90 दिवसीय आउटरीच अभियान: प्रधान जिला न्यायाधीश धुर्व चंद्र मिश्रा के निर्देश पर गांवों-चौराहों तक पहुंचा जिला विधिक सेवा प्राधिकार; टोल फ्री नंबर 15100 जारी
"न्याय सदन से आम लोगों को मिलेगी निशुल्क कानूनी सहायता, टोल फ्री नंबर से घर बैठे ले सकेंगे परामर्श"— सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी
विशेष संवाददाता, हजारीबाग
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले जिले भर में 90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता आउटरीच कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया जा रहा है। इसी महाअभियान के तहत गुरुवार को टाटीझरिया प्रखंड अंतर्गत टाटी गांव के विभिन्न टोलों, कस्बों, चौक-चौराहों और हाट-बाजारों में मोबाइल कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों के बीच कानूनी साक्षरता का प्रसार किया गया।
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यह वृहद कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग धुर्व चंद्र मिश्रा के दिशा-निर्देशों एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की सीधी मॉनिटरिंग व देखरेख में सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में चलाया जा रहा है।
कुप्रथाओं और कानूनी अधिकारों पर अधिकार मित्रों ने दी जानकारी
शिविर में विशेष रूप से प्रशिक्षित अधिकार मित्रों (लीगल वॉलिंटियर्स) के द्वारा ग्रामीण महिला और पुरुषों को कानून से संबंधित उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। टाटी गांव में आयोजित कैंप के दौरान अधिकार मित्रों ने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं जैसे— घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी एवं दहेज प्रथा के विरुद्ध कड़े कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को इन सामाजिक बुराइयों से कानूनी रूप से बचने और इनके खिलाफ आवाज उठाने के महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
टोल फ्री नंबर 15100 से घर बैठे मिलेगा मुफ्त विधिक परामर्श
शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं और प्राधिकार के प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को बताया कि:
"हजारीबाग स्थित न्याय सदन एक ऐसी जगह है, जहां समाज के गरीब, शोषित, वंचित और जरूरतमंद लोग बिना एक भी रुपया खर्च किए पूर्णतः निशुल्क विधिक परामर्श और अदालती सहायता (Free Legal Aid) प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर निशुल्क विधिक सहायता हेतु टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 लॉन्च किया गया है। इस नंबर के माध्यम से कोई भी पीड़ित व्यक्ति अब अपने घर बैठे-बैठे योग्य वकीलों से कानूनी परामर्श प्राप्त कर सकता है, जो कि पूरी तरह से मुफ्त है।"
ग्रामीणों की रही भारी उपस्थिति
टाटीझरिया के टाटी गांव में आयोजित इस पूरे विधिक साक्षरता कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों का व्यापक समर्थन देखने को मिला। शिविर में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे, जिन्होंने कानून की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से प्राधिकार के प्रशिक्षित अधिकार मित्र रोहितेश्वर प्रसाद, दिलीप कुमार एवं खुशबू कुमारी सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय भूमिका रही।
📋 न्यूज प्रहरी लीगल गाइड (Free Legal Aid & Helpline Context)
📌 जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA): जानिए कौन ले सकता है मुफ्त सरकारी वकील और कानूनी मदद?
- कौन हैं पात्र?: भारतीय कानून (NALSA) के अनुसार, महिलाएं, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के सदस्य, औद्योगिक श्रमिक, बच्चे, दिव्यांग जन और सालाना एक निश्चित आय से कम वाले सभी नागरिक मुफ्त कानूनी सहायता और सरकारी वकील पाने के हकदार हैं।
- मुफ्त वकील की प्रक्रिया: यदि आपका कोई मामला कोर्ट में चल रहा है या आप पर कोई मुकदमा है, तो आप जिला विधिक सेवा प्राधिकार (न्याय सदन) में एक साधारण आवेदन देकर अपने केस के लिए मुफ्त सरकारी वकील की मांग कर सकते हैं। वकील की पूरी फीस सरकार देती है।
- टोल फ्री नंबर 15100: यह राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर है। इस पर कॉल करके आप जमीन विवाद, पारिवारिक झगड़े, मजदूरी भुगतान या किसी भी आपराधिक मामले में शुरुआती कानूनी सलाह बिल्कुल मुफ्त ले सकते हैं।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: गांवों और चौराहों तक न्याय की दस्तक (Editorial)
कानूनी साक्षरता से ही थमेगा ग्रामीण इलाकों में अपराध और शोषण
हजारीबाग जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) द्वारा टाटीझरिया के टाटी गांव जैसे ग्रामीण अंचलों में 90 दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम चलाना न्याय को आम जनता के दरवाजे तक पहुंचाने जैसा है। भारत में आज भी एक बड़ी आबादी इसलिए न्याय से वंचित रह जाती है क्योंकि उन्हें अपने अधिकारों का पता नहीं होता या वे कोर्ट-कचहरी के खर्चों से डरते हैं।
प्रधान जिला न्यायाधीश धुर्व चंद्र मिश्रा और सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की यह पहल सराहनीय है कि वे अधिकार मित्रों को सीधे गांवों के चौक-चौराहों पर भेज रहे हैं। घरेलू हिंसा, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर ग्रामीण महिलाओं को जागरूक करना उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाएगा। टोल फ्री नंबर 15100 का प्रचार-प्रसार सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही वह जरिया है जिससे सुदूर ग्रामीण इलाकों का व्यक्ति सीधे न्याय व्यवस्था से जुड़ सकता है। जरूरत इस बात की है कि इन शिविरों के बाद जो आवेदन प्राधिकार को मिलते हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- समाचार स्रोत (Source): टाटी गांव, टाटीझरिया प्रखंड (हजारीबाग)

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