हजारीबाग में अवैध शराब माफियाओं पर बड़ा एक्शन: उत्पाद विभाग की छापेमारी में 23 जलती भट्ठियां ध्वस्त
सहायक आयुक्त उत्पाद के निर्देशन में कटकमदाग थाना क्षेत्र के सलगावा (हरिजन टोला) और लुटा क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाई।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
हजारीबाग, 30 मई 2026: जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, संचय और परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। हजारीबाग उपायुक्त महोदय द्वारा जारी सघन छापेमारी आदेश के आलोक में उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। यह पूरी कार्रवाई सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन और निरीक्षक उत्पाद के करीबी पर्यवेक्षण में कटकमदाग थाना क्षेत्र में संचालित की गई।
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| Utpaat Vibhag Team Dwara Kiya Gaya Chhapemari . |
23 जलती भट्ठियों को किया गया ध्वस्त:
उत्पाद विभाग की टीम ने कटकमदाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सलगावा (हरिजन टोला) के घरों में संचालित 8 भट्ठियों, लुटा क्षेत्र में संचालित 10 भट्ठियों और सलगावा के ही 5 अलग-अलग घरों में अवैध रूप से चलाई जा रही महुआ चुलाई शराब की जलती भट्ठियों पर एक साथ धावा बोला। टीम की इस अचानक हुई कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया।
भारी मात्रा में सामग्री जब्त और जावा महुआ नष्ट:
सघन तलाशी के दौरान छापेमारी दल ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों में छिपाकर रखा गया करीब 1200 किलोग्राम किन्वयण योग्य (सड़ा हुआ) जावा महुआ बरामद किया, जिसे मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट (विनष्ट) कर दिया गया। इसके अलावा, अवैध शराब बनाने के उपकरण, बर्तन और अन्य सामग्रियों के साथ-साथ लगभग 220 लीटर तैयार अवैध चुलाई शराब को जब्त किया गया है।
दोषियों पर कानूनी शिकंजा:
उत्पाद विभाग के अनुसार, इस अवैध धंधे में संलिप्त मुख्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। सभी दोषियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
छापेमारी दल के जांबाज:
इस सफल और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाले छापेमारी दल में मुख्य रूप से उत्पाद निरीक्षक सौरभ कुमार झा, अवर निरीक्षक उत्पाद भुनेश्वर नायक, अवर निरीक्षक उत्पाद सुमितेश कुमार, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह सहित सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के जवान शामिल थे।
संपादकीय दृष्टिकोण / संपादकीय टिप्पणी (Sampadakiye)
ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में अवैध महुआ शराब का निर्माण न केवल सरकार के राजस्व को चपत लगाता है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर मूक खतरा है। हजारीबाग उपायुक्त और उत्पाद टीम द्वारा कटकमदाग के सलगावा और लुटा क्षेत्र में की गई यह त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। घरों के भीतर और जलती हुई 23 भट्ठियों का पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि यह अवैध कारोबार कितने बड़े पैमाने पर जड़ें जमा चुका था।
अक्सर देखा जाता है कि छापेमारी के बाद कुछ दिनों तक तो शांति रहती है, लेकिन निगरानी ढीली पड़ते ही ये भट्ठियां दोबारा सुलग उठती हैं। प्रशासन को केवल सामग्री नष्ट करने तक सीमित न रहकर, इसमें संलिप्त किंगपिन और माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजना होगा। साथ ही, ऐसे संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय मुखबिर तंत्र को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके।
जन सुझाव / पब्लिक सजेशंस (Public Suggestions)
- डिजिटल और गुप्त शिकायत तंत्र: जिला प्रशासन एक समर्पित व्हाट्सएप नंबर या टोल-फ्री हेल्पलाइन जारी करे, जहां ग्रामीण बिना अपनी पहचान उजागर किए अवैध शराब भट्ठियों की गुप्त जानकारी सीधे अधिकारियों को दे सकें।
- लगातार और औचक निरीक्षण: कटकमदाग जैसे संवेदनशील हॉटस्पॉट्स पर केवल एक बार की छापेमारी के बजाय, उत्पाद विभाग को हर १५ दिनों में ड्रोन या स्थानीय पुलिस के सहयोग से औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) करना चाहिए।
- जागरूकता एवं वैकल्पिक रोजगार: सलगावा (हरिजन टोला) जैसे क्षेत्रों में जहां घरों के भीतर शराब चुलाई हो रही है, वहां महिलाओं और युवाओं को आजीविका मिशन (JSLPS) से जोड़कर वैकल्पिक और सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं।
- कड़े कानूनी मुकदमों की पैरवी: इस मामले में पकड़े गए या चिह्नित किए गए आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सख्त पैरवी की जाए ताकि क्षेत्र के अन्य अपराधियों में कानून का डर पैदा हो।

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