मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सख्त निर्देश: 'मइयां योजना' के लाभुकों को सत्यापन के नाम पर न किया जाए परेशान, आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाने और बाल विवाह रोकने का दिया आदेश
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की महत्वाकांक्षी और जन-कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने के उद्देश्य से एक बड़ी समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक कल्याण विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य जनता को राहत देना है, न कि उन्हें दफ्तरों के चक्कर कटवाना।
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| News Prahari. |
"मइयां सम्मान योजना" के नाम पर परेशानी बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री
बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की सबसे चर्चित और लोकप्रिय 'मइयां सम्मान योजना' (Maiya Samman Yojana) की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की। महिलाओं को दी जाने वाली इस वित्तीय सहायता योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़ा रुख अपनाने को कहा:
मुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत दी कि योजना का लाभ ले रहीं महिलाओं या नए आवेदकों को केवल 'सत्यापन' (Verification) और कागजी जांच के नाम पर बेवजह परेशान न किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस या वैध कारण के लाभुकों की राशि रोकना या प्रक्रिया को जटिल बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल, सुलभ और पारदर्शी रखें ताकि पात्र महिलाओं के खाते में समय पर सम्मान राशि पहुँच सके।
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| Cmo Jharkhand |
आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर जोर
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नौनिहालों और गर्भवती माताओं के पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा का मुख्य आधार आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ और बेहतर बनाया जाए। केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, सुसज्जित शौचालय और बच्चों के अनुकूल मनोरंजक वातावरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास सही ढंग से हो सके।
बाल विवाह और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समाज के ताने-बाने को नुकसान पहुँचाने वाली सामाजिक बुराइयों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विभाग को आदेश दिया कि ग्रामीण और सुदूर इलाकों में बाल विवाह (Child Marriage), कन्या भ्रूण हत्या और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन और सखी मंडलों के सहयोग से कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
विभिन्न लोक माध्यमों से योजनाओं का होगा वृहद प्रचार-प्रसार
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सरकार द्वारा महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और वृद्धों के कल्याण के लिए चलाई जा रही दर्जनों महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी हर ग्रामीण तक पहुँचनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:
सोशल मीडिया, समाचार पत्रों, होर्डिंग्स, जागरूकता रथ और स्थानीय नुक्कड़ नाटकों जैसे विभिन्न माध्यमों का व्यापक उपयोग किया जाए।
योजनाओं का वृहद प्रचार-प्रसार (Mass Awareness Campaign) इस प्रकार किया जाए कि अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति भी जागरूक होकर समय पर आवेदन कर सके और सीधे तौर पर लाभान्वित हो।


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