-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Special Offer
🎙️ न्यूज़ प्रहरी रिपोर्टर बनें
क्या आप अपने क्षेत्र की आवाज बनना चाहते हैं?
मात्र 5 मिनट में अपनी पत्रकार ID एवं अपॉइंटमेंट लेटर प्राप्त करें!
PVTG Development लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
PVTG Development लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

हजारीबाग के विकास के लिए डीसी का बड़ा फैसला: कंपनियों को गोद लेना होगा एक-एक गांव, जानें CSR बैठक के अहम निर्देश

हजारीबाग के विकास के लिए डीसी का बड़ा फैसला: कंपनियों को गोद लेना होगा एक-एक गांव, जानें CSR बैठक के अहम निर्देश

हजारीबाग: जिले के समग्र विकास और ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन ने कॉरपोरेट कंपनियों के साथ मिलकर एक बड़ा खाका तैयार किया है।

हजारीबाग समाहरणालय में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह।

गुरुवार को हजारीबाग समाहरणालय भवन में उपायुक्त (DC)  शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कंपनियों को उनके सामाजिक दायित्वों का कड़ाई से पालन करने और जिले के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कई सख्त व अहम निर्देश दिए गए हैं।

हर कंपनी लेगी एक गांव गोद

उपायुक्त ने जिले में काम कर रही विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड से हो रहे कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के काम केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने चाहिए। इसके लिए उन्होंने सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे जिले का एक-एक गांव गोद लें और एक ठोस योजना बनाकर उस गांव का समग्र विकास (Overall Development) सुनिश्चित करें।

पीवीटीजी (PVTG) समुदाय और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस

बैठक में विशेष रूप से कमजोर और वंचित वर्गों, खासकर पीवीटीजी (Particularly Vulnerable Tribal Groups) समुदाय की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन समुदायों के क्षेत्रों में:

शौचालय और सामुदायिक भवन का निर्माण हो।

स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए।

पशुपालन और आजीविका से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।

हाथी प्रभावित परिवारों की महिलाओं को मिलेगा रोजगार

हजारीबाग के हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी बैठक में एक बेहद संवेदनशील फैसला लिया गया। हाथी के हमले से प्रभावित हुए परिवारों की महिलाओं को अब आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। सीएसआर फंड के जरिए इन महिलाओं को विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) दिया जाएगा ताकि वे खुद के पैरों पर खड़ी हो सकें।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष जोर

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने मूक-बधिर विद्यालयों के जीर्णोद्धार (Renovation) को भी जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है। इसके अलावा, जिले के टीबी (TB) मरीजों और कुपोषित बच्चों के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए, कंपनियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे इन मरीजों और बच्चों तक नियमित रूप से पौष्टिक आहार पहुंचाना सुनिश्चित करें।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी और कई कॉरपोरेट कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन के इन निर्देशों पर जल्द अमल करने का भरोसा दिलाया।

हजारीबाग: जमुनिया तरी के बिरहोरों को मिली शुद्ध पानी की सौगात, डीसी की पहल पर लगा वाटर प्यूरीफायर

हजारीबाग: जमुनिया तरी के बिरहोरों को मिली शुद्ध पानी की सौगात, डीसी की पहल पर लगा वाटर प्यूरीफायर

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के उत्थान और उनके स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से रेस है। इसी कड़ी में चौपारण प्रखंड के बिरहोर समुदाय बहुल क्षेत्र, जमुनिया तरी बिरहोर टोला में शुद्ध पेयजल की पुरानी समस्या को दूर करते हुए एक बड़ी राहत दी गई है। यहां के निवासियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा वाटर प्यूरीफायर (Water Purifier) स्थापित किया गया है।

हजारीबाग के चौपारण स्थित जमुनिया तरी बिरहोर टोला और स्थानीय विद्यालय में स्थापित किया गया नया वाटर प्यूरीफायर।

डीसी के क्षेत्र भ्रमण के बाद हुई त्वरित कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, कुछ समय पूर्व हजारीबाग के उपायुक्त (DC) श्री शशि प्रकाश सिंह ने इस क्षेत्र का दौरा किया था। भ्रमण के दौरान उन्होंने बिरहोर समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उनकी मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इसी क्रम में यह बात सामने आई कि क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की भारी कमी है, जिसका सीधा असर ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द इलाके में वाटर प्यूरीफायर लगाने का सख्त निर्देश दिया था।

सीएसआर (CSR) फंड का हुआ सदुपयोग

उपायुक्त के निर्देशों का पालन करते हुए, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) मद के तहत जमुनिया तरी बिरहोर टोला में त्वरित गति से वाटर प्यूरीफायर का अधिष्ठापन कर दिया गया है।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों का भी रखा गया ध्यान

जिला प्रशासन ने केवल गांव के मुख्य क्षेत्रों तक ही इस सुविधा को सीमित नहीं रखा है। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में भी अलग से वाटर प्यूरीफायर लगाए गए हैं। इससे अब स्कूल आने वाले नौनिहालों और स्थानीय ग्रामीणों को प्रदूषित पानी से होने वाली बीमारियों से निजात मिलेगी और सुरक्षित पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

ग्रामीणों ने जताया प्रशासन का आभार

सालों पुरानी पेयजल की समस्या का समाधान होने से जमुनिया तरी के बिरहोर परिवारों में खुशी की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों ने उपायुक्त और जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल के लिए अपना आभार व्यक्त किया है। वहीं, जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि जिले के दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में, विशेषकर बिरहोर जैसे समुदाय तक सभी बुनियादी सरकारी सुविधाएं पहुंचाने के लिए आगे भी निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972