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Editor: Naresh Prasad Soni
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अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज़ 2A को केंद्रीय कैबिनेट की हरी झंडी: एयरपोर्ट कॉरिडोर को मिली मंजूरी, 2,169 करोड़ रुपये होंगे खर्च

अहमदाबाद मेट्रो फेज़ 2A मंजूर। कोटेश्वर रोड से एयरपोर्ट कॉरिडोर के लिए 2169 करोड़ रुपये स्वीकृत। जानें रूट व स्टेशनों के नाम।
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अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज़ 2A को केंद्रीय कैबिनेट की हरी झंडी: एयरपोर्ट कॉरिडोर को मिली मंजूरी, 2,169 करोड़ रुपये होंगे खर्च

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में लिया गया बड़ा फैसला; 6 किलोमीटर लंबे नए रूट पर बनेंगे 5 स्टेशन, जुड़वां शहरों का मेट्रो नेटवर्क बढ़कर होगा 77.63 किलोमीटर"— पीआईबी

राष्ट्रीय ब्यूरो, नई दिल्ली/अहमदाबाद

  • रिपोर्टर: नेशनल डेस्क (News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार (दिनांक: 10 जून 2026)

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल (केंद्रीय कैबिनेट) ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज़ 2A (Phase 2A) को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस नए फेज़ के तहत कोटेश्वर रोड से लेकर एयरपोर्ट कॉरिडोर तक मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद अहमदाबाद और गांधीनगर के जुड़वां शहरों में सक्रिय मेट्रो रेल नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 77.63 किलोमीटर हो जाएगी, जो गुजरात के शहरी परिवहन के इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

"अहमदाबाद और गांधीनगर के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब सीधे मेट्रो से जा सकेंगे एयरपोर्ट, मोदी कैबिनेट ने दी मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी!"

परियोजना की लागत और रूट का पूरा विवरण

​केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृत विवरण के अनुसार, अहमदाबाद मेट्रो फेज़ 2A की कुल लंबाई 6.032 किलोमीटर होगी। इस नए कॉरिडोर की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • कुल लागत: निर्माण के दौरान लगने वाले ब्याज (IDC) सहित इस प्रोजेक्ट की कुल समापन लागत 2,169.04 करोड़ रुपये आंकी गई है।
  • स्टेशनों की संख्या: इस पूरे रूट पर कुल 05 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 04 स्टेशन एलिवेटेड (जमीन से ऊपर) और 01 स्टेशन अंडरग्राउंड (भूमिगत) होगा।
  • स्टेशनों के नाम: इस नए कॉरिडोर में शामिल होने वाले स्टेशनों के नाम आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती रिवर, सरदार नगर और एयरपोर्ट निर्धारित किए गए हैं।

रोजगार के नए अवसरों का होगा सृजन

​बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ यह प्रोजेक्ट रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ी राहत लेकर आएगा। अहमदाबाद मेट्रो फेज़ 2A के निर्माण कार्य के चरम (Peak Period) के दौरान लगभग 2,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, मेट्रो के सुचारू संचालन और रखरखाव (Operation & Maintenance) के चरण में लगभग 500 लोगों को स्थायी रूप से काम मिलने की संभावना है।

प्रोजेक्ट के बहुआयामी लाभ और भविष्य की खेल प्रतियोगिताएं

  • सुगम कनेक्टिविटी: यह नया फेज़ सीधे तौर पर अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शहर के प्रमुख आवासीय और वाणिज्यिक हब से जोड़ेगा, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को बिना किसी ट्रैफिक जाम के एयरपोर्ट तक निर्बाध पहुंच मिलेगी।
  • अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में मददगार: इस रूट के आसपास के क्षेत्रों में विश्व पुलिस खेल 2029 (World Police Games 2029) और राष्ट्रमंडल खेल 2030 (Commonwealth Games 2030) के लिए अत्याधुनिक खेल सुविधाएं विकसित होने की प्रबल संभावना है, जिसमें यह मेट्रो कॉरिडोर रीढ़ की हड्डी का काम करेगा।
  • ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से राहत: मेट्रो का विस्तार होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे यात्रा के समय में बचत होगी और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी। साथ ही, पारंपरिक जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल) पर निर्भरता कम होने से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी।
  • आर्थिक और सामाजिक प्रभाव: रेलवे स्टेशनों, बस डिपो और एयरपोर्ट के बीच बेहतर तालमेल से व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे समाज के सभी वर्गों को समान रूप से किफायती सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा, जिससे जीवन स्तर में सुधार आएगा।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड ( तकनीकी व अवसंरचना ज्ञान / Metro Infrastructure Insights)

​📌 जानिए क्या होती है निर्माण के दौरान ब्याज (IDC) लागत और अंडरग्राउंड मेट्रो की चुनौतियाँ?

  • आईडीसी (Interest During Construction): किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए लिए गए लोन पर निर्माण अवधि के दौरान जो ब्याज बनता है, उसे प्रोजेक्ट की कुल लागत (Completion Cost) में ही जोड़ दिया जाता है। इसे विधिक व वित्तीय भाषा में 'आईडीसी' कहा जाता है।
  • अंडरग्राउंड बनाम एलिवेटेड स्टेशन: एलिवेटेड स्टेशनों की तुलना में अंडरग्राउंड (भूमिगत) स्टेशन के निर्माण में तीन गुना अधिक लागत आती है, क्योंकि इसमें टनल बोरिंग मशीनों (TBM) का उपयोग और सघन भूमिगत सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होता है। फेज़ 2A में एयरपोर्ट के पास सुरक्षा कारणों से ही 1 अंडरग्राउंड स्टेशन का प्रावधान किया गया है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: वैश्विक खेल आयोजनों और शहरी गतिशीलता की ओर बढ़ते कदम (Editorial)

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और वर्ल्ड पुलिस गेम्स का मजबूत आधार बनेगा अहमदाबाद मेट्रो का नया विस्तार

केंद्रीय कैबिनेट द्वारा अहमदाबाद मेट्रो फेज़ 2A को दी गई मंजूरी केवल एक यातायात कॉरिडोर का विस्तार नहीं है, बल्कि यह भारत के वैश्विक खेल हब बनने की तैयारियों का एक हिस्सा है। साल 2029 और 2030 में होने वाले अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के मद्देनजर एयरपोर्ट को मेट्रो ग्रिड से जोड़ना बेहद दूरदर्शी कदम है। 2,169 करोड़ रुपये का यह निवेश आने वाले समय में गुजरात के आर्थिक पहिए को और गति देगा। 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि इस प्रोजेक्ट की असली सफलता तब होगी जब निर्माण कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए, ताकि आम जनता और आने वाले अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को समय पर इसका लाभ मिल सके।

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