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Editor: Naresh Prasad Soni
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2047 तक कैसी होगी भारतीय सेना? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जारी किया 'विजन 2047' का हाई-टेक मास्टरप्लान

मंत्री राजनाथ सिंह ने 'विजन 2047' रोडमैप जारी किया। जानें कैसे 2047 तक भारतीय सेना को आधुनिक, हाई-टेक और आत्मनिर्भर बनाने का मास्टरप्लान तैयार हुआ है
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2047 तक कैसी होगी भारतीय सेना? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जारी किया 'विजन 2047' का हाई-टेक मास्टरप्लान

नई दिल्ली: भारत को 2047 तक 'विकसित भारत' बनाने के लक्ष्य में देश की सैन्य ताकत की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। भविष्य की इसी जरूरत और सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार (10 मार्च 2026) को 'रक्षा बलों के लिए विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप' जारी किया।

दिल्ली के साउथ ब्लॉक में 'रक्षा बलों के लिए विजन 2047' रोडमैप जारी करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी।


साउथ ब्लॉक में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जारी किया गया यह दृष्टिकोण पत्र (Vision Document) एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय द्वारा तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना को एक आधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत और पूरी तरह से एकीकृत बल में बदलना है।

तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और स्वदेशी तकनीक पर जोर

इस विजन डॉक्यूमेंट में तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों और भू-रणनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति बनाई गई है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

एकीकरण (Jointness): सेना के सभी अंगों (थल, जल और वायु सेना) के बीच योजना, संचालन और क्षमता विकास में बेहतरीन तालमेल स्थापित करना।

आत्मनिर्भरता (Self-Reliance): रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता खत्म करके स्वदेशी प्रौद्योगिकियों (Indigenous Technologies) और घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देना।

आधुनिक तकनीक: भविष्य के युद्धों को देखते हुए सेना को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उन्नत तकनीकों से लैस करना।

अल्पकालिक से लेकर दीर्घकालिक लक्ष्यों का निर्धारण

यह रोडमैप केवल एक परिकल्पना नहीं है, बल्कि इसमें शॉर्ट-टर्म, मिड-टर्म और लॉन्ग-टर्म लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। इसका लक्ष्य सैन्य शक्ति को देश की कूटनीतिक और आर्थिक ताकत के साथ जोड़ना है। योजना यह है कि जब भारत अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाए, तब तक हमारी सेना विश्व स्तर पर सबसे सम्मानित और युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बल के रूप में स्थापित हो जाए।

कार्यक्रम में मौजूद रहे शीर्ष सैन्य अधिकारी

इस महत्वपूर्ण अवसर पर देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति रही। इनमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और थल सेना के उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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