हजारीबाग में खतियानी परिवार की बड़ी बैठक: 'स्टेशन बना पर जनता को नहीं मिला लाभ', कोलकाता के लिए सीधी ट्रेन और बंद कोयला डिपो खोलने की पुरजोर मांग
नदेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
हजारीबाग। हजारीबाग शहर के पुराना धरना स्थल के नजदीक 'खतियानी परिवार' की एक महत्वपूर्ण और आवश्यक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ सदस्य श्री अशोक राम द्वारा की गई। बैठक के दौरान हजारीबाग जिले की बुनियादी समस्याओं, रेल संपर्क के अभाव और घरेलू ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और केंद्र सरकार की नीतियों पर असंतोष व्यक्त किया गया।
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| Khatian Parivar Meeting Hazaribagh Railway Coal Depot 2026 |
"रेल आई पर हजारीबाग को भरपूर लाभ नहीं मिला" : मोहम्मद हकीम
बैठक को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए खतियानी परिवार के महासचिव मोहम्मद हकीम ने हजारीबाग रेलवे स्टेशन की व्यवस्था और रेल रूट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हजारीबाग में रेलवे स्टेशन तो बन गया और ट्रेनें भी आने-जाने लगी हैं, लेकिन स्थानीय जनता को इसका भरपूर और वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
महासचिव ने निम्नलिखित मुख्य बिंदु सामने रखे:
- कोलकाता रूट की उपेक्षा: हजारीबाग के व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए सबसे निकटतम और बड़ा बाजार कोलकाता (Kolkata) है। वर्तमान में हजारीबाग से कोलकाता आने-जाने के लिए केवल बस की ही सुविधा है, जिसके तहत रोजाना रात में लगभग दर्जनों बसें कोलकाता के लिए चलती हैं।
- ट्रेन की मांग: यदि रेल मंत्रालय हजारीबाग रेलवे स्टेशन से कोलकाता तक के लिए एक अच्छी और सीधी ट्रेन की सुविधा उपलब्ध करा देता, तो यहाँ के व्यापारियों को सुलभ बाजार मिलता और आम यात्रियों का सफर आसान हो जाता।
- पटना-रांची ट्रेन का भारी किराया: केंद्र सरकार द्वारा रांची से पटना के बीच चलाई गई ट्रेन का भाड़ा अत्यधिक है। यही कारण है कि लोग आज भी कम खर्च में पटना जाने के लिए बसों का सहारा लेने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत नीतियों के कारण कोलकाता जैसे महत्वपूर्ण बाजार की उपेक्षा हो रही है।
बढ़ती गैस कीमतों के विकल्प के रूप में 'कोयला डिपो' शुरू करने की मांग
महासचिव मोहम्मद हकीम ने देश में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महंगी गैस के कारण देश सहित हजारीबाग की गृहणियां और परिवार बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
- प्रचुर भंडार के बाद भी डिपो बंद: हजारीबाग जिला कोयले के भंडार से पूरी तरह भरपूर है, लेकिन स्थानीय कोल डिपो बंद पड़े हुए हैं। इसके कारण गरीब जनता महंगे गैस सिलेंडर की बराबरी नहीं कर पा रही है।
- जनप्रतिनिधियों से त्वरित कार्रवाई की अपील: खतियानी परिवार ने पूर्व में भी स्थानीय प्रतिनिधियों से कोयला डिपो खोलने की मांग की थी। संगठन ने इस बार प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से त्वरित ध्यान देने का आग्रह किया है।
- रोजगार के अवसर: यदि गैस के स्थान पर वैकल्पिक ईंधन के रूप में कोयला डिपो का निर्माण और संचालन पुनः शुरू किया जाए, तो हजारीबाग की जनता को इस बड़ी समस्या से मुक्ति मिलेगी और इससे जुड़े सैकड़ों स्थानीय लोगों को रोजगार (Employment) के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
बैठक में ये सदस्य मुख्य रूप से रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में खतियानी परिवार के महासचिव मोहम्मद हकीम और अध्यक्ष अशोक राम के अलावा मदेश विश्वकर्मा, छवि यादव, मो. असलम, अलीजान मियाँ, मो. आशिक, हन्जला हाशमी, अशरफ अली, वोधी साँव, तनवीर अहमद, विजय मिश्रा, राम चन्द्र राम, मो. नईम, मेघन मेहता, वालेशवर कुमार दास, शोएब अन्सारी सहित सैकड़ों अन्य सदस्य और स्थानीय नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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