विश्व पृथ्वी दिवस: जी.एम संध्याकालीन महाविद्यालय में सेमिनार का आयोजन, विशेषज्ञों ने कहा- 'धरती को बचाने के लिए पौधरोपण और प्लास्टिक मुक्ति अनिवार्य'
भूगोल विभाग और NSS इकाई की संयुक्त पहल; सचिव शम्भु कुमार और प्राचार्य विनय कुमार ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
हजारीबाग:
पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और पृथ्वी को सुरक्षित रखने के वैश्विक संकल्प के साथ आज जी.एम संध्याकालीन महाविद्यालय में 'विश्व पृथ्वी दिवस' उत्साहपूर्वक मनाया गया। महाविद्यालय के भूगोल विभाग और एन.एस.एस. (NSS) इकाई द्वारा आयोजित इस संयुक्त सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच जलवायु परिवर्तन और घटते वन क्षेत्र जैसे गंभीर मुद्दों पर जागरूकता पैदा करना था।
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| पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और पृथ्वी को सुरक्षित रखने के वैश्विक संकल्प |
पौधरोपण से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ महाविद्यालय के सचिव शम्भु कुमार और प्राचार्य विनय कुमार द्वारा महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण करके किया गया। यह सांकेतिक शुरुआत इस संदेश के साथ की गई कि केवल चर्चाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर कार्य करने से ही पृथ्वी को हरा-भरा रखा जा सकता है।
बढ़ती जनसंख्या और ग्लोबल वार्मिंग पर चिंता
सेमिनार को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के सचिव श्री शम्भु कुमार ने कहा, "आज बढ़ती हुई जनसंख्या के दबाव के कारण पृथ्वी पर प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां विकराल रूप ले चुकी हैं। वनों की अनियंत्रित कटाई ने प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ दिया है। यदि हम अभी नहीं संभले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण बचाना असंभव होगा।"
वहीँ, प्राचार्य विनय कुमार ने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सजग होकर ही हम पृथ्वी को स्वच्छ और सुंदर बना सकते हैं। उन्होंने प्रत्येक छात्र से अपने जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की।
विशेषज्ञों के सुझाव और तकनीकी सत्र
भूगोल विभाग के शिक्षक रेयाज अहमद ने विद्यार्थियों को पृथ्वी के भौगोलिक और पर्यावरणीय महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त वातावरण का निर्माण और जनसंख्या नियंत्रण के प्रति सामाजिक जागरूकता ही पृथ्वी के संरक्षण का एकमात्र मार्ग है। उन्होंने छात्रों को 'Single-use Plastic' का त्याग करने की शपथ भी दिलाई।
सेमिनार में महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक विनय कुमार मेहता, अभिनव कुमार और मनोज राणा ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने आधुनिक जीवनशैली में पर्यावरण अनुकूल बदलाव लाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में न केवल शिक्षकों ने, बल्कि विद्यार्थियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। सुप्रिया कुमारी, स्वाति कुमारी, सुरुचि कुमारी, निशांत प्रसाद, सचिन कुमार, गणेश सोरेन और आंचल कुमारी सहित कई छात्रों ने पृथ्वी संरक्षण पर अपने मौलिक विचार और कविताएं प्रस्तुत कीं।
निष्कर्ष और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का समापन एन.एस.एस. कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. उमेश ठाकुर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षक कुंदन शशि शर्मा, आशीष पांडे समेत महाविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे, जिन्होंने पर्यावरण रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल एक शैक्षणिक गतिविधि थी, बल्कि इसने स्थानीय स्तर पर पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को भी प्रबल किया।

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