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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग के सभी 16 प्रखंडों में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का महा-अभियान: 90 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को दी गई कानून की जानकारी

हजारीबाग: 16 प्रखंडों में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का जागरूकता अभियान। घरेलू हिंसा, पॉक्सो कानून और मुफ्त कानूनी सहायता की दी जानकारी।
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हजारीबाग के सभी 16 प्रखंडों में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का महा-अभियान: 90 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को दी गई कानून की जानकारी

"बरही के कोल्हू कलां सहित कई पंचायतों में शिविर आयोजित; डीएलएसए सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की मॉनिटरिंग में टोल फ्री हेल्पलाइन और मुफ्त कानूनी मदद पर चर्चा"— विशेष रिपोर्ट

हजारीबाग:

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राँची) के दिशा-निर्देश पर हजारीबाग जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों तक कानूनी साक्षरता पहुंचाने और आम नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) हजारीबाग के बैनर तले रविवार, 14 जून 2026 को जिले के सभी 16 प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों में 90 दिवसीय कानूनी जागरूकता आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीएलएसए सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की सीधी मॉनिटरिंग में आयोजित इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अदालत और न्याय प्रणाली से जोड़ना है।

Hazaribagh DLSA Legal Awareness Campaign

घरेलू हिंसा, पॉक्सो और डायन प्रथा जैसे गंभीर कानूनों पर ग्रामीणों को किया सजग

इस महा-अभियान के तहत बरही प्रखंड अंतर्गत कोल्हू कलां पंचायत सहित विभिन्न क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए गए। कार्यक्रम में प्राधिकार द्वारा प्रशिक्षित अधिकार मित्रों (पीएलवी) ने संयुक्त रूप से ग्रामीणों को संबोधित किया। इस दौरान समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम, डायन भूत प्रतिषेध अधिनियम, नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान, यौन शोषण, पॉक्सो (POCSO) एक्ट, मोटर व्हीकल कानून और बाल श्रम उन्मूलन से संबंधित कड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को बताया कि अज्ञानता के कारण लोग अक्सर कानून के उल्लंघन के मामलों में फंस जाते हैं, इसलिए नियमों को जानना बेहद जरूरी है।

न्याय सदन में मिलेगा त्वरित और मुफ्त समाधान, आपसी सहमति से सुलझेंगे विवाद

शिविर के दौरान ग्रामीणों को यह समझाया गया कि आपसी छोटे-मोटे विवादों को पुलिस थाना या अदालती मुकदमों में खींचने के बजाय बातचीत के माध्यम से आसानी से निपटाया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि हजारीबाग स्थित 'न्याय सदन' एक ऐसी जगह है जहां पूरी तरह त्वरित और निशुल्क कार्य किया जाता है। यहाँ प्रत्येक दिन दोनों पक्षों की उपस्थिति में आपसी समन्वय बनाकर सुलहनीय वादों का निपटारा किया जाता है, जिससे किसी भी पक्ष की हार नहीं होती बल्कि दोनों पक्षों की जीत सुनिश्चित होती है। प्राधिकार द्वारा जरूरत पड़ने पर गरीब और असहाय वादकारियों को पूरी तरह निशुल्क अधिवक्ता (वकील) भी उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही समय-समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत एवं मासिक लोक अदालत का आयोजन कर मुकदमों को हमेशा के लिए समाप्त किया जा रहा है।

हेल्पलाइन नंबर 15100 और 1930 के बारे में दी गई विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाली तमाम कल्याणकारी सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए सरकारी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 और साइबर अपराधों की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के तरीकों के बारे में बताया गया। प्राधिकार ने अपील की कि किसी भी प्रकार के शोषण या कानूनी संकट की स्थिति में नागरिक इन नंबरों पर सीधे संपर्क कर सकते हैं। इस व्यापक आउटरीच कार्यक्रम को सफल बनाने में हजारीबाग डीएलएसए में कार्यरत सभी अधिकार मित्रों ने अपनी सक्रिय और अहम भूमिका निभाई।

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