हजारीबाग बनेगा खेलों का हब: उपायुक्त ने दी मल्टीपरपज इंडोर स्पोर्ट्स सेंटर को मंजूरी, पर्यटन स्थलों का भी होगा कायाकल्प
सूरजकुंड के 2 किमी क्षेत्र में 'नो बोरिंग जोन' घोषित; झील में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और सिलवार-इचाक के मंदिरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक।
हजारीबाग: जिले के युवाओं को खेल के बेहतर अवसर प्रदान करने और स्थानीय पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री हेमंत सती की अध्यक्षता में पर्यटन एवं खेल विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के बुनियादी खेल ढांचे और पर्यटन सुविधाओं में व्यापक सुधार के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
![]() |
| DC Hazaribagh. |
खेलों को मिलेगा नया मुकाम: बनेगा मल्टीपरपज इंडोर सेंटर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में संचालित आवासीय और डे-बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्रों की समीक्षा की। उन्होंने फुटबॉल, तीरंदाजी, हॉकी और एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की प्रगति की जानकारी ली। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय जिले में बहुउद्देशीय खेल केंद्र (Multipurpose Indoor Sports Center) के निर्माण का प्रस्ताव पारित करना रहा। इस सेंटर में बैडमिंटन, टेबल टेनिस और ताइक्वांडो जैसे इंडोर खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं होंगी। साथ ही, हॉकी टर्फ के निर्माण और स्विमिंग के विकास हेतु भी प्रस्ताव मांगे गए हैं।
पर्यटन स्थलों पर मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
पर्यटन विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों के लिए सुरक्षा, स्वच्छता और पेयजल पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने हजारीबाग झील, सिलवार स्थित जगन्नाथ धाम और इचाक के चम्पेश्वरी मंदिर को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्राक्कलन (Estimate) तैयार करने का निर्देश दिया।
सूरजकुंड और झील परिसर के लिए विशेष निर्णय
बरकट्ठा के सुप्रसिद्ध सूरजकुंड के रख-रखाव की जिम्मेदारी अब जिला परिषद संभालेगी। उपायुक्त ने सूरजकुंड के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने के लिए इसके 2 किलोमीटर के दायरे को "नो बोरिंग जोन" घोषित कर दिया है। क्षेत्र में पानी की समस्या के समाधान के लिए चेक डैम निर्माण का निर्णय लिया गया है। वहीं, हजारीबाग झील में पर्यटकों के आकर्षण के लिए फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की निविदा प्रक्रिया जल्द शुरू करने और एम्फी थियेटर के बेहतर संचालन के निर्देश दिए गए।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर
उपायुक्त ने सभी खेल मैदानों में शौचालय और प्रकाश व्यवस्था (Lighting) को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने खेल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि डे-बोर्डिंग केंद्रों का स्वयं भ्रमण कर वहां की जरूरतों का आकलन करें ताकि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण में कोई असुविधा न हो।

No comments
Post a Comment