-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter

उपायुक्त हेमंत सती का कड़ा रुख: हजारीबाग में प्रवासी मजदूरों और असंगठित श्रमिकों के निबंधन के लिए चलेगा विशेष अभियान; सारथी योजना से 10,000 युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण

हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती का आदेश: 3 जुलाई को लगेगा रोजगार मेला, 10,000 युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण। पढ़ें इन-डेप्थ रिपोर्ट।
0

हजारीबाग समाहरणालय समीक्षा बैठक: 3 जुलाई के रोजगार मेला का व्यापक प्रचार करने का उपायुक्त का आदेश; स्थानीय भर्ती कैंपों में लोकल युवाओं को प्राथमिकता देने की रणनीति तैयार

"जिले में अब तक 57,625 असंगठित श्रमिक और 17,000 प्रवासी मजदूर निबंधित, श्रम कल्याण योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता"— उपायुक्त

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन, हजारीबाग

हजारीबाग:

हजारीबाग के समाहरणालय सभागार में श्रम एवं नियोजन विभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती ने की। इस दौरान जिले में श्रम विभाग तथा नियोजन विभाग द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और अब तक की प्रशासनिक उपलब्धियों की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे जिले के युवाओं, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और प्रवासी मजदूरों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभागीय स्तर पर युद्ध स्तर पर कार्य करें।

📝 मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा: जिले में 57,625 असंगठित श्रमिक और 17,000 प्रवासी मजदूर पंजीकृत; शेष पात्र लोगों को जोड़ने के लिए प्रशासन चलाएगा विशेष कैंप।

​समीक्षा के क्रम में उपायुक्त हेमंत सती ने श्रम विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले प्रवासी मजदूरों के सरकारी पोर्टल पर निबंधन (रजिस्ट्रेशन) कार्य में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक संख्या में योग्य और जरूरतमंद श्रमिकों को विभागीय योजनाओं से जोड़कर उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

लाखों श्रमिकों तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ, चलेगा विशेष अभियान

​बैठक में उपस्थित श्रम अधीक्षक ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जानकारी दी कि हजारीबाग जिले में अब तक कुल 57,625 असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा 17,000 प्रवासी मजदूरों का सफलतापूर्वक सरकारी निबंधन किया जा चुका है। इस आंकड़े पर संतोष जताते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में कोई भी पात्र श्रमिक इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे, इसके लिए शेष बचे सभी योग्य श्रमिकों के निबंधन हेतु ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही उन्होंने श्रमिकों के कल्याणार्थ संचालित सभी सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया, ताकि अंतिम पायदान पर खड़े पात्र लाभुक इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठा सकें।

3 जुलाई को मेगा रोजगार मेला, 10,000 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण का महालक्ष्य

​बैठक के दूसरे चरण में नियोजन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने आगामी 3 जुलाई को हजारीबाग में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय रोजगार मेला (Mega Job Fair) की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि इस रोजगार मेला का व्यापक स्तर पर डिजिटल, प्रिंट और लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाए। जिले के सुदूरवर्ती गांवों में रहने वाले रोजगार एवं कौशल की तलाश कर रहे युवाओं तक समय रहते इसकी जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

​नियोजन पदाधिकारी ने बताया कि जिला नियोजन कार्यालय में अब तक 2,905 बेरोजगार युवाओं का निबंधन किया गया है। उपायुक्त ने इस संख्या को नाकाफी बताते हुए निबंधन की संख्या को तेजी से बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के कुल 10,000 युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत झारखंड मुख्यमंत्री सारथी योजना एवं जेएसएलपीएस (JSLPS) के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक और बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उन्हें पूर्णतः कौशलयुक्त (Skilled) बनाया जाएगा। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि नियोजन कार्यालय द्वारा समय-समय पर आयोजित होने वाले निजी क्षेत्र के भर्ती कैंपों (Recruitment Camps) में हजारीबाग के स्थानीय युवाओं को पूरी प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसरों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रम अधीक्षक बसंत महतो और जिला नियोजन पदाधिकारी अवधेश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (Labour Rights & Employment Portal Schemes)

​📌 श्रमिक निबंधन और मुख्यमंत्री सारथी योजना: जानिए आपके काम की सरकारी योजनाएं

  • असंगठित श्रमिक और प्रवासी मजदूर निबंधन: ई-श्रम (e-Shram) या राज्य श्रम पोर्टल पर निबंधन कराने से श्रमिकों को दुर्घटना बीमा, चिकित्सा सहायता, और बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ (DBT) मिलता है। प्रवासी मजदूरों की मृत्यु या दुर्घटना की स्थिति में राज्य सरकार विशेष अनुग्रह राशि प्रदान करती है।
  • झारखंड मुख्यमंत्री सारथी योजना (Jharkhand CM Sarthi Yojna): इस योजना के तहत राज्य के युवाओं को निशुल्क तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण (Skill Training) दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को भत्ता भी दिया जाता है तथा सफल प्रशिक्षण के बाद रोजगार मेलों के माध्यम से प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट कराया जाता है।
  • नियोजन कार्यालय निबंधन (Employment Exchange Registration): प्रत्येक बेरोजगार युवा का जिला नियोजन कार्यालय में निबंधन होना अनिवार्य है। इसी निबंधन के आधार पर ही युवाओं को जिला स्तरीय भर्ती कैंपों और रोजगार मेलों में शामिल होने का वैध अवसर प्राप्त होता है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन और श्रमिकों की सुरक्षा ही आत्मनिर्भरता की कुंजी (Editorial)

कौशल विकास का 10,000 का लक्ष्य और 3 जुलाई का रोजगार मेला: युवाओं के सपनों को पंख देने की प्रशासनिक पहल

हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में हुई श्रम एवं नियोजन विभाग की यह समीक्षा बैठक जिला विकास के दृष्टिकोण से अत्यंत दूरगामी और स्वागत योग्य है। हजारीबाग जैसे जिले से हर साल हजारों की संख्या में असंगठित मजदूर और युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों या महानगरों की ओर पलायन करते हैं। ऐसे में जिले के भीतर ही 17,000 प्रवासी मजदूरों का निबंधन होना यह दर्शाता है कि हमारे पास श्रम शक्ति का एक बड़ा डेटा उपलब्ध है। अब चुनौती इन पंजीकृत मजदूरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और पेंशन लाभों से स्थाई रूप से जोड़ने की है।

दूसरी तरफ, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किया गया 10,000 युवाओं को मुख्यमंत्री सारथी योजना और जेएसएलपीएस के जरिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य बेहद प्रगतिशील है। आज के दौर में केवल डिग्री होना काफी नहीं है, जब तक युवाओं के हाथों में कोई हुनर (कौशल) नहीं होगा, तब तक वे बेरोजगारी के दंश से मुक्त नहीं हो सकते। उपायुक्त का यह निर्देश कि निजी कंपनियों के भर्ती कैंपों में स्थानीय युवाओं को शत-प्रतिशत प्राथमिकता दी जाए, स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा कदम है। 3 जुलाई को होने वाले रोजगार मेले की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नियोजन विभाग इसका कितना व्यापक प्रचार सुदूरवर्ती बड़कागांव, कटकमसांडी, या दारू जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में कर पाता है, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के हुनरमंद युवाओं को भी औद्योगिक घरानों में सम्मानजनक रोजगार मिल सके।

और पढ़ें :हजारीबाग: दारू थाना क्षेत्र में एनएच 522 पर थमेगी सड़क दुर्घटनाओं की रफ्तार; ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा कर जिला परिवहन पदाधिकारी को सौंपी गई रिपोर्ट, जल्द मिलेंगे सुरक्षा उपकरण


No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972