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Editor: Naresh Prasad Soni
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गुपचुप और स्ट्रीट फूड प्रेमियों की सेहत से खिलवाड़ पड़ेगा भारी, प्रशासन ने जारी की सख्त गाइडलाइन

हजारीबाग जिला प्रशासन ने गुपचुप, पानीपुरी और फल विक्रेताओं हेतु सख्त गाइडलाइन जारी की। नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई।
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गुपचुप और स्ट्रीट फूड प्रेमियों की सेहत से खिलवाड़ पड़ेगा भारी, प्रशासन ने जारी की सख्त गाइडलाइन

फूड पॉइजनिंग के मामलों के बाद एक्शन में जिला प्रशासन; स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए ग्लव्स, मास्क और शुद्ध पेयजल हुआ अनिवार्य।

हजारीबाग: गर्मी के मौसम में बढ़ते संक्रमण और विगत दिनों राज्य के विभिन्न जिलों में गुपचुप (पानीपुरी) के सेवन से फूड पॉइजनिंग के मामले सामने आने के बाद हजारीबाग जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। आम जनमानस के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रशासन ने स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और फल विक्रेताओं के लिए विशेष दिशा-निर्देश (Advisory) जारी किए हैं।
Kalpanik picture.

स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए कड़े मानक


प्रेस विज्ञप्ति संख्या 252 के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गुपचुप, चाट, फास्ट फूड और ठेला लगाने वाले विक्रेताओं को अब स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा। विशेष रूप से गुपचुप के पानी और मसाला तैयार करने में केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग का निर्देश दिया गया है।

स्वच्छता और लाइसेंस अनिवार्य


प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सभी खाद्य व्यवसायियों के लिए FSSAI का फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके साथ ही विक्रेताओं को अब ग्राहकों को परोसते समय दस्ताने (ग्लव्स) पहनना होगा। व्यक्तिगत स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए साफ कपड़े, एप्रन, मास्क और कैप का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रमुख दिशा-निर्देश एक नजर में:


खाद्य सामग्री को हमेशा ढककर रखना और परिसर की सफाई सुनिश्चित करना।

बासी या खराब सामग्री का तुरंत निस्तारण करना।
खाद्य रंगों का प्रयोग केवल निर्धारित मानकों (FSSAI) के अनुरूप करना।

पैक्ड सामग्री पर निर्माण तिथि और लाइसेंस नंबर अंकित होना अनिवार्य।

फल विक्रेताओं पर भी नजर


फलों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने फल विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक रसायनों का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि निरीक्षण के दौरान ऐसे रसायनों का उपयोग पाया गया, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कड़ी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

होगी औचक जांच और कानूनी कार्रवाई


जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाएगा और नमूनों की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत भारी जुर्माना या जेल की सजा का प्रावधान किया जाएगा। प्रशासन ने सभी विक्रेताओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन कर स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं।

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