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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग DC हेमंत सती के जनता दरबार में उमड़ी भीड़; जमीन, एनटीपीसी और पेंशन से जुड़ी समस्याओं पर अधिकारियों को मिला 'टाइम बाउंड' अल्टीमेटम

हजारीबाग में उपायुक्त हेमंत सती ने जनता दरबार में सुनीं जिलावासियों की समस्याएं। भू-राजस्व, एनटीपीसी और पेंशन से जुड़े मामलों पर दिए कड़े निर्देश।
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हजारीबाग DC हेमंत सती के जनता दरबार में उमड़ी भीड़; जमीन, एनटीपीसी और पेंशन से जुड़ी समस्याओं पर अधिकारियों को मिला 'टाइम बाउंड' अल्टीमेटम

SUB-LINE: जनसमस्याओं पर त्वरित एक्शन: उपायुक्त ने कहा— सभी मामलों की जांच कर तय समय-सीमा के भीतर निष्पादन करें अधिकारी, आमजन को तुरंत मिले राहत।


हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क)।

हजारीबाग जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में 'जनता दरबार' का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन की इस साप्ताहिक जन-सुनवाई में जिले के दूर-दराज के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे।

DC Hazaribagh Ka Janta Darbaar
 

इन गंभीर मुद्दों पर प्राप्त हुए सबसे अधिक आवेदन

इस शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार में विभिन्न विभागों से संबंधित दर्जनों शिकायतें और आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विषय शामिल रहे:

  • भू-राजस्व और जमीन विवाद: ऑनलाइन रसीद कटने में आ रही दिक्कतें, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), भूमि अतिक्रमण और परिशोधन पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याएं।

  • मुआवजा और विकास योजनाएं: भू-अर्जन के एवज में मुआवजा भुगतान तथा एनटीपीसी (NTPC) से जुड़े स्थानीय विस्थापितों के मामले।

  • सामाजिक सुरक्षा: वृद्ध व विधवा पेंशन, पीएम आवास योजना और समाज कल्याण विभाग के तहत मिलने वाले लाभ।

  • बुनियादी आवश्यकताएं: विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत, वन पट्टा और होमगार्ड आवास से संबंधित मांगें।

उपायुक्त ने तय की समय-सीमा, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

जनता दरबार में पहुंचे एक-एक फरियादी की बात को उपायुक्त हेमंत सती ने बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। आवेदनों के ऑन-द-स्पॉट रिव्यू के बाद उन्होंने इन्हें संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अग्रसारित (Forward) किया।

उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे इन मामलों को फाइलों में दबाकर न रखें। उन्होंने कहा, "सभी प्राप्त आवेदनों की धरातल पर जांच की जाए और एक निर्धारित समय-सीमा (Time Bound Limits) के भीतर उनका सकारात्मक निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।"

प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर

नए उपायुक्त की इस कार्यशैली से समाहरणालय पहुंचे नागरिकों में एक नई उम्मीद जगी है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जनता दरबार केवल आवेदन जमा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को सीधे और त्वरित राहत पहुंचाना है।

संपादकीय संदेश:

हजारीबाग में एनटीपीसी, भू-अर्जन और जमीन से जुड़े मामले लंबे समय से संवेदनशील रहे हैं। ऐसे में नए उपायुक्त हेमंत सती द्वारा इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर सुलझाने का निर्देश देना, जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


प्रस्तुति: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

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