हजारीबाग के विकास के लिए डीसी का बड़ा फैसला: कंपनियों को गोद लेना होगा एक-एक गांव, जानें CSR बैठक के अहम निर्देश
हजारीबाग: जिले के समग्र विकास और ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन ने कॉरपोरेट कंपनियों के साथ मिलकर एक बड़ा खाका तैयार किया है।
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| हजारीबाग समाहरणालय में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह। |
गुरुवार को हजारीबाग समाहरणालय भवन में उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कंपनियों को उनके सामाजिक दायित्वों का कड़ाई से पालन करने और जिले के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कई सख्त व अहम निर्देश दिए गए हैं।
हर कंपनी लेगी एक गांव गोद
उपायुक्त ने जिले में काम कर रही विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड से हो रहे कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के काम केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने चाहिए। इसके लिए उन्होंने सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे जिले का एक-एक गांव गोद लें और एक ठोस योजना बनाकर उस गांव का समग्र विकास (Overall Development) सुनिश्चित करें।
पीवीटीजी (PVTG) समुदाय और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
बैठक में विशेष रूप से कमजोर और वंचित वर्गों, खासकर पीवीटीजी (Particularly Vulnerable Tribal Groups) समुदाय की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन समुदायों के क्षेत्रों में:
शौचालय और सामुदायिक भवन का निर्माण हो।
स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए।
पशुपालन और आजीविका से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।
हाथी प्रभावित परिवारों की महिलाओं को मिलेगा रोजगार
हजारीबाग के हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी बैठक में एक बेहद संवेदनशील फैसला लिया गया। हाथी के हमले से प्रभावित हुए परिवारों की महिलाओं को अब आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। सीएसआर फंड के जरिए इन महिलाओं को विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) दिया जाएगा ताकि वे खुद के पैरों पर खड़ी हो सकें।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष जोर
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने मूक-बधिर विद्यालयों के जीर्णोद्धार (Renovation) को भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। इसके अलावा, जिले के टीबी (TB) मरीजों और कुपोषित बच्चों के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए, कंपनियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे इन मरीजों और बच्चों तक नियमित रूप से पौष्टिक आहार पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी और कई कॉरपोरेट कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन के इन निर्देशों पर जल्द अमल करने का भरोसा दिलाया।

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