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Editor: Naresh Prasad Soni
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दारू थाना में मुहर्रम को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न: उपद्रवियों और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर होगी विधिक कार्रवाई

दारू थाना: मुहर्रम को लेकर 15 अखाड़ों को 7 कड़े निर्देश, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर जेल। थाना दिवस में जमीन विवादों पर धारा 126 लागू।
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दारू थाना में मुहर्रम को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न: उपद्रवियों और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर होगी विधिक कार्रवाई

"थाना दिवस में सीओ की मौजूदगी में सात जमीन विवादों की हुई विधिक समीक्षा; मुहर्रम जुलूस के लिए सभी 15 अखाड़ा अध्यक्षों को जारी हुई 7 सूत्री सख्त गाइडलाइन"— विशेष रिपोर्ट

क्राइम एवं प्रशासनिक ब्यूरो, हजारीबाग:

हजारीबाग जिले के दारू थाना परिसर में विधि-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने, आगामी मुहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और जमीन विवाद के लंबित मामलों के त्वरित विधिक निष्पादन के लिए शनिवार को दो महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकें आयोजित की गईं। आगामी मुहर्रम पर्व 2026 के मद्देनजर दारू थाना परिसर में शांति समिति की एक उच्च स्तरीय विधिक बैठक बुलाई गई। इसके साथ ही, थाना परिसर में आम जनता की भूमि संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए अंचल अधिकारी (CO) की गरिमामयी उपस्थिति में 'थाना दिवस' का आयोजन किया गया। इन दोनों प्रशासनिक कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना, यातायात व्यवस्था को सुगम रखना और विधिक नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना था।

दारू थाना में पुलिस का महा-आदेश! मुहर्रम जुलूस और सोशल मीडिया को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी।" 

थाना दिवस में जमीन विवादों की विधिक समीक्षा, अशांति फैलाने वालों पर बीएनएसएस की धारा 126 की कार्रवाई

​दारू थाना परिसर में आयोजित थाना दिवस के दौरान अंचल अधिकारी (दारू अंचल) और थाना प्रभारी की उपस्थिति में भूमि विवाद से जुड़े मामलों की गहन विधिक सुनवाई की गई। इस दौरान कुल 07 जमीन विवाद से संबंधित मामलों को दर्ज कर उन पर सुनवाई की गई, जिसमें से दोनों पक्षों के साक्ष्यों के आधार पर 02 मामलों का मौके पर ही विधिक निष्पादन कर दिया गया।

थाना दिवस में अंचल अधिकारी की मौजूदगी में जमीन विवाद के 7 मामलों की सुनवाई हुई, जिसमें 2 का ऑन-स्पॉट निपटारा किया गया।

वहीं, शेष अन्य सभी मामलों से जुड़े विवादित स्थलों और संबंधित व्यक्तियों पर पुलिस द्वारा चौबीसों घंटे पैनी नजर व विधिक निगरानी रखी जा रही है। क्षेत्र में हर हाल में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के हिंसक टकराव को रोकने के लिए चिन्हित अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।

  • दारू थाना में पुलिस का महा-आदेश! मुहर्रम जुलूस और सोशल मीडिया को लेकर सख्त गाइडलाइन जारी।" 
मुहर्रम 2026: सभी 15 लाइसेंसी अखाड़ा प्रमुखों को प्रशासन का कड़ा 7 सूत्री विधिक निर्देश

​आगामी मुहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण और मर्यादित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोजित शांति समिति की बैठक में क्षेत्र के सभी 15 लाइसेंसी अखाड़ों के अध्यक्ष, सचिव और सक्रिय सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित हुए। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी अखाड़ा कमेटियों को बिंदुवार विधिक दिशा-निर्देश दिए गए, जिन पर सभी उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से अपनी सहमति जताई। प्रशासन द्वारा जारी कड़े निर्देश इस प्रकार हैं:

  1. निर्धारित मार्ग का अनुपालन: मुहर्रम का जुलूस केवल पूर्व से विधिक रूप से निर्धारित और पारंपरिक मार्ग से ही निकाला जाएगा, किसी भी नए मार्ग के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  2. भड़काऊ भाषण और गानों पर रोक: जुलूस के दौरान डीजे या लाउडस्पीकर पर किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक नारे या सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले गानों के प्रयोग पर पूर्ण विधिक रोक रहेगी।
  3. सोशल मीडिया पर पैनी नजर: फेसबुक, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सएप या अन्य किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई भी अमर्यादित टिप्पणी या पोस्ट नहीं की जाएगी, जिससे किसी भी समुदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचे।
  4. फॉरवर्ड और लाइक करने पर जेल: सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक पोस्ट को लाइक, फॉरवर्ड, शेयर या कमेंट करने वाले लोगों को भी सह-आरोपी माना जाएगा और शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में उनके खिलाफ सीधे कानूनन कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
  5. यातायात नियम का पालन: मुख्य सड़कों पर जुलूस के गुजरने के दौरान रास्ता का प्रयोग केवल एक साइड से ही अनुशासित रूप में किया जाएगा ताकि आम जनता और आपातकालीन वाहनों को यातायात की कोई परेशानी न हो।
  6. वॉलंटियर्स की सूची और पासपोर्ट फोटो अनिवार्य: सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग के लिए सभी 15 अखाड़ा कमेटियों को अपने-अपने अखाड़े से 15-20 सक्रिय वॉलंटियर्स (स्वयंसेवकों) को चिन्हित कर उनकी सूची, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो थाने में अविलंब जमा करने का आदेश दिया गया है।
  7. अमर्यादित कार्यों पर विधिक रोक: जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार का अमर्यादित या गैर-विधिक कार्य न करते हुए पूर्ण अनुशासन बनाए रखने का निर्देश दिया गया है ताकि जिला पुलिस प्रशासन का सहयोग सही रूप में मिल सके।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव व विधिक गाइड (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं पुलिस नियमावली / Police Manual Rules)

​📌 जानिए थाना दिवस के नियमों और बीएनएसएस की धारा 126 के विधिक प्रावधान क्या हैं?

  • बीएनएसएस की धारा 126 (Section 126 BNSS): भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 (जो पूर्व में सीआरपीसी की धारा 107 थी) के तहत यदि स्थानीय पुलिस को यह अंदेशा होता है कि किसी व्यक्ति या जमीन विवाद के कारण क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है, तो कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष उसे एक निश्चित अवधि के लिए शांति बनाए रखने का बांड भरने (मुचलका बांड) के लिए विधिक रूप से विवश किया जाता है। इसका उल्लंघन करने पर सीधे गिरफ्तारी का प्रावधान है।
  • सोशल मीडिया और आईटी एक्ट की धाराएं: सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट को लाइक या फॉरवर्ड करना भी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें गैर-जमानती धाराओं के तहत जेल की सजा का विधिक प्रावधान है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: प्रशासनिक मुस्तैदी सराहनीय, लेकिन सोशल मीडिया के फेक न्यूज सिंडिकेट को रोकना बड़ी चुनौती (Editorial)

थाना दिवस में त्वरित निष्पादन और अखाड़ा कमेटियों को जारी 7 सूत्री गाइडलाइन सुरक्षा के लिहाज से बेहद सटीक कदम

दारू थाना परिसर में अंचल अधिकारी की उपस्थिति में थाना दिवस का आयोजन और जमीन विवादों पर सीधे धारा 126 के तहत विधिक कार्रवाई करना यह दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले हिंसक अपराधों की मुख्य जड़ (भूमि विवाद) पर प्रहार कर रहा है। सात में से दो मामलों का ऑन-स्पॉट निष्पादन एक सकारात्मक प्रशासनिक दृष्टिकोण है। हालांकि, 'न्यूज़ प्रहरी' का मानना है कि आगामी मुहर्रम त्योहार को लेकर जो 7 सूत्री कड़े निर्देश जारी किए गए हैं, उन्हें केवल कागजों या शांति समिति के रजिस्टरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाकों में व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए फैलने वाली अफवाहें और भड़काऊ गाने हैं। पुलिस को अखाड़ा कमेटियों द्वारा दिए जाने वाले वॉलंटियर्स की सूची का भौतिक सत्यापन करना होगा और रूट मार्च के दौरान संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों की तैनाती विधिक रूप से सुनिश्चित करनी होगी, तभी दारू अंचल में शांति व्यवस्था अक्षुण्ण रह पाएगी।

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