हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पारंपरिक उल्लास के साथ मना भारतीय नव वर्ष
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| विनोबा भावे विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्राध्यापक भारतीय नव वर्ष के अवसर पर पारंपरिक धोती-कुर्ता और कुर्ता-पजामा में। |
धोती-कुर्ता और भारतीय वेशभूषा ने खींचा सबका ध्यान
इस विशेष अवसर पर विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापकों ने आधुनिकता के दौर में अपनी सभ्यता को प्राथमिकता दी। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार गुप्ता, डॉ. सुबोध कुमार सिंह 'शिवगीत' और पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुनील कुमार दुबे पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनकर विश्वविद्यालय पहुँचे। उनकी इस शैली ने भारतीय सभ्यता की निरंतरता को बखूबी दर्शाया।
वहीं, पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. केदार सिंह और पूर्व विश्वविद्यालय विकास पदाधिकारी डॉ. राजू राम भी आकर्षक कुर्ता-पजामा में नजर आए। शिक्षकों के इस सादगीपूर्ण और सांस्कृतिक भाव प्रदर्शन ने विद्यार्थियों और अन्य कर्मचारियों का दिल जीत लिया। पूरे दिन विश्वविद्यालय परिसर में हिंदी विभाग की इस अनूठी पहल की चर्चा होती रही।
नूतन वर्ष की वैज्ञानिकता पर हुआ विमर्श
प्राध्यापकों ने केवल पर्व नहीं मनाया, बल्कि अनौपचारिक चर्चा के माध्यम से विद्यार्थियों को 'जयति वर्ष प्रतिपदा' के वैज्ञानिक महत्व से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भारतीय कैलेंडर प्रकृति के परिवर्तन और खगोलीय गणनाओं पर आधारित है। हिंदी विभाग ने सिद्ध किया कि परंपरा और आधुनिकता के बीच समन्वय स्थापित कर कैसे एक विशिष्ट पहचान बनाई जा सकती है।
मानविकी संकाय के नए संकायाध्यक्ष डॉ. एस जेड हक ने संभाला पदभार
इसी महत्वपूर्ण दिन विश्वविद्यालय में एक और प्रशासनिक बदलाव हुआ। उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ. एस.जेड. हक ने गुरुवार को मानविकी संकाय के नवनियुक्त संकायाध्यक्ष (Dean) के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के पश्चात उन्होंने कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा से शिष्टाचार मुलाकात की। कुलपति ने डॉ. हक को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और संकाय के विकास हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए।
Naresh Soni Editor in Chief Jharkhand India,

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