लॉकों का आवंटन तुरंत रद्द हो।

कंपनियों के विरोध को दबाने हेतु आंदोलनकारी किसानों व ग्रामीणों पर लगाए गए सभी झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं तथा गिरफ्तार साथियों को अविलंब रिहा किया जाए।

बड़कागांव पुलिस प्रशासन द्वारा कंपनियों के प्रभाव में आकर आंदोलनकारियों के साथ की जा रही मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और जमीन देने के दबाव पर तत्काल रोक लगाई जाए।

आंदोलन में प्रमुख रूप से शामिल चेहरे

धरना और पदयात्रा के संचालन एवं नेतृत्व में क्षेत्र के कई प्रमुख सामाजिक और राजनैतिक कार्यकर्ता शामिल रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संयुक्त किसान मोर्चा के महासचिव राजकुमार भारत (हरियाणा), आज आजादी क्यों आंदोलन (बिहार प्रदेश संयोजन) की शिलम झा, और सीपीआई (C.P.I) के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक उपस्थित थे।

इसके साथ ही स्थानीय आंदोलनकारियों और प्रतिनिधियों में बालेश्वर महतो, श्रीकांत निराला, यशोदा देवी, विकास कुमार, लोकनाथ महतो, मुखिया इलियास अंसारी, मुनेश्वर महतो, रवि कुमार दांगी (बादम), अनिरुद्ध कुमार दांगी (हरली), विनोद महतो (गोन्दलपुरा), प्रदीप प्रसाद (हजारीबाग सदर) और रोशन लाल चौधरी (बड़कागांव) आदि ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

भवदीय: समस्त प्रभावित ग्रामीण, बड़कागांव पूर्वी क्षेत्र, हजारीबाग, झारखंड।


संपादकीय टिप्पणी: विकास की कीमत पर विनाश कब तक?

बड़कागांव के पूर्वी क्षेत्र से उठी विरोध की यह आवाज कोई नई नहीं है, लेकिन यह इस बात का जिंदा सुबूत है कि 'विकास' के नाम पर 'विस्थापन' का जो दर्द झारखंड के आदिवासियों और किसानों को मिला है, उसकी टीस अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। ग्रामीणों का यह डर पूरी तरह जायज है कि अगर उपजाऊ बहुफसली जमीन, बदमाही नदी जैसी जीवनदायिनी जलस्रोत और पर्यावरण का आधार माने जाने वाले जंगल ही उजाड़ दिए जाएंगे, तो मुआवजे के चंद टुकड़े भविष्य की भूख कैसे मिटा पाएंगे?

पकरीबरवाडीह परियोजना का उदाहरण सबके सामने है, जहां के मूल निवासी आज अपनी पहचान खोकर गुमनामी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। ऐसे में गोन्दलपुरा, बादम और रोहने जैसी पांच बड़ी परियोजनाओं को बिना स्थानीय जनभावनाओं के लागू करना जल, जंगल और जमीन पर सीधे हमले जैसा है।

कॉर्पोरेट कंपनियों पर 'फर्जी' ग्राम सभाएं और लोक सुनवाई आयोजित करने के जो आरोप ग्रामीणों ने लगाए हैं, वे बेहद गंभीर हैं और लोकतंत्र की मूल भावना को आहत करते हैं। अगर देश का किसान और ग्रामीण मतपत्र (बैलेट पेपर) के जरिए जनमत संग्रह की मांग कर रहा है, तो सरकार और जिला प्रशासन को इस पारदर्शी प्रक्रिया से पीछे नहीं हटना चाहिए। लोकतंत्र में लाठी और मुकदमों के दम पर जनता की आवाज को दबाकर किया जाने वाला विकास, कभी भी जन-कल्याणकारी नहीं हो सकता। समय आ गया है कि नीतियां बनाने वाले एयर-कंडीशन कमरों से निकलकर बदमाही नदी के सूखने के खतरे और किसानों के माथे की चिंता को समझें।

— संपादक, न्यूज़ प्रहरी

हजारीबाग: राजस्व वसूली में लापरवाही पर कमिश्नर सख्त, अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग पर नकेल कसने का आदेश

हजारीबाग: राजस्व वसूली में लापरवाही पर कमिश्नर सख्त, अवैध बालू खनन और ओवरलोडिंग पर नकेल कसने का आदेश

हजारीबाग: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के विभिन्न विभागों में राजस्व वसूली की सुस्त रफ्तार पर प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है।

हजारीबाग में आंतरिक वित्तीय संसाधनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार।

गुरुवार को हजारीबाग स्थित प्रमंडलीय कार्यालय के सभागार में आयोजित आंतरिक वित्तीय संसाधनों की समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।

बैठक में खान, वाणिज्य कर, परिवहन, उत्पाद, कृषि, माप-तौल और निबंधन समेत कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों और उनके वार्षिक राजस्व लक्ष्य की गहन समीक्षा की गई।

इन विभागों के प्रदर्शन पर जताई कड़ी नाराजगी

समीक्षा के दौरान राज्यकर एवं राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार, आरटीए और माप-तौल विभाग की उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से काफी कम पाई गई। इस पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अधिकारी 'स्मार्ट लक्ष्य' निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए रणनीतिक प्रयास करने और कार्यों की कड़ी निगरानी की सख्त जरूरत है। इस महीने के अंत तक हर हाल में राजस्व वसूली बढ़ाने का एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

अवैध बालू उठाव और ओवरलोडिंग पर बजेगा डंडा

प्रमंडल के कई घाटों से हो रहे अवैध बालू खनन पर लगाम कसने के लिए कमिश्नर ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध बालू का उठाव पूरी तरह बंद होना चाहिए और चोरी-छिपे खनन करते पकड़े जाने वालों पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही, जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को निर्देश दिया गया है कि वे वाहनों की नियमित जांच कर नियमानुसार जुर्माना वसूलें। सड़कों पर ओवरलोडिंग करने वाले बड़े वाहनों और बिना परमिट के चल रहे छोटे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का भी सख्त आदेश दिया गया है।

पेट्रोल पंपों की होगी औचक जांच

उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की सही मात्रा मिल सके, इसके लिए माप एवं तौल विभाग को समय-समय पर पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करने को कहा गया है। घटतौली की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।

लंबित मामलों का जल्द हो निपटारा

राजस्व वृद्धि के उद्देश्य से नीलाम पत्र (सर्टिफिकेट केस) से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर ज़ोर दिया गया है। नीलाम पत्र पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर से त्वरित कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट सौंपें। इसके अलावा, भूमि और फ्लैट निबंधन के मामलों में तेजी लाने को कहा गया है ताकि सरकारी खजाने में अपेक्षित राजस्व की प्राप्ति हो सके।

बैठक में हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा और रामगढ़ जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें खान निदेशक, संयुक्त आयुक्त (वाणिज्य कर), क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के सचिव और विभिन्न जिलों के DTO एवं उत्पाद अधीक्षक मौजूद रहे।

हजारीबाग के विकास के लिए डीसी का बड़ा फैसला: कंपनियों को गोद लेना होगा एक-एक गांव, जानें CSR बैठक के अहम निर्देश

हजारीबाग के विकास के लिए डीसी का बड़ा फैसला: कंपनियों को गोद लेना होगा एक-एक गांव, जानें CSR बैठक के अहम निर्देश

हजारीबाग: जिले के समग्र विकास और ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन ने कॉरपोरेट कंपनियों के साथ मिलकर एक बड़ा खाका तैयार किया है।

हजारीबाग समाहरणालय में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह।

गुरुवार को हजारीबाग समाहरणालय भवन में उपायुक्त (DC)  शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कंपनियों को उनके सामाजिक दायित्वों का कड़ाई से पालन करने और जिले के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कई सख्त व अहम निर्देश दिए गए हैं।

हर कंपनी लेगी एक गांव गोद

उपायुक्त ने जिले में काम कर रही विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड से हो रहे कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के काम केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने चाहिए। इसके लिए उन्होंने सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे जिले का एक-एक गांव गोद लें और एक ठोस योजना बनाकर उस गांव का समग्र विकास (Overall Development) सुनिश्चित करें।

पीवीटीजी (PVTG) समुदाय और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस

बैठक में विशेष रूप से कमजोर और वंचित वर्गों, खासकर पीवीटीजी (Particularly Vulnerable Tribal Groups) समुदाय की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन समुदायों के क्षेत्रों में:

शौचालय और सामुदायिक भवन का निर्माण हो।

स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए।

पशुपालन और आजीविका से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।

हाथी प्रभावित परिवारों की महिलाओं को मिलेगा रोजगार

हजारीबाग के हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी बैठक में एक बेहद संवेदनशील फैसला लिया गया। हाथी के हमले से प्रभावित हुए परिवारों की महिलाओं को अब आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। सीएसआर फंड के जरिए इन महिलाओं को विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) दिया जाएगा ताकि वे खुद के पैरों पर खड़ी हो सकें।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष जोर

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने मूक-बधिर विद्यालयों के जीर्णोद्धार (Renovation) को भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। इसके अलावा, जिले के टीबी (TB) मरीजों और कुपोषित बच्चों के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए, कंपनियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे इन मरीजों और बच्चों तक नियमित रूप से पौष्टिक आहार पहुंचाना सुनिश्चित करें।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी और कई कॉरपोरेट कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन के इन निर्देशों पर जल्द अमल करने का भरोसा दिलाया।

हजारीबाग: घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों पर विराम, प्रशासन ने कहा- "आपूर्ति बिल्कुल सामान्य"

हजारीबाग: घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों पर विराम, प्रशासन ने कहा- "आपूर्ति बिल्कुल सामान्य"

हजारीबाग: अगर आप हजारीबाग के निवासी हैं और घरेलू गैस या पेट्रोल-डीजल की किल्लत की किसी भी अफवाह को लेकर चिंतित हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में आवश्यक ईंधनों की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू और सामान्य है। किसी भी उपभोक्ता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।

हजारीबाग समाहरणालय: जिले में पेट्रोलियम और घरेलू गैस आपूर्ति की समीक्षा करते हुए सदर एसडीओ व अन्य अधिकारी।

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के कड़े निर्देशों के बाद, सदर अनुमण्डल पदाधिकारी (SDO) आदित्य पांडेय ने 11 मार्च 2026 को पेट्रोलियम और घरेलू गैस की स्थिति पर एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव के साथ-साथ IOCL, BPCL और HPCL के नोडल पदाधिकारी और गैस एजेंसी व पेट्रोल पम्प संचालक मौजूद थे।

घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता, e-KYC है अनिवार्य

बैठक में IOCL के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जिले के गोदामों में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हालांकि, कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति फिलहाल बाधित है, जिसके कारण होटलों को इसकी सप्लाई नहीं की जा रही है।

गैस डिलीवरी को पारदर्शी बनाने के लिए BPCL और HPCL के प्रतिनिधियों ने बताया कि अब गैस लेते समय उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक 'DSE कोड' आता है। इसी कोड के आधार पर गैस सिलेंडर सौंपा जाता है। एसडीओ आदित्य पांडेय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि गैस एजेंसियों को हर हाल में शत-प्रतिशत लाभुकों का e-KYC पूरा करना होगा। e-KYC के बिना गैस मिलना संभव नहीं होगा, इसलिए ग्राहकों को भी इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर लेना चाहिए।

स्कूलों-अस्पतालों को निर्बाध आपूर्ति, कालाबाजारी पर पैनी नजर

प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आवश्यक सेवाएं हैं। बैठक में निर्देश दिए गए कि स्कूलों और अस्पतालों में गैस की सप्लाई किसी भी सूरत में नहीं रुकनी चाहिए।

चूंकि होटलों को कॉमर्शियल गैस नहीं मिल रही है, ऐसे में घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग (Commercial use) का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सभी एरिया मैनेजरों को होटलों का औचक निरीक्षण करने का टास्क दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि घरेलू गैस की कालाबाजारी करते हुए पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पेट्रोल पंपों पर स्थिति पूरी तरह सामान्य

ईंधन को लेकर जिले के पेट्रोल पंपों की भी समीक्षा की गई। सेल्स मैनेजरों और कारगिल पेट्रोल पम्प जैसे प्रमुख संचालकों ने रिपोर्ट दी कि सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल की निरंतर आपूर्ति हो रही है। आम नागरिकों को वाहन के लिए ईंधन भरवाने में कोई परेशानी नहीं आ रही है।

एसडीओ ने साफ शब्दों में कहा है कि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति हर हाल में निर्बाध रहनी चाहिए। जमाखोरी (Hoarding) या कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन जनहित को सर्वोपरि रखते हुए हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

हजारीबाग: डीसी की संवेदनशीलता, संत माइकल स्कूल के 160 दिव्यांग बच्चों को मिले श्रवण यंत्र, मिलेगी स्मार्ट क्लास की सौगात

हजारीबाग: डीसी की संवेदनशीलता, संत माइकल स्कूल के 160 दिव्यांग बच्चों को मिले श्रवण यंत्र, मिलेगी स्मार्ट क्लास की सौगात

नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी विशेष संवाददाता।

हजारीबाग: जिला प्रशासन ने समाज के विशेष बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम उठाया है। बुधवार को हजारीबाग के उपायुक्त (DC)  शशि प्रकाश सिंह ने दीपगढ़ा स्थित संत माइकल स्कूल फॉर द हियरिंग इंपेयर्ड (St. Michael School for the Hearing Impaired) का दौरा किया और वहां अध्ययनरत 160 बच्चों के बीच श्रवण यंत्र (Hearing Aids) का वितरण किया। इस नई तकनीक को पाकर मूक-बधिर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

हजारीबाग डीसी शशि प्रकाश सिंह ने संत माइकल स्कूल के 160 मूक-बधिर बच्चों को श्रवण यंत्र बांटे और विद्यालय को स्मार्ट क्लास की सौगात दी।

प्रशासनिक अभिभावक की भूमिका में दिखे डीसी

श्रवण यंत्र वितरण के दौरान बच्चों से संवाद करते हुए उपायुक्त काफी भावुक और संवेदनशील नजर आए। उन्होंने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जिला प्रशासन एक अभिभावक की भूमिका में हमेशा उनके साथ खड़ा है। उनकी जो भी आवश्यकताएं होंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

विद्यालय को मिली स्मार्ट क्लास की सौगात

इस खास मौके पर उपायुक्त ने केवल श्रवण यंत्र ही नहीं बांटे, बल्कि विद्यालय परिसर का विस्तृत भ्रमण कर वहां की मूलभूत सुविधाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने कंप्यूटर लैब, साइंस लैब और हॉस्टल की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही परिसर में शुद्ध पेयजल, बिजली की समुचित व्यवस्था और खेल के मैदान की स्थिति भी परखी।

निरीक्षण के दौरान जब शिक्षकों ने बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए 'स्मार्ट क्लास' (Smart Class) की आवश्यकता जताई, तो उपायुक्त ने बिना किसी देरी के इस प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही विद्यालय में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी जाएगी ताकि ये बच्चे भी नवाचार और आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें।

'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बनेगा संस्थान

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने संत माइकल स्कूल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान विशेष बच्चों के जीवन को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों की आधुनिक आवश्यकताओं का आकलन कर एक सूची जिला प्रशासन को सौंपें। इस संस्थान को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन की ओर से हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा, विद्यालय के तमाम शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हजारीबाग: जमुनिया तरी के बिरहोरों को मिली शुद्ध पानी की सौगात, डीसी की पहल पर लगा वाटर प्यूरीफायर

हजारीबाग: जमुनिया तरी के बिरहोरों को मिली शुद्ध पानी की सौगात, डीसी की पहल पर लगा वाटर प्यूरीफायर

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के उत्थान और उनके स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से रेस है। इसी कड़ी में चौपारण प्रखंड के बिरहोर समुदाय बहुल क्षेत्र, जमुनिया तरी बिरहोर टोला में शुद्ध पेयजल की पुरानी समस्या को दूर करते हुए एक बड़ी राहत दी गई है। यहां के निवासियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा वाटर प्यूरीफायर (Water Purifier) स्थापित किया गया है।

हजारीबाग के चौपारण स्थित जमुनिया तरी बिरहोर टोला और स्थानीय विद्यालय में स्थापित किया गया नया वाटर प्यूरीफायर।

डीसी के क्षेत्र भ्रमण के बाद हुई त्वरित कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, कुछ समय पूर्व हजारीबाग के उपायुक्त (DC) श्री शशि प्रकाश सिंह ने इस क्षेत्र का दौरा किया था। भ्रमण के दौरान उन्होंने बिरहोर समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उनकी मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इसी क्रम में यह बात सामने आई कि क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की भारी कमी है, जिसका सीधा असर ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द इलाके में वाटर प्यूरीफायर लगाने का सख्त निर्देश दिया था।

सीएसआर (CSR) फंड का हुआ सदुपयोग

उपायुक्त के निर्देशों का पालन करते हुए, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) मद के तहत जमुनिया तरी बिरहोर टोला में त्वरित गति से वाटर प्यूरीफायर का अधिष्ठापन कर दिया गया है।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों का भी रखा गया ध्यान

जिला प्रशासन ने केवल गांव के मुख्य क्षेत्रों तक ही इस सुविधा को सीमित नहीं रखा है। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में भी अलग से वाटर प्यूरीफायर लगाए गए हैं। इससे अब स्कूल आने वाले नौनिहालों और स्थानीय ग्रामीणों को प्रदूषित पानी से होने वाली बीमारियों से निजात मिलेगी और सुरक्षित पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

ग्रामीणों ने जताया प्रशासन का आभार

सालों पुरानी पेयजल की समस्या का समाधान होने से जमुनिया तरी के बिरहोर परिवारों में खुशी की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों ने उपायुक्त और जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल के लिए अपना आभार व्यक्त किया है। वहीं, जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि जिले के दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में, विशेषकर बिरहोर जैसे समुदाय तक सभी बुनियादी सरकारी सुविधाएं पहुंचाने के लिए आगे भी निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

HAZARIBAGH: रामनवमी और मंगला जुलूस को लेकर प्रशासन ने किया फ्लैग मार्च, डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

HAZARIBAGH: रामनवमी और मंगला जुलूस को लेकर प्रशासन ने किया फ्लैग मार्च, डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

HAZARIBAGH: आगामी रामनवमी और मंगला जुलूस को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में मंगलवार को जिला प्रशासन और पुलिस बल की ओर से शहर में जुलूस के निर्धारित मार्गों का रूट वेरिफिकेशन किया गया और सुरक्षा का कड़ा संदेश देते हुए फ्लैग मार्च निकाला गया।

हजारीबाग में आगामी रामनवमी और मंगला जुलूस की सुरक्षा तैयारियों को लेकर रूट वेरिफिकेशन और फ्लैग मार्च करते प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी

शहर के इन प्रमुख इलाकों में हुआ रूट वेरिफिकेशन

प्रशासनिक टीम ने सीसीआर (CCR) से पेट्रोलिंग की शुरुआत की। यह टीम इंद्रपुरी चौक, नूरा, पगमिल और छड़वा डैम होते हुए झंडा चौक तक पहुंची और भौगोलिक स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए बड़ा अखाड़ा और पंच मंदिर चौक से जामा मस्जिद रोड तक फ्लैग मार्च किया गया। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करना और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना था।

हाईकोर्ट के निर्देश पर डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माननीय उच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए इस वर्ष पर्व-त्योहारों के दौरान डीजे (DJ) के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या समिति इस नियम का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सभी शहरवासियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन कर शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

मंगला जुलूस के लिए चप्पे-चप्पे पर रहेगी फोर्स की तैनाती

रामनवमी पर्व 2026 के अवसर पर निकलने वाले प्रथम, द्वितीय और तृतीय मंगला जुलूस को लेकर भी विशेष तैयारियां की गई हैं। विभिन्न थाना क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जोनल दंडाधिकारी, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और लाठी बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे आपसी समन्वय बनाकर अपने निर्धारित स्थानों पर मुस्तैद रहें।

निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण रूट वेरिफिकेशन और फ्लैग मार्च में सदर अनुमंडल पदाधिकारी  आदित्य पांडेय, अपर समाहर्ता संतोष सिंह, सहायक समाहर्ता  आनंद शर्मा, भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, डीआरडीए निदेशक मां देवप्रिया, जिला परिवहन पदाधिकारी  वैद्यनाथ कामती और डीपीआरओ रोहित कुमार सहित पुलिस-प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

Daru: रामनवमी, सरहुल और ईद पर DJ बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध, हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सीधी कार्रवाई

Daru: रामनवमी, सरहुल और ईद पर DJ बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध, हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सीधी कार्रवाई

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग न्यूज़ डेस्क: आगामी मार्च महीने में ईद, सरहुल और रामनवमी के त्योहार मनाए जाने हैं। इन त्योहारों को शांतिपूर्ण और सांप्रदायिक सद्भाव के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से दारू थाना प्रांगण में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य फोकस झारखंड उच्च न्यायालय (High Court) द्वारा जुलूसों में डीजे (DJ) बजाने पर लगाई गई सख्त रोक का अनुपालन सुनिश्चित कराना था।

दारू थाना परिसर में आगामी त्योहारों को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक और झारखंड हाई कोर्ट द्वारा जारी डीजे प्रतिबंध का आधिकारिक आदेश।



झारखंड हाई कोर्ट का सख्त आदेश: डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन द्वारा बैठक में एक आधिकारिक दस्तावेज़ के माध्यम से न्यायालय के सख्त निर्देशों की जानकारी दी गई।

झारखंड सिविल सोसाइटी बनाम झारखंड राज्य (W.P.(PIL) No-1997 of 2019) मामले में उच्च न्यायालय ने 16 जुलाई 2024 को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था।

इस आदेश के तहत राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि पूरे राज्य में किसी भी जुलूस में डीजे (D.J.) बजाने को रोका जाए और इसके लिए कोई अनुमति न दी जाए।

यह स्पष्ट किया गया है कि यदि इस आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो इसे न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) माना जाएगा। और ऐसे मामलों में सीधे तौर पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पारंपरिक वाद्य यंत्रों से त्योहार मनाने की अपील

दारू थाना में थाना प्रभारी इक़बाल हुसैन और प्रखंड विकास पदाधिकारी हारून रशीद के संयुक्त बैठक में डीसी (DC) और एसपी (SP) के निर्देशों को पढ़कर उपस्थित लोगों को सुनाया गया।

वक्ताओं और प्रशासन ने स्थानीय अखाड़ा समितियों से अपील की कि डीजे संस्कृति को छोड़कर इस बार रामनवमी को पारंपरिक वाद्य यंत्रों (जैसे ताशा पार्टी) के साथ भव्य तरीके से मनाया जाए।

बैठक में मौजूद सभी समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सहयोग करने और बिना डीजे के एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए त्योहारों को सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने पर अपनी सहमति व्यक्त की।

मेडिकल और एंबुलेंस व्यवस्था की उठी मांग

शांति समिति की बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

लोगों ने मांग की कि रामनवमी के जुलूस के समय दारू और आसपास के प्रमुख स्थानों पर कम से कम दो एंबुलेंस और फर्स्ट एड (First Aid) किट की व्यवस्था की जाए।

इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जुलूस के दौरान डॉक्टर और एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 - हजारीबाग प्रेस क्लब ने महिला पत्रकारों को किया सम्मानित, प्राकृतिक मुकुट पहनाकर बढ़ाया मान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 - हजारीबाग प्रेस क्लब ने महिला पत्रकारों को किया सम्मानित, प्राकृतिक मुकुट पहनाकर बढ़ाया मान

विशेष संवाददाता: नरेश सोनी 

हजारीबाग न्यूज़ डेस्क: समाज में जागरूकता फैलाने और सच्चाई को सामने लाने में महिलाओं की भूमिका किसी से कम नहीं है। इसी बात को चरितार्थ करते हुए, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) के अवसर पर रविवार को हजारीबाग प्रेस क्लब में एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर जिले की मीडिया और पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिला पत्रकारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

हजारीबाग प्रेस क्लब में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मानित होतीं जिले की तेज-तर्रार महिला पत्रकार।

इन महिला पत्रकारों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्यरत और अपनी लेखनी व रिपोर्टिंग से अलग पहचान बनाने वाली तीन महिला पत्रकारों— मनस्वी पाठक, अपराजिता पांडे और भव्या साहू को सम्मानित किया गया। हजारीबाग प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और विशेष रूप से तैयार किए गए प्राकृतिक पत्तों के मुकुट पहनाकर उनके काम की सराहना की। प्राकृतिक मुकुट से किया गया यह सम्मान कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।

चुनौतियों के बीच निडरता से समाज की आवाज़ बन रहीं महिलाएं

इस सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज और पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती और महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना था। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज के दौर में महिला पत्रकार केवल समाचार कक्ष तक सीमित नहीं हैं। वे ग्राउंड रिपोर्टिंग की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी निडर होकर डटी हुई हैं और समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज़ को मजबूती से सामने ला रही हैं।

वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि पत्रकारिता जैसे जोखिम भरे और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में महिलाओं की लगातार बढ़ती भागीदारी समाज में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आ रही है।

समान अधिकार और महिला सशक्तिकरण का संकल्प

समारोह में न केवल सम्मान दिया गया, बल्कि महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं के समान अधिकारों पर भी गहरी चर्चा हुई। प्रेस क्लब के अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकारों और अन्य गणमान्य अतिथियों ने एक सुर में यह संकल्प लिया कि महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक सुरक्षित, बेहतर और समान अवसर वाला माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम का समापन महिला पत्रकारों की मेहनत और उनके अदम्य साहस को सलाम करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देकर किया गया।


हजारीबाग नगर निगम चुनाव: 11 बजे तक 18.2% मतदान, डीसी-एसपी ने संभाला मोर्चा, शांतिपूर्ण वोटिंग जारी

 

हजारीबाग नगर निगम चुनाव: 11 बजे तक 18.2% मतदान, डीसी-एसपी ने संभाला मोर्चा, शांतिपूर्ण वोटिंग जारी

हजारीबाग, 23 फरवरी 2026:

हजारीबाग नगर निगम चुनाव (आम निर्वाचन- 2026) के तहत सोमवार को लोकतंत्र का महापर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिल रही हैं। जिला जनसंपर्क कार्यालय से प्राप्त ताज़ा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11 बजे तक हजारीबाग में कुल 18.2% मतदान दर्ज किया गया है। वहीं, चुनाव को पूरी तरह से शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

"ग्राउंड जीरो पर एक्शन में हजारीबाग डीसी और एसपी! शांतिपूर्ण मतदान के बीच 11 बजे तक 18.2% वोटिंग।"

वार्ड 31 से 36 के मतदाताओं में सबसे अधिक उत्साह

शुरुआती रुझानों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक कुल मतदान 8.04% था। वार्ड-वार आंकड़ों पर नज़र डालें तो वार्ड संख्या 31 से 36 के मतदाताओं ने सबसे अधिक उत्साह दिखाया, जहाँ 9 बजे तक 10.20% वोटिंग हुई।

  • वार्ड संख्या 1-6: 8.23%
  • वार्ड संख्या 7-12: 7.80%
  • वार्ड संख्या 13-18: 6.82%
  • वार्ड संख्या 19-24: 7.69%
  • वार्ड संख्या 25-30: 7.67%
  • वार्ड संख्या 31-36: 10.20%

डीसी और एसपी ने किया मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण

मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए हजारीबाग के उपायुक्त (DC)  शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) अंजनी अंजन ने संयुक्त रूप से विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा किया। दोनों आला अधिकारियों ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर मतदान व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और मतदाताओं को दी जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।

​निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मतदान कर्मियों से सीधा संवाद कर आवश्यक जानकारी ली और उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदान हर हाल में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न होना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस बलों को सख्त हिदायत दी गई कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में विधि-व्यवस्था बनाए रखें।

निर्भीक होकर मतदान करने की अपील

उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने हजारीबाग के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वे निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र के इस पर्व में सभी नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित होनी चाहिए।"

​जिला प्रशासन की ओर से जारी बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि हजारीबाग के सभी वार्डों में मतदान पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से चल रहा है और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

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