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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग: नए कानूनों की पाठशाला, दारू पुलिस ने छात्रों को सिखाई 'भारतीय न्याय संहिता' की बारीकियां

हजारीबाग के दारू थाना क्षेत्र में पुलिस ने छात्र-छात्राओं को 'भारतीय न्याय संहिता' के प्रति जागरूक किया। स्कूल में प्रश्नोत्तरी और संवाद कार्यक्रम आयो
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हजारीबाग: नए कानूनों की पाठशाला, दारू पुलिस ने छात्रों को सिखाई 'भारतीय न्याय संहिता' की बारीकियां

एसपी के निर्देश पर सरस्वती उच्च विद्यालय में जागरूकता अभियान; प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद के जरिए छात्रों की जिज्ञासा हुई शांत।

हजारीबाग (दारू): देश की बदलती न्याय व्यवस्था और नए कानूनों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से हजारीबाग पुलिस लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक (एसपी) के दिशा-निर्देशानुसार गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को दारू थाना क्षेत्र के सरस्वती उच्च विद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सरस्वती उच्च विद्यालय
 

भारतीय न्याय संहिता (BNS) पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के नए प्रावधानों से अवगत कराना था। दारू थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्कूल पहुँचकर छात्र-छात्राओं को सरल भाषा में बताया कि किस प्रकार पुराने कानूनों में बदलाव कर उन्हें अधिक नागरिक-केंद्रित बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून का ज्ञान न केवल अपराधों से बचने में मदद करता है, बल्कि यह एक सशक्त नागरिक बनने की पहली सीढ़ी भी है।

संवादात्मक गतिविधियों से जुड़ी जिज्ञासा

अक्सर पुलिस और जनता के बीच एक दूरी देखी जाती है, जिसे कम करने के लिए इस कार्यक्रम में संवादात्मक (Interactive) सत्र को प्रमुखता दी गई।

  • वाद-विवाद प्रतियोगिता: छात्रों के बीच विभिन्न कानूनी विषयों पर वाद-विवाद कराया गया।

  • प्रश्नोत्तरी (Quiz): नए कानूनों से जुड़े सवाल पूछे गए, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

  • संवाद सत्र: छात्रों ने बेझिझक होकर अपनी शंकाएं पुलिस अधिकारियों के सामने रखीं, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया।

शिक्षकों और छात्रों के बीच बढ़ी जागरूकता

सत्र के दौरान केवल छात्र ही नहीं, बल्कि विद्यालय के शिक्षक भी काफी उत्साहित नजर आए। थाना प्रभारी ने शिक्षकों से अपील की कि वे समय-समय पर छात्रों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सचेत करें। उन्होंने साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति भी बच्चों को जागरूक रहने की सलाह दी। उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस जनता की मित्र है और छात्रों को किसी भी आपात स्थिति में बिना डरे पुलिस से संपर्क करना चाहिए।

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  1. मूल चित्र (Original Images): इस कार्यक्रम की कम से कम 2-3 तस्वीरें जरूर लगाएं जिसमें पुलिस अधिकारी और छात्र साथ दिख रहे हों।

  2. कैप्शन (Captioning): फोटो के नीचे यह जरूर लिखें— "सरस्वती उच्च विद्यालय दारू में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारी और छात्र।"

  3. निष्कर्ष (Conclusion): खबर के अंत में एक छोटा निष्कर्ष जरूर दें, जैसा कि ऊपर दिया गया है। यह गूगल को बताता है कि लेख पूर्ण है।


निष्कर्ष

हजारीबाग पुलिस का यह प्रयास न केवल छात्रों को कानूनी रूप से साक्षर बना रहा है, बल्कि समाज में पुलिस की छवि को भी मित्रवत और सहयोगी के रूप में स्थापित कर रहा है। ऐसे कार्यक्रमों से भविष्य में अपराध दर में कमी आने और युवाओं में कानून के प्रति सम्मान बढ़ने की उम्मीद है।

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