KVS का कड़ा फैसला: रील्स और वीडियो में स्कूल यूनिफॉर्म-लोगो के इस्तेमाल पर रोक, होगी कानूनी कार्रवाई
बिना अनुमति यूनिफॉर्म और लोगो का प्रयोग अब दंडनीय अपराध।
नई दिल्ली: केन्द्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, फिल्म मेकर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक बेहद सख्त 'पब्लिक नोटिस' जारी किया है। संगठन के संज्ञान में आया है कि कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर KVS की यूनिफॉर्म, नाम और लोगो का इस्तेमाल आपत्तिजनक और भ्रामक तरीके से किया जा रहा है।
अब बिना अनुमति नहीं बनेगी रील
जारी नोटिस के अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति या प्रोडक्शन हाउस बिना लिखित अनुमति के निम्नलिखित चीजों का उपयोग नहीं कर पाएगा:
केन्द्रीय विद्यालय की आधिकारिक यूनिफॉर्म या उससे मिलती-जुलती ड्रेस।
KVS का आधिकारिक लोगो, नाम और चिन्ह।
संस्थान से जुड़ी कोई भी पहचान।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
KVS ने स्पष्ट किया है कि छात्रों या संस्थान की छवि को खराब करने वाले, 'वल्गर' या 'रोमांटिक' तरीके से फिल्माए गए वीडियो को गंभीर अपराध माना जाएगा। इसे मानहानि (Defamation) और बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) का उल्लंघन मानते हुए सिविल और क्रिमिनल केस दर्ज किए जाएंगे।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए अपील
अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) दीपेश गहलोत द्वारा हस्ताक्षरित इस नोटिस में सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और क्रिएटर्स से अपील की गई है कि वे शिक्षण संस्थानों की गरिमा बनाए रखें। नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने के साथ-साथ उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
No comments
Post a Comment